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रमजान माह में खुल जाते हैं जन्नत के दरवाजे : अय्यूब
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झिंझाना में रमजान की खबर से सम्बधित फोटो हाफिज अय्यूब । संवाद
- फोटो : bhadarwah
शामली/झिंझाना। पवित्र रमजान का महीना शुरू हो चुका है। मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ बढ़ रही है। मस्जिदों में तरावीह में कुरान सुना जा रहा है ।
रोजे रमजान के बारे में बयान चल रहे हैं। बच्चे भी रोेजे रख रहे हैं। जमीयत उलेमा हिंद के झिंझाना सदर हाफिज अय्यूब ने बयान में कहा कि रमजान माह में जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं। दोजग के दरवाजें बंद कर दिए जाते हैं। जितनी अधिक हो सके इस माह में अल्लाह ताआला को याद करना चाहिए। कुरान ए पाक की तिलावत करनी चाहिए।
वह शख्स बदनसीब है जो इस महीने में भी अल्लाह की रहमत से महरूम रह जाए। बिड़ौली मदरसा के कारी नवेद फैजी ने कहा कि नबी मोहम्मद साहब का इरशाद है कि उन आदमियों की दुआ रद्द नहीं होती। एक रोजदार की इफ्तार के वक्त तक।
मजलूम की, जिस को अल्लाह बादलों से ऊपर उठा लेते हैं और आसमान के दरवाजे उस के लिए खोल दिए जाते हैं। शामली के अलावा जलालाबाद, थानाभवन, ऊन, चौसाना, गढ़ीपुख्ता में देर शाम तक बाजारों में अकीदतमंदों की भीड़ रही। लोगों ने बेकरी के सामने के अलावा सहरी केलिए आवश्यक सामान खरीदा। मस्जिदों में भी सहरी और इफ्तारी के समय की सूचना देने के लिए सायरन और पटाखों की व्यवस्था क है। इसके लिए मस्जिद कमेटियों ने अपने यहां इंतजाम किए हैं। देर रात तक बाजारों में अच्छी खासी राैनक रही। बड़ा बाजार, नया बाजार के अलावा हलवाई अटटा में लोगों से खरीदारी की।ि
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रोजे रमजान के बारे में बयान चल रहे हैं। बच्चे भी रोेजे रख रहे हैं। जमीयत उलेमा हिंद के झिंझाना सदर हाफिज अय्यूब ने बयान में कहा कि रमजान माह में जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं। दोजग के दरवाजें बंद कर दिए जाते हैं। जितनी अधिक हो सके इस माह में अल्लाह ताआला को याद करना चाहिए। कुरान ए पाक की तिलावत करनी चाहिए।
वह शख्स बदनसीब है जो इस महीने में भी अल्लाह की रहमत से महरूम रह जाए। बिड़ौली मदरसा के कारी नवेद फैजी ने कहा कि नबी मोहम्मद साहब का इरशाद है कि उन आदमियों की दुआ रद्द नहीं होती। एक रोजदार की इफ्तार के वक्त तक।
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मजलूम की, जिस को अल्लाह बादलों से ऊपर उठा लेते हैं और आसमान के दरवाजे उस के लिए खोल दिए जाते हैं। शामली के अलावा जलालाबाद, थानाभवन, ऊन, चौसाना, गढ़ीपुख्ता में देर शाम तक बाजारों में अकीदतमंदों की भीड़ रही। लोगों ने बेकरी के सामने के अलावा सहरी केलिए आवश्यक सामान खरीदा। मस्जिदों में भी सहरी और इफ्तारी के समय की सूचना देने के लिए सायरन और पटाखों की व्यवस्था क है। इसके लिए मस्जिद कमेटियों ने अपने यहां इंतजाम किए हैं। देर रात तक बाजारों में अच्छी खासी राैनक रही। बड़ा बाजार, नया बाजार के अलावा हलवाई अटटा में लोगों से खरीदारी की।ि

झिंझाना में रमजान की खबर से सम्बधित फोटो हाफिज अय्यूब । संवाद- फोटो : bhadarwah
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