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Shamli News: दमकल विभाग की कहानी...38 कर्मी, चार गाड़ियां, उधार का पानी
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शामली का फायर स्टेशन । संवाद
- फोटो : udhampur news
शामली। जिले में आबादी के साथ आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन दमकल विभाग के पास संसाधन सीमित हैं। इस वक्त 15 लाख की आबादी है लेकिन आग बुझाने के लिए दमकल विभाग में केवल चार वाहन और 38 कर्मचारी हैं। यहां तक की पानी के इंतजाम के लिए भी खुद का इंतजाम नहीं है। शुगर मिल, जिला अस्पताल या फिर नगरपालिका के नलकूप से दमकल वाहन पानी भरते हैं।
तापमान बढ़ने के साथ ही जिले में आग लगने की घटनाएं बढ़ रही है। गेहूं कटाई के सीजन में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, लेकिन दमकल विभाग स्टाफ और संसाधनों की कमी है। जिले में लगभग 15 लाख की आबादी की जिम्मेदारी सीएफओ और एफएसएसओ समेत 38 कर्मियों पर है। संसाधनों में दो बड़ी व दो छोटी कुल चार गाड़ियां है।
जिले में अस्पताल रोड पर शहर कोतवाली के निकट दमकल विभाग का कार्यालय है। यहां पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी, एफएसएसओ, 27 फायरमैन, चार चालक, पांच लीडिंग फायरमैन है। संसाधनों में पांच-पांच हजार लीटर क्षमता की दो बड़ी गाड़ी व 400-400 लीटर की दो छोटी गाड़ियां है। जिला मुख्यालय पर फायर स्टेशन शामली में एक बड़ी गाड़ी को रखा गया है जबकि एक छोटी गाड़ी को ब्लाक रोड पर खड़ा किया गया है।
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एक बड़ी गाड़ी को कैराना व एक छोटी गाड़ी को ऊन तहसील मुख्यालय पर खड़ा किया गया है। हालत यह है कि जिले में यदि कहीं पर आग लगने की बड़ी घटना होती है तो मौके पर दमकल की गाड़ी को पहुंचने में समय लगता है, जब तक काफी नुकसान हो जाता है। एफएसएसओ सतेंद्र कुमार का कहना है कि मौजूद स्टाफ और संसाधनों से ही मौके पर पहुंचकर आग पर जल्द से जल्द काबू पाने की कोशिश की जाती है।
n तहसील मुख्यालय पर दमकल केंद्र की जरूरत : जिले की आबादी व क्षेत्रफल को देखते हुए मुख्यालय के अलावा कैराना और ऊन में दमकल केंद्र की जरूरत है। नए दमकल केंद्र बनने पर संसाधन और स्टाफ बढ़ेगा। इससे आग लगने पर समय रहते आग पर काबू भी पाया जा सकेगा। नए दमकल केंद्र के लिए पिछले साल कंडेला और भैंसवाल में पुलिस लाइन के पास भूमि चिह्नित कर इसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
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तापमान बढ़ने के साथ ही जिले में आग लगने की घटनाएं बढ़ रही है। गेहूं कटाई के सीजन में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, लेकिन दमकल विभाग स्टाफ और संसाधनों की कमी है। जिले में लगभग 15 लाख की आबादी की जिम्मेदारी सीएफओ और एफएसएसओ समेत 38 कर्मियों पर है। संसाधनों में दो बड़ी व दो छोटी कुल चार गाड़ियां है।
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जिले में अस्पताल रोड पर शहर कोतवाली के निकट दमकल विभाग का कार्यालय है। यहां पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी, एफएसएसओ, 27 फायरमैन, चार चालक, पांच लीडिंग फायरमैन है। संसाधनों में पांच-पांच हजार लीटर क्षमता की दो बड़ी गाड़ी व 400-400 लीटर की दो छोटी गाड़ियां है। जिला मुख्यालय पर फायर स्टेशन शामली में एक बड़ी गाड़ी को रखा गया है जबकि एक छोटी गाड़ी को ब्लाक रोड पर खड़ा किया गया है।
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एक बड़ी गाड़ी को कैराना व एक छोटी गाड़ी को ऊन तहसील मुख्यालय पर खड़ा किया गया है। हालत यह है कि जिले में यदि कहीं पर आग लगने की बड़ी घटना होती है तो मौके पर दमकल की गाड़ी को पहुंचने में समय लगता है, जब तक काफी नुकसान हो जाता है। एफएसएसओ सतेंद्र कुमार का कहना है कि मौजूद स्टाफ और संसाधनों से ही मौके पर पहुंचकर आग पर जल्द से जल्द काबू पाने की कोशिश की जाती है।
n तहसील मुख्यालय पर दमकल केंद्र की जरूरत : जिले की आबादी व क्षेत्रफल को देखते हुए मुख्यालय के अलावा कैराना और ऊन में दमकल केंद्र की जरूरत है। नए दमकल केंद्र बनने पर संसाधन और स्टाफ बढ़ेगा। इससे आग लगने पर समय रहते आग पर काबू भी पाया जा सकेगा। नए दमकल केंद्र के लिए पिछले साल कंडेला और भैंसवाल में पुलिस लाइन के पास भूमि चिह्नित कर इसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ।

शामली का फायर स्टेशन । संवाद- फोटो : udhampur news