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मंदिर परिसरों में खूंखार बंदरों का आतंक, श्रद्धालुओं की संख्या घटी
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कैराना में प्राचीन बाला सुंदरी मंदिर में घूमते खूंखार बंदर।
- फोटो : SHAMLI
कैराना। पिछले कई माह से प्राचीन बाला सुंदरी मंदिर परिसर में सैकड़ों खूंखार बंदरों ने डेरा डाल रखा है। बंदर मंदिर में आने जाने वाले श्रद्धालुओं के पीछे भागते हैं। जिसके चलते मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या काफी घट गई है।
प्राचीन देवी मंदिर तालाब श्रंखला में प्राचीन बाला सुंदरी मन्दिर, मां काली मंदिर, बालाजी धाम, बनखंडी महादेव मंदिर, विश्वकर्मा भगवान, साई बाबा का मंदिर है। जहां पर प्रतिदिन सुबह व शाम के समय श्रद्धालु पूजा अर्चना करने जाते हैं। लेकिन पिछले कई माह से मंदिर परिसर में सैकड़ों खूंखार बंदरों ने डेरा डाल लिया। जिस कारण मंदिर में श्रद्धालु कम संख्या में आने लगे है। 7 सितंबर 2021 की सुबह मंदिर में पूजा करने के बाद अपने घर वापस आई भाजपा नेता अनिल चौहान की पत्नी सुषमा चौहान पर बंदरों ने हमला कर दिया था। जिससे उनकी मौत हो गई थी। इस दर्दनाक हादसे के बाद नगर पालिका ने सैकड़ों बंदरों को पकड़वा कर जंगलों में छुड़वा दिया था। लेकिन बंदर फिर से वापस आ गए।
- प्राचीन देवी मंदिर के पुजारी अशोक कुमार शास्त्री ने बताया कि बंदर श्रद्धालुओं पर झपट्टा मारते है। जिस कारण पहले के मुकाबले अब आधे श्रद्धालु मंदिर में आ रहे हैं।
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- मोहल्ला आलकलां निवासाी सागर चौहान ने बताया कि अब सुबह के समय मंदिर जाते समय बंदरों का डर रहता है। बंदर कब उनके ऊपर हमला कर दें पता नहीं।
- जोड़ियां कुआं निवासी अंकुर वर्मा ने बताया कि मंदिर के चारों और बंदर ही बंदर दिखाई देते है। नगर पालिका को तुरंत बंदरों को पकड़वाना चाहिए।
- टीचर कॉलोनी निवासी कमल विश्वकर्मा ने बताया कि पहले हर रोज सुबह व शाम के समय मंदिर में पूजा के लिए जाते थे, लेकिन अब बंदरों के कारण मंदिर जाने से डर लगता है।
- मोहल्ला शंकर सौदियान निवासी वैभव कंसल ने बताया कि प्राचीन देवी मंदिर तालाब पर हर समय बंदरों का जमावड़ा रहता है। कई बार बंदरों के डर के कारण बच्चे गिर कर चोटिल हो गए।
- इन्होंने कहा-
पिछले साल भी मथुरा से बंदर पकड़ने की टीम को बुलाया गया था। सैकड़ों बंदरों को पकड़ कर जंगलों में भेज दिया गया था। अब दोबारा टीम को बुलाया जाएगा।
- हाजी अनवर हसन, नगर पालिका चेयरमैन
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प्राचीन देवी मंदिर तालाब श्रंखला में प्राचीन बाला सुंदरी मन्दिर, मां काली मंदिर, बालाजी धाम, बनखंडी महादेव मंदिर, विश्वकर्मा भगवान, साई बाबा का मंदिर है। जहां पर प्रतिदिन सुबह व शाम के समय श्रद्धालु पूजा अर्चना करने जाते हैं। लेकिन पिछले कई माह से मंदिर परिसर में सैकड़ों खूंखार बंदरों ने डेरा डाल लिया। जिस कारण मंदिर में श्रद्धालु कम संख्या में आने लगे है। 7 सितंबर 2021 की सुबह मंदिर में पूजा करने के बाद अपने घर वापस आई भाजपा नेता अनिल चौहान