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Shamli News: जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकाें के पद खाली, मरीज परेशान

Tue, 17 Feb 2026 12:55 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Tue, 17 Feb 2026 12:55 AM IST
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The posts of specialist doctors are vacant in the district hospital, patients are worried.
शामली। जिला अस्पताल में एक हजार से ज्यादा मरीज रोजाना ओपीडी में आते हैं, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के चलते मरीजों को समुचित उपचार नहीं मिल पा रहा है और गंभीर रोगों के मरीजों को मेरठ मेडिकल रेफर किया जा रहा है।
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शामली में पूर्वी यमुना नहर के किनारे मुंडेट खुर्द के निकट करीब 40 करोड़ की लागत से जिला अस्पताल के भवन का निर्माण हुआ है। 16 अगस्त 2021 में जिला अस्पताल में ओपीडी शुरू हुई थी। शुरूआत में मरीजों की संख्या कम थी, लेकिन इस समय ओपीडी में एक हजार से ज्यादा मरीज आ रहे हैं। गर्मी के मौसम में मरीजों की संख्या 1500 तक पहुंच जाती है, लेकिन अस्पताल में निश्चेतक, स्त्री प्रसुति एवं महिला रोग विशेषज्ञ, नेत्र सर्जन, चेस्ट फिजिशियन, मनोचिकित्सक, एक रेडियोलोजिस्ट और कॉर्डियोलोजिस्ट के पदों पर शासन से नियुक्ति न होने से रिक्त चल रहे हैं। इन विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से जिले के लोगों को समुचित उपचार नहीं मिल पा रहा है।
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एक साल से नहीं हो रहे आंखों के ऑपरेशन
जिला अस्पताल में नेत्र सर्जन डॉ. शबीब की नियुक्ति थी। एक साल पहले वे निजी कारणों के चलते इस्तीफा देकर चले गए थे। इसके बाद अब तक किसी नेत्र सर्जन की नियुक्ति न होने से यह पद रिक्त चल रहा है। आंखों के ऑपरेशन के लिए मरीजों को मेरठ मेडिकल भेजा जाता है।
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बोले मरीज
माजरा रोड निवासी मुनेश ने बताया कि उसकी आंख में कई दिन से एलर्जी हो रही है। अस्पताल में आने पर जानकारी मिली कि नेत्र चिकित्सक नहीं है।
कांधला निवासी शमशेर ने बताया कि उसके 12 साल के बच्चे को दौरा आता है। अस्पताल में बेटे के इलाज के लिए आया था, लेकिन यहां बताया गया कि मनोचिकित्सक नहीं है। उसे मेरठ मेडिकल में दिखाने की सलाह दी गई।

गढ़ीपुख्ता निवासी राशिद ने बताया कि उसकी आंख का मोतियाबिंद का ऑपरेशन होना है। जिला अस्पताल में आने पर पता चला कि नेत्र सर्जन नहीं है।
जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों के कई पद रिक्त चल रहे हैं। शासन को 10 से अधिक बार पत्राचार किया जा चुका है। ओपीडी में आने वाले सभी मरीजों की जांच व दवा उपलब्ध कराई जाती है।
-डॉ. किशोर कुमार आहूजा, सीएमएस जिला अस्पताल
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