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स्वयंसेवकों ने दिया जल संरक्षण का नारा
शामली/ ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Sun, 21 Feb 2016 01:14 AM IST
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शामली। राष्ट्रीय किसान पीजी कॉलेज के राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर में दूसरे दिन विद्यार्थी जीवन में एनएसएस की उपयोगिता पर प्रकाश डाला गया।
करनाल रोड स्थित प्राकृतिक चिकित्सालय में चल रहे शिविर के दूसरे दिन की शुरुआत सरस्वती वंदना के साथ हुई। कार्यक्रम के प्रथम चरण में कार्यक्रम अधिकारी डा. मनोज बालियान ने एनएसएस की विद्यार्थी जीवन में उपयोगिता और एनएसएस के इतिहास पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि एनएसएस में जो प्रतीक चिन्ह हैं, वह कोणार्क के प्रसिद्ध मंदिर पर स्थित रथ के पहिये से लिया गया है। कार्यक्रम के द्वितीय चरण में प्रोफेसर आरपी सिंह ने स्वयंसेवकों को स्वस्थ कैसे रहे विषय को समझाया और कहा कि प्रकृति से जुड़कर मनुष्य अनेक प्रकार के तनावों से मुक्ति पा सकता है।
कार्यक्रम के अंतिम सत्र में डा. मनोज बालियान के निर्देशन में सभी स्वयंसेवकों ने जल संरक्षण विषय पर परिचर्चा की ओर प्राकृतिक चिकित्सालय के सामने नारे लगाकर रैली निकाली। स्वयंसेवकों ने समझाया कि जल संरक्षण कीजिए, जल जीवन का सार, जल न रहे यदि जगत में जीवन है बेकार। जल ही सोना जल ही हीरा, सुन लो बहनों सुन लो सब वीरा।
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करनाल रोड स्थित प्राकृतिक चिकित्सालय में चल रहे शिविर के दूसरे दिन की शुरुआत सरस्वती वंदना के साथ हुई। कार्यक्रम के प्रथम चरण में कार्यक्रम अधिकारी डा. मनोज बालियान ने एनएसएस की विद्यार्थी जीवन में उपयोगिता और एनएसएस के इतिहास पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि एनएसएस में जो प्रतीक चिन्ह हैं, वह कोणार्क के प्रसिद्ध मंदिर पर स्थित रथ के पहिये से लिया गया है। कार्यक्रम के द्वितीय चरण में प्रोफेसर आरपी सिंह ने स्वयंसेवकों को स्वस्थ कैसे रहे विषय को समझाया और कहा कि प्रकृति से जुड़कर मनुष्य अनेक प्रकार के तनावों से मुक्ति पा सकता है।
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कार्यक्रम के अंतिम सत्र में डा. मनोज बालियान के निर्देशन में सभी स्वयंसेवकों ने जल संरक्षण विषय पर परिचर्चा की ओर प्राकृतिक चिकित्सालय के सामने नारे लगाकर रैली निकाली। स्वयंसेवकों ने समझाया कि जल संरक्षण कीजिए, जल जीवन का सार, जल न रहे यदि जगत में जीवन है बेकार। जल ही सोना जल ही हीरा, सुन लो बहनों सुन लो सब वीरा।
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