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शहीद सैनिकों के परिजनों को मार्ग के नामकरण का इंतजार
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शामली बनत में शहीद प्रदीप कुमार के घर पर जाने वाली सड़क।
- फोटो : SHAMLI
शामली। पुलवामा हमले में शहीद हुए जिले के दो लाल कस्बा बनत निवासी प्रदीप कुमार और शहर के रेलपार निवासी अमित कोरी के परिजनों को स्मृति द्वार और मार्ग का नामकरण होने का इंतजार है। परिजनों का कहना है कि शासन ने उस समय घोषणा की थी, लेकिन अभी तक पूरी नहीं हुई।
14 फरवरी 2019 को पुलवामा हमले में कस्बा बनत निवासी सीआरपीएफ के जवान प्रदीप कुमार और शामली के मोहल्ला रेलपार निवासी अमित कोरी शहीद हुए थे। उस समय शासन ने शहीद सैनिकों के नाम पर मार्ग का नामकरण करने और स्मृति द्वार बनाए जाने की घोषणा की थी। करीब डेढ़ साल हो गया, लेकिन अभी तक उनके नाम पर किसी मार्ग का नामकरण नहीं हो पाया है। शहीद प्रदीप कुमार के पिता जगदीश प्रजापति ने बताया कि उस समय शासन ने उनके शहीद बेटे के नाम पर कस्बे में द्वार बनाने और एक मार्ग का नामकरण करने की घोषणा की थी। कस्बे में बाहर की तरफ सहारनपुर मार्ग को जोड़ने वाले लिंक मार्ग पर द्वार बनाने का काम शुरू हुआ था, जिसका निर्माण अधूरा पड़ा है।
उन्होंने प्रशासन से कस्बे में अंदर की तरफ जाने वाले मार्ग पर द्वार बनवाए जाने की मांग की थी। उस समय अधिकारियों ने आश्वासन दिया गया था, लेकिन बाद में उस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसके अलावा अभी तक किसी भी मार्ग का नामकरण भी नहीं हो पाया। उधर, शामली के मोहल्ला रेलपार निवासी शहीद अमित कोरी के भाई सुनील कोरी ने बताया कि शासन ने उस समय उनके शहीद भाई के नाम स्मृति द्वार और मार्ग का नामकरण करने की घोषण की थी, लेकिन अभी तक न तो द्वार का निर्माण हुआ और न ही शहीद के नाम पर किसी मार्ग का नामकरण हुआ है।
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14 फरवरी 2019 को पुलवामा हमले में कस्बा बनत निवासी सीआरपीएफ के जवान प्रदीप कुमार और शामली के मोहल्ला रेलपार निवासी अमित कोरी शहीद हुए थे। उस समय शासन ने शहीद सैनिकों के नाम पर मार्ग का नामकरण करने और स्मृति द्वार बनाए जाने की घोषणा की थी। करीब डेढ़ साल हो गया, लेकिन अभी तक उनके नाम पर किसी मार्ग का नामकरण नहीं हो पाया है। शहीद प्रदीप कुमार के पिता जगदीश प्रजापति ने बताया कि उस समय शासन ने उनके शहीद बेटे के नाम पर कस्बे में द्वार बनाने और एक मार्ग का नामकरण करने की घोषणा की थी। कस्बे में बाहर की तरफ सहारनपुर मार्ग को जोड़ने वाले लिंक मार्ग पर द्वार बनाने का काम शुरू हुआ था, जिसका निर्माण अधूरा पड़ा है।
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उन्होंने प्रशासन से कस्बे में अंदर की तरफ जाने वाले मार्ग पर द्वार बनवाए जाने की मांग की थी। उस समय अधिकारियों ने आश्वासन दिया गया था, लेकिन बाद में उस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसके अलावा अभी तक किसी भी मार्ग का नामकरण भी नहीं हो पाया। उधर, शामली के मोहल्ला रेलपार निवासी शहीद अमित कोरी के भाई सुनील कोरी ने बताया कि शासन ने उस समय उनके शहीद भाई के नाम स्मृति द्वार और मार्ग का नामकरण करने की घोषण की थी, लेकिन अभी तक न तो द्वार का निर्माण हुआ और न ही शहीद के नाम पर किसी मार्ग का नामकरण हुआ है।

शामली बनत में शहीद प्रदीप कुमार के नाम पर बना मुख्यद्वार।- फोटो : SHAMLI
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