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Shamli News: टोल प्लाजा के लिए भूमि खाली कराने गई राजस्व टीम लौटी
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झिंझाना मेरठ करनाल हाईवे स्थित टोल प्लाजा के लिए भूमि कब्जा मुक्त का विरोध के लिए जेसीबी के सा
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
झिंझाना। मेरठ-करनाल हाईवे टोल प्लाजा के लिए भूमि खाली कराने गई राजस्व टीम को बिना कब्जा लिए बैरंग लौटना पड़ा। किसान का आरोप है कि बिना मुआवजा दिए प्रशासन उसकी भूमि खाली कराना चाहता है और ट्यूबवेल तोड़ दी गई। जिससे उसकी फसल भी सूख गई हैं। सरकार अगर मुआवजा नहीं देती तो हम भूमि नहीं देंगे।
मेरठ-करनाल हाईवे पर गांव लक्ष्मणपुरा में टोल प्लाजा का कार्य चल रहा है, लेकिन पिछले कई महीनों से कुछ किसानों को उनकी भूमि का मुआवजा नहीं मिला। प्रशासनिक अधिकारी आते हैं और किसानों के विरोध के चलते वापस चले जाते हैं। शुक्रवार को तहसील ऊन के उपजिलाधिकारी व तहसीलदार अपने अमले के साथ गांव लक्ष्मणपुरा में टोल प्लाजा के लिए भूमि खाली कराने के लिए गए थे, लेकिन किसान बीर सिंह ने राजस्व टीम को बिना मुआवजा दिए भूमि पर कब्जा नहीं करने दिया और बैरंग लौटा दिया।
किसान का आरोप है कि ट्यूबवैल सड़क में आ गई है, लेकिन सरकार ने मुआवजे का पैसा नहीं दिया और न ही ट्यूबवेल को हमारे कागजों में चढ़ाया है। जब तक मुआवजा नहीं मिल जाता तब तक भूमि पर कब्जा नहीं दिया जाएगा। किसान ने कहा कि ट्यूबवैल के टूटने के बाद सभी फसल बिना पानी के सूख गई हैं। एसडीएम ऊन विजय कुमार का कहना है कि उनकी ट्यूबवैल का मुआवजा तैयार है और वह अपना मुआवजा लेकर भूमि को खाली करें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
झिंझाना। मेरठ-करनाल हाईवे टोल प्लाजा के लिए भूमि खाली कराने गई राजस्व टीम को बिना कब्जा लिए बैरंग लौटना पड़ा। किसान का आरोप है कि बिना मुआवजा दिए प्रशासन उसकी भूमि खाली कराना चाहता है और ट्यूबवेल तोड़ दी गई। जिससे उसकी फसल भी सूख गई हैं। सरकार अगर मुआवजा नहीं देती तो हम भूमि नहीं देंगे।
मेरठ-करनाल हाईवे पर गांव लक्ष्मणपुरा में टोल प्लाजा का कार्य चल रहा है, लेकिन पिछले कई महीनों से कुछ किसानों को उनकी भूमि का मुआवजा नहीं मिला। प्रशासनिक अधिकारी आते हैं और किसानों के विरोध के चलते वापस चले जाते हैं। शुक्रवार को तहसील ऊन के उपजिलाधिकारी व तहसीलदार अपने अमले के साथ गांव लक्ष्मणपुरा में टोल प्लाजा के लिए भूमि खाली कराने के लिए गए थे, लेकिन किसान बीर सिंह ने राजस्व टीम को बिना मुआवजा दिए भूमि पर कब्जा नहीं करने दिया और बैरंग लौटा दिया।
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किसान का आरोप है कि ट्यूबवैल सड़क में आ गई है, लेकिन सरकार ने मुआवजे का पैसा नहीं दिया और न ही ट्यूबवेल को हमारे कागजों में चढ़ाया है। जब तक मुआवजा नहीं मिल जाता तब तक भूमि पर कब्जा नहीं दिया जाएगा। किसान ने कहा कि ट्यूबवैल के टूटने के बाद सभी फसल बिना पानी के सूख गई हैं। एसडीएम ऊन विजय कुमार का कहना है कि उनकी ट्यूबवैल का मुआवजा तैयार है और वह अपना मुआवजा लेकर भूमि को खाली करें।

झिंझाना मेरठ करनाल हाईवे स्थित टोल प्लाजा के लिए भूमि कब्जा मुक्त का विरोध के लिए जेसीबी के सा
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