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खतरा बरकरार, कोरोना नहीं हो रहा कम
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शामली। जनपद में कोरोना संक्रमण कम नहीं हो रहा है, जिसके चलते खतरा अभी बरकरार है। इसलिए अभी लोगों को कोरोना से बचाव के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है।
जनपद में 24 मार्च को कोरोना का पहला केस मिला था। इसके बाद से लगातार कोरोना संक्रमित मिले रहे हैं। जिले में अभी तक करीब 3300 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं, जिनमें 28 मौत हुई है। जिले में इस समय 135 सक्रिय केस चल रहे हैं। पिछले तीन माह की बात करें तो सितंबर माह में पहले 20 दिन कोरोना पीक पर रहा। नौ सितंबर को 87 केस और 20 सितंबर को 88 कोरोना संक्रमित मिले थे। इन 20 दिन में 1068 केस मिले थे।
इसके बाद कोरोना संक्रमण कम हुआ और इस माह में बाद के 10 दिन में 191 केस मिले। अक्तूबर में 519 केस सामने आए और दो व्यक्तियों की मौत हुई। नवंबर में त्योहारों से पहले कोरोना संक्रमण घट गया था। 10 नवंबर को कोरोना का मात्र एक केस मिला था। त्योहारों में लोगों की भीड़ रही और लापरवाही भी बरती गई। इसका असर ये रहा कि कोरोना संक्रमण बढ़ना शुरू हो गया। इसके चलते अक्तूबर में 422 कोरोना के केस मिले। इस माह में कोरोना संक्रमित एक व्यक्ति की मौत हुई। लगातार कोरोना संक्रमित मिलने से साफ है कि जिले में कोरोना संक्रमण की रफ्तार भले ही कम हुई हो, लेकिन खतरा अभी पूरी तरह बरकरार है। इसलिए सावधानी बरतने की जरूरत है।
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जनपद में कोरोना की स्थिति
संक्रमण दर : 2.05 प्रतिशत
रिकवरी दर : 94.96 प्रतिशत
मृत्यु दर : 0.88 प्रतिशत
सितंबर में आए केस : 1259
अक्तूबर में आए केस : 519
नवंबर में आए केस : 422
अस्पताल में आक्सीजन की पूरी उपलब्धता
शामली। जिला अस्पताल में चल रहे कोविड एल टू अस्पताल में इस समय 14 मरीज भर्ती है। वरिष्ठ निश्चेतक डॉ. जगमोहन ने बताया कि अस्पताल में भरपूर मात्रा में ऑक्सीजन उपलब्ध है। अस्पताल में आक्सीजन कंसेटर मशीनों से एक साथ 15 मरीजों को आक्सीजन देनेेे की व्यवस्था है। इसके अलावा 51 बड़े सिलिंडर और 91 छोटे सिलिंडर उपलब्ध है।
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कोट....
