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बच्चे कम आने की वजह से नहीं चल पाई दूसरी पाली
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झिंझाना। कोरोना संक्रमण के कारण करीब पांच महीने बाद कक्षा एक से कक्षा 5 तक के बच्चे स्कूलों में पहुंचे। मगर अधिकांश स्कूलों में बच्चे कम आने की वजह से अधिकांश विद्यालयों में दूसरी पाली नहीं चल सकी। खराब मौसम भी इसका कारण माना जा रहा है।
एसडीएस विद्यालय के प्रिंसिपल सतीश भटनागर ने बताया कि कोरोना की वजह से आज करीब 40 प्रतिशत बच्चे ही आ पाए हैं। बच्चे कम आने की वजह से दूसरी पाली चलाना संभव नहीं हुआ। डीएवी स्कूल के प्रबंधक आशीष मित्तल का कहना है कि उनके विद्यालय में करीब 35 प्रतिशत बच्चे पहुंचे, वे इसका मुख्य कारण मौसम की खराबी मानते हैं। उन्होंने बताया कि विद्यालय के गेट पर ही सैनिटाइजर और हाथ धोने को साबुन रख दिया गया है, कोविड गाइड लाइन का पूरी तरह से पालन कराया जा रहा है । नाला पटरी पर स्थित संत आसाराम स्कूल के सहायक प्रबंधक तरुण शर्मा ने बताया कि उनके विद्यालय में करीब 15 प्रतिशत बच्चे ही आए। म्यान कस्बा विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल कुमार वर्मा ने बताया या 60 प्रतिशत तक बच्चे आए हैं और मिड डे मील की भी सुविधा शुरू कर दी गई है।
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बच्चों में नजर आया उत्साह
जलालाबाद। करीब पांच माह बाद स्कूल पहुंचे बच्चों में उत्साह नजर आया। हालांकि सुबह से मौसम की बूंदाबांदी होती रही। बारिश के प्रभाव से बच्चों की उपस्थिति कम रही। कोरोना गाइडलाइन के निर्देशों के अनुरूप प्रधानाध्यापकों, स्कूल संचालकों ने थर्मल स्क्रीनिंग, मास्क, सैनिटाइजेशन के साथ बच्चों को कक्षाओं में अध्ययन कराया। बच्चे मास्क लगाकर कक्षा में अध्ययन करते रहे। कस्बे के प्राइमरी स्कूल नंबर एक की प्रधानाध्यापिका ममता रानी ने बताया कि पहले दिन स्कूलों में बच्चों की संख्या अधिक नहीं रही है। अभिभावकों से सहमति पत्र लिए जा रहे हैं। संवाद
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एसडीएस विद्यालय के प्रिंसिपल सतीश भटनागर ने बताया कि कोरोना की वजह से आज करीब 40 प्रतिशत बच्चे ही आ पाए हैं। बच्चे कम आने की वजह से दूसरी पाली चलाना संभव नहीं हुआ। डीएवी स्कूल के प्रबंधक आशीष मित्तल का कहना है कि उनके विद्यालय में करीब 35 प्रतिशत बच्चे पहुंचे, वे इसका मुख्य कारण मौसम की खराबी मानते हैं। उन्होंने बताया कि विद्यालय के गेट पर ही सैनिटाइजर और हाथ धोने को साबुन रख दिया गया है, कोविड गाइड लाइन का पूरी तरह से पालन कराया जा रहा है । नाला पटरी पर स्थित संत आसाराम स्कूल के सहायक प्रबंधक तरुण शर्मा ने बताया कि उनके विद्यालय में करीब 15 प्रतिशत बच्चे ही आए। म्यान कस्बा विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल कुमार वर्मा ने बताया या 60 प्रतिशत तक बच्चे आए हैं और मिड डे मील की भी सुविधा शुरू कर दी गई है।
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बच्चों में नजर आया उत्साह
जलालाबाद। करीब पांच माह बाद स्कूल पहुंचे बच्चों में उत्साह नजर आया। हालांकि सुबह से मौसम की बूंदाबांदी होती रही। बारिश के प्रभाव से बच्चों की उपस्थिति कम रही। कोरोना गाइडलाइन के निर्देशों के अनुरूप प्रधानाध्यापकों, स्कूल संचालकों ने थर्मल स्क्रीनिंग, मास्क, सैनिटाइजेशन के साथ बच्चों को कक्षाओं में अध्ययन कराया। बच्चे मास्क लगाकर कक्षा में अध्ययन करते रहे। कस्बे के प्राइमरी स्कूल नंबर एक की प्रधानाध्यापिका ममता रानी ने बताया कि पहले दिन स्कूलों में बच्चों की संख्या अधिक नहीं रही है। अभिभावकों से सहमति पत्र लिए जा रहे हैं। संवाद
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