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धरने पर आठवें दिन पहुंचे अधिकारी, वार्ता रही बेनतीजा
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बाबरी क्षेत्र के गांव बुटराडा में धरने पर बैठे किसान।
- फोटो : SHAMLI
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के मुआवजे को लेकर जारी धरने पर आठवें दिन बृहस्पतिवार को एडीएम संतोष कुमार और एसडीएम विशु राजा किसानों के बीच पहुंचे। इस दौरान किसानों ने एक प्रोजेक्ट एक रेट की तर्ज पर मुआवजे की मांग की। इसके चलते दोनों पक्षों की वार्ता बेनतीजा रही।
बुटराड़ा गांव में धरनास्थल पर एडीएम ने किसानों से धरना समाप्त करने का आग्रह किया। साथ ही छोटी-मोटी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। कहा कि मुआवजे का मामला शासन स्तर का है। जिस पर किसानों ने कहा कि शासन को भेज दीजिए किसान धरने पर बैठे रहेंगे। जब तक मुआवजे का समाधान नहीं होता तब तक किसी और मुद्दे पर भी बात नहीं होगी। किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों से धरनास्थल पर चिकित्सा, पेयजल, सुरक्षा और बिजली व्यवस्था की मांग की। साथ ही कहा कि जब तक समस्याओं का समाधान नहीं होता तब तक पूरे जिले में कहीं पर भी कोई काम न किया जाए। किसानों ने सात दिन का समय प्रशासनिक अधिकारियों को दिया।
वहीं, धरना स्थल पर 24 अगस्त की महापंचायत के बारे में भी विमर्श किया गया। शुक्रवार को पंचायत की व्यवस्था के लिए कमेटी गठित करने का निर्णय किया। धरने की अध्यक्षता चौधरी ऋषिपाल सिंह खानपुर ने की। धरनास्थल पर बाबा श्याम सिंह मलिक, मुजफ्फरनगर से जिला पंचायत सदस्य अमरकांत मलिक, स्वाभिमान भारतीय किसान मजदूर सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज सरोहा, भारतीय किसान यूनियन तोमर के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राममेहर फौजी, बाबूराम पंवार, सतवीर मूंछ, पप्पू मलिक, अनुज प्रधान मौजूद रहे।
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शामली। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के मुआवजे को लेकर जारी धरने पर आठवें दिन बृहस्पतिवार को एडीएम संतोष कुमार और एसडीएम विशु राजा किसानों के बीच पहुंचे। इस दौरान किसानों ने एक प्रोजेक्ट एक रेट की तर्ज पर मुआवजे की मांग की। इसके चलते दोनों पक्षों की वार्ता बेनतीजा रही।
बुटराड़ा गांव में धरनास्थल पर एडीएम ने किसानों से धरना समाप्त करने का आग्रह किया। साथ ही छोटी-मोटी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। कहा कि मुआवजे का मामला शासन स्तर का है। जिस पर किसानों ने कहा कि शासन को भेज दीजिए किसान धरने पर बैठे रहेंगे। जब तक मुआवजे का समाधान नहीं होता तब तक किसी और मुद्दे पर भी बात नहीं होगी। किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों से धरनास्थल पर चिकित्सा, पेयजल, सुरक्षा और बिजली व्यवस्था की मांग की। साथ ही कहा कि जब तक समस्याओं का समाधान नहीं होता तब तक पूरे जिले में कहीं पर भी कोई काम न किया जाए। किसानों ने सात दिन का समय प्रशासनिक अधिकारियों को दिया।
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वहीं, धरना स्थल पर 24 अगस्त की महापंचायत के बारे में भी विमर्श किया गया। शुक्रवार को पंचायत की व्यवस्था के लिए कमेटी गठित करने का निर्णय किया। धरने की अध्यक्षता चौधरी ऋषिपाल सिंह खानपुर ने की। धरनास्थल पर बाबा श्याम सिंह मलिक, मुजफ्फरनगर से जिला पंचायत सदस्य अमरकांत मलिक, स्वाभिमान भारतीय किसान मजदूर सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज सरोहा, भारतीय किसान यूनियन तोमर के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राममेहर फौजी, बाबूराम पंवार, सतवीर मूंछ, पप्पू मलिक, अनुज प्रधान मौजूद रहे।
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