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Shamli News: सीमा विवाद की भेंट चढ़ा मेरठ-करनाल हाईवे को जोड़ने वाला मार्ग
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फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
झिंझाना। कस्बे को मेरठ करनाल हाईवे से जोड़ने वाला मार्ग नगर पंचायत और ग्राम पंचायत के बीच में फंसे सीमा विवाद की भेंट चढ़ रहा है, जबकि तत्कालीन चेयरमैन सरफराज खान द्वारा नगर पंचायत की आदर्श योजना के तहत मार्ग का निर्माण कराया गया था, लेकिन लगभग सौ मीटर का टुकड़ा विवाद के चलते नहीं बन पाया। जिसको लेकर लोगों में अधिकारियों के प्रति आक्रोश पनप रहा है।
कस्बे के डेरी चौक से ईदगाह एवं कस्बे को मेरठ करनाल हाईवे को जोड़ने वाले लिंक मार्ग में लगभग सौ मीटर का टुकड़ा बदहाल है। यह मार्ग जमालपुर ग्राम पंचायत के रकबे में आता है, लेकिन लगभग दस वर्ष पूर्व तत्कालीन चेयरमैन सरफराज खान द्वारा इस मार्ग का निर्माण आदर्श नगर योजना के तहत कराया था। मार्ग की चौड़ाई को लेकर कस्बा निवासी दो लोगों द्वारा विरोध कर दिया था। जिसके चलते लगभग सौ मीटर मार्ग बन नहीं पाया था। बाकी लगभग आठ सौ मीटर बनकर तैयार हो गया था। जिसका शुभारंभ उत्तर प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल रहे अजीज कुरैशी द्वारा किया गया था। अब इस मार्ग को बनाने को नगर पंचायत एवं ग्राम पंचायत एक दूसरे पर जिम्मेदारी थोप रहे हैं।
स्कूली बच्चों के साथ आम लोगों को मजबूरी में इसी से होकर गुजरना पड़ता है। दर्जनों गांव चौंतरा, मंसूरा, खवाज पुरा, अशरफ पुर, वेदखेड़ी आदि के लोग शहर में इसी मुख्य मार्ग से आते हैं। इस मार्ग पर दो पब्लिक स्कूल एवं एक डिग्री काॅलेज के छात्रों का आवागमन इसी मार्ग से होता है। वहीं शामली एवं करनाल जाने वाले कस्बा वासियों एवं क्षेत्र वासियों को भी इसी मार्ग से जाना सुविधा जनक लगता है, लेकिन मार्ग की खस्ता हालत पर कोई ध्यान नहीं देता।
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इस मार्ग के न बनने से जनप्रतिनिधियों, चेयरमैन एवं प्रधान के खिलाफ रोष व्याप्त है। अफजाल, मौलाना तैय्यब, राशिद राणा, शरीफ राणा का कहना है कि जल्द से जल्द मार्ग का निर्माण विभागीय अधिकारियों को कराना चाहिए।
- यह बोले जिम्मेदार
झिंझाना चेयरमैन सुरेशपाल का कहना है कि इस मार्ग का रकबा गांव जमालपुर का है और यह मार्ग ग्राम प्रधान ही अपनी निधि या किसी दूसरी निधि से कराएगा। वहीं, जमालपुर के ग्राम प्रधान बबलू का कहना है कि इस टूटे मार्ग का जल्द ही प्रस्ताव पारित कर बनवा दिया जाएगा।
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झिंझाना। कस्बे को मेरठ करनाल हाईवे से जोड़ने वाला मार्ग नगर पंचायत और ग्राम पंचायत के बीच में फंसे सीमा विवाद की भेंट चढ़ रहा है, जबकि तत्कालीन चेयरमैन सरफराज खान द्वारा नगर पंचायत की आदर्श योजना के तहत मार्ग का निर्माण कराया गया था, लेकिन लगभग सौ मीटर का टुकड़ा विवाद के चलते नहीं बन पाया। जिसको लेकर लोगों में अधिकारियों के प्रति आक्रोश पनप रहा है।
कस्बे के डेरी चौक से ईदगाह एवं कस्बे को मेरठ करनाल हाईवे को जोड़ने वाले लिंक मार्ग में लगभग सौ मीटर का टुकड़ा बदहाल है। यह मार्ग जमालपुर ग्राम पंचायत के रकबे में आता है, लेकिन लगभग दस वर्ष पूर्व तत्कालीन चेयरमैन सरफराज खान द्वारा इस मार्ग का निर्माण आदर्श नगर योजना के तहत कराया था। मार्ग की चौड़ाई को लेकर कस्बा निवासी दो लोगों द्वारा विरोध कर दिया था। जिसके चलते लगभग सौ मीटर मार्ग बन नहीं पाया था। बाकी लगभग आठ सौ मीटर बनकर तैयार हो गया था। जिसका शुभारंभ उत्तर प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल रहे अजीज कुरैशी द्वारा किया गया था। अब इस मार्ग को बनाने को नगर पंचायत एवं ग्राम पंचायत एक दूसरे पर जिम्मेदारी थोप रहे हैं।
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स्कूली बच्चों के साथ आम लोगों को मजबूरी में इसी से होकर गुजरना पड़ता है। दर्जनों गांव चौंतरा, मंसूरा, खवाज पुरा, अशरफ पुर, वेदखेड़ी आदि के लोग शहर में इसी मुख्य मार्ग से आते हैं। इस मार्ग पर दो पब्लिक स्कूल एवं एक डिग्री काॅलेज के छात्रों का आवागमन इसी मार्ग से होता है। वहीं शामली एवं करनाल जाने वाले कस्बा वासियों एवं क्षेत्र वासियों को भी इसी मार्ग से जाना सुविधा जनक लगता है, लेकिन मार्ग की खस्ता हालत पर कोई ध्यान नहीं देता।
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इस मार्ग के न बनने से जनप्रतिनिधियों, चेयरमैन एवं प्रधान के खिलाफ रोष व्याप्त है। अफजाल, मौलाना तैय्यब, राशिद राणा, शरीफ राणा का कहना है कि जल्द से जल्द मार्ग का निर्माण विभागीय अधिकारियों को कराना चाहिए।
- यह बोले जिम्मेदार
झिंझाना चेयरमैन सुरेशपाल का कहना है कि इस मार्ग का रकबा गांव जमालपुर का है और यह मार्ग ग्राम प्रधान ही अपनी निधि या किसी दूसरी निधि से कराएगा। वहीं, जमालपुर के ग्राम प्रधान बबलू का कहना है कि इस टूटे मार्ग का जल्द ही प्रस्ताव पारित कर बनवा दिया जाएगा।