जिले में कोरोना संक्रमण की स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इसका खतरा अभी टला नहीं है। लोगों को कोरोना से बचाव के लिए फेस मास्क लगाना, सोशल डिस्टेंस का पालन करना, हाथ साफ करते रहना समेत सभी तरीके अपनाते रहे। - डॉ. वीर बहादुर ढाका, सीएमओ।
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कोरोना संक्रमण को लेकर वैसे तो अभी तक कुछ निश्चित नहीं है, लेकिन इतना जरूर है कि इम्यूनिटी पावर का बड़ा रोल है। जो लोग आरामदायक जीवन शैली अपनाते है या वे लोग जो किसी अन्य बीमारी से पहले से ग्रसित है तो उन पर कोरोना का ज्यादा असर हुआ है। इसकी वजह उनकी इम्यूनिटी कम होना माना गया, जबकि निम्न वर्ग के गरीब, मजदूर वर्ग के लोगों में कोरोना का असर नहीं हुआ है, इसकी वजह उनकी इम्यूनिटी पावर ज्यादा होना माना गया है। - डॉ. शाइस्ता नाज, संक्रामक रोग विशेषज्ञ।
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जनपद में 24 मार्च को कोरोना का पहला केस मिला था। इसके बाद से लगातार कोरोना संक्रमित मिले रहे हैं। जिले में अभी तक करीब 3300 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं, जिनमें 28 मौत हुई है। जिले में इस समय 135 सक्रिय केस चल रहे हैं। पिछले तीन माह की बात करें तो सितंबर माह में पहले 20 दिन कोरोना पीक पर रहा। नौ सितंबर को 87 केस और 20 सितंबर को 88 कोरोना संक्रमित मिले थे। इन 20 दिन में 1068 केस मिले थे।
इसके बाद कोरोना संक्रमण कम हुआ और इस माह में बाद के 10 दिन में 191 केस मिले। अक्तूबर में 519 केस सामने आए और दो व्यक्तियों की मौत हुई। नवंबर में त्योहारों से पहले कोरोना संक्रमण घट गया था। 10 नवंबर को कोरोना का मात्र एक केस मिला था। त्योहारों में लोगों की भीड़ रही और लापरवाही भी बरती गई। इसका असर ये रहा कि कोरोना संक्रमण बढ़ना शुरू हो गया। इसके चलते अक्तूबर में 422 कोरोना के केस मिले। इस माह में कोरोना संक्रमित एक व्यक्ति की मौत हुई। लगातार कोरोना संक्रमित मिलने से साफ है कि जिले में कोरोना संक्रमण की रफ्तार भले ही कम हुई हो, लेकिन खतरा अभी पूरी तरह बरकरार है। इसलिए सावधानी बरतने की जरूरत है।
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जनपद में कोरोना की स्थिति
संक्रमण दर : 2.05 प्रतिशत
रिकवरी दर : 94.96 प्रतिशत
मृत्यु दर : 0.88 प्रतिशत
सितंबर में आए केस : 1259
अक्तूबर में आए केस : 519
नवंबर में आए केस : 422
अस्पताल में आक्सीजन की पूरी उपलब्धता
शामली। जिला अस्पताल में चल रहे कोविड एल टू अस्पताल में इस समय 14 मरीज भर्ती है। वरिष्ठ निश्चेतक डॉ. जगमोहन ने बताया कि अस्पताल में भरपूर मात्रा में ऑक्सीजन उपलब्ध है। अस्पताल में आक्सीजन कंसेटर मशीनों से एक साथ 15 मरीजों को आक्सीजन देनेेे की व्यवस्था है। इसके अलावा 51 बड़े सिलिंडर और 91 छोटे सिलिंडर उपलब्ध है।
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कोट....
जिले में कोरोना संक्रमण की स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इसका खतरा अभी टला नहीं है। लोगों को कोरोना से बचाव के लिए फेस मास्क लगाना, सोशल डिस्टेंस का पालन करना, हाथ साफ करते रहना समेत सभी तरीके अपनाते रहे। - डॉ. वीर बहादुर ढाका, सीएमओ।
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कोरोना संक्रमण को लेकर वैसे तो अभी तक कुछ निश्चित नहीं है, लेकिन इतना जरूर है कि इम्यूनिटी पावर का बड़ा रोल है। जो लोग आरामदायक जीवन शैली अपनाते है या वे लोग जो किसी अन्य बीमारी से पहले से ग्रसित है तो उन पर कोरोना का ज्यादा असर हुआ है। इसकी वजह उनकी इम्यूनिटी कम होना माना गया, जबकि निम्न वर्ग के गरीब, मजदूर वर्ग के लोगों में कोरोना का असर नहीं हुआ है, इसकी वजह उनकी इम्यूनिटी पावर ज्यादा होना माना गया है। - डॉ. शाइस्ता नाज, संक्रामक रोग विशेषज्ञ।