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Shamli News: बैंक गबन प्रकरण में कर्मचारियों-अधिकारियों की भूमिका पर भी शक
Fri, 19 Jun 2026 12:14 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 19 Jun 2026 12:14 AM IST
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जलालाबाद। पंजाब नेशनल बैंक शाखा में सामने आए करोड़ों रुपये के गबन मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे बैंक के अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ रही है। पुलिस ने पूरे प्रकरण की गहराई से जांच शुरू कर दी है।
बैंक मित्र अंकुर सैनी पर सैकड़ों खाताधारकों की मेहनत की कमाई से जुड़े लगभग 2 करोड़ रुपये से अधिक के गबन का आरोप है। लंबे समय तक चले इस घोटाले के खुलासे के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी बड़ी रकम का लेनदेन और हेराफेरी बिना किसी आंतरिक जानकारी या सहयोग के कैसे संभव हो सकी।
पुलिस ने बैंक से संबंधित सीसीटीवी फुटेज, खातों के रिकॉर्ड और लेनदेन से जुड़े दस्तावेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है और दोषी पाए जाने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
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पीड़ितों की आपबीती—मेहनत की कमाई चली गई
नूरजहां (काशीराम कॉलोनी) ने बताया कि बच्चे की शादी के लिए जमा किए गए करीब 5 लाख रुपये खाते में नहीं मिल रहे हैं।विमलेश ने बताया मजदूरी कर-करके जोड़े गए 50 हजार रुपये खाते में जमा हीं नहीं हुए। कामेश (मंडी भास्करगंज) के अनुसार 1.25 लाख रुपये बैंक मित्र को जमा करने के लिए दिए गए थे, जो खाते में दर्ज नहीं हुए। उषा भटनागर ने बताया कि खेतों में मजदूरी कर भविष्य के लिए जोड़े गए 1.08 लाख रुपये भी खाते से गायब पाए गए।
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बैंक मित्र अंकुर सैनी पर सैकड़ों खाताधारकों की मेहनत की कमाई से जुड़े लगभग 2 करोड़ रुपये से अधिक के गबन का आरोप है। लंबे समय तक चले इस घोटाले के खुलासे के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी बड़ी रकम का लेनदेन और हेराफेरी बिना किसी आंतरिक जानकारी या सहयोग के कैसे संभव हो सकी।
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पुलिस ने बैंक से संबंधित सीसीटीवी फुटेज, खातों के रिकॉर्ड और लेनदेन से जुड़े दस्तावेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है और दोषी पाए जाने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
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पीड़ितों की आपबीती—मेहनत की कमाई चली गई
नूरजहां (काशीराम कॉलोनी) ने बताया कि बच्चे की शादी के लिए जमा किए गए करीब 5 लाख रुपये खाते में नहीं मिल रहे हैं।विमलेश ने बताया मजदूरी कर-करके जोड़े गए 50 हजार रुपये खाते में जमा हीं नहीं हुए। कामेश (मंडी भास्करगंज) के अनुसार 1.25 लाख रुपये बैंक मित्र को जमा करने के लिए दिए गए थे, जो खाते में दर्ज नहीं हुए। उषा भटनागर ने बताया कि खेतों में मजदूरी कर भविष्य के लिए जोड़े गए 1.08 लाख रुपये भी खाते से गायब पाए गए।