{"_id":"578fc74a4f1c1b6949c4b9b3","slug":"the-woman-gave-birth-in-the-hospital-gallery","type":"story","status":"publish","title_hn":"अस्पताल की गैलरी में महिला ने दिया बच्चे को जन्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अस्पताल की गैलरी में महिला ने दिया बच्चे को जन्म
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Thu, 21 Jul 2016 12:17 AM IST
विज्ञापन
बेड़ीनाग पीएचसी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांधला। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की गैलरी में ही महिला ने बच्चे को जन्म दिया। परिजनों ने महिला चिकित्सक और स्टाफ नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
मोहल्ला रायजादगान निवासी इमराना पत्नी मुस्तकीम को मंगलवार शाम प्रसव पीड़ा होने लगी। परिजन उसको कांधला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आए। अस्पताल में तैनात महिला चिकित्सक और स्टाफ नर्स ने महिला का चेकअप करने के बाद सुबह सात बजे अस्पताल लाने की बात कहकर टरका दिया। महिला की हालत खराब होने के चलते परिजनों ने घर जाने से मना कर दिया, लेकिन उसे भर्ती नहीं किया गया। इस कारण महिला ने रात्रि में अस्पताल की गैलरी में ही नवजात को जन्म दे दिया। इसके लेकर परिजनों ने हंगामा किया।
चिकित्सा प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत करते हुए नर्स व महिला चिकित्सक को हड़काया। उसके बाद महिला को अस्पताल में भर्ती किया गया।
कस्बे के राजकीय अस्पताल में इससे पूर्व भी इस प्रकार की कई घटनाएं हो चुकी हैं। इदरीश बेग बिहार कालोनी निवासी महिला बानो को खून की कमी बताते हुए अस्पताल से टरका दिया था। एक अन्य विस्थापित महिला गुलसाना पत्नी हनीफ निवासी फुगाना ने भी महिला चिकित्सकों की लापरवाही के कस्बे के छोटी नहर पटरी पर नवजात को जन्म दिया था। चिकित्सा प्रभारी डाॅ. कांती प्रसाद का कहना है कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है।
विज्ञापन
उधर, सूचना पर डिप्टी सीएमओ सुशील कुमार भी जांच करने मंगलवार को सीएचसी पहुंचे। जांच पूरी होने पर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
विज्ञापन
मोहल्ला रायजादगान निवासी इमराना पत्नी मुस्तकीम को मंगलवार शाम प्रसव पीड़ा होने लगी। परिजन उसको कांधला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आए। अस्पताल में तैनात महिला चिकित्सक और स्टाफ नर्स ने महिला का चेकअप करने के बाद सुबह सात बजे अस्पताल लाने की बात कहकर टरका दिया। महिला की हालत खराब होने के चलते परिजनों ने घर जाने से मना कर दिया, लेकिन उसे भर्ती नहीं किया गया। इस कारण महिला ने रात्रि में अस्पताल की गैलरी में ही नवजात को जन्म दे दिया। इसके लेकर परिजनों ने हंगामा किया।
विज्ञापन
चिकित्सा प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत करते हुए नर्स व महिला चिकित्सक को हड़काया। उसके बाद महिला को अस्पताल में भर्ती किया गया।
कस्बे के राजकीय अस्पताल में इससे पूर्व भी इस प्रकार की कई घटनाएं हो चुकी हैं। इदरीश बेग बिहार कालोनी निवासी महिला बानो को खून की कमी बताते हुए अस्पताल से टरका दिया था। एक अन्य विस्थापित महिला गुलसाना पत्नी हनीफ निवासी फुगाना ने भी महिला चिकित्सकों की लापरवाही के कस्बे के छोटी नहर पटरी पर नवजात को जन्म दिया था। चिकित्सा प्रभारी डाॅ. कांती प्रसाद का कहना है कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है।
विज्ञापन
उधर, सूचना पर डिप्टी सीएमओ सुशील कुमार भी जांच करने मंगलवार को सीएचसी पहुंचे। जांच पूरी होने पर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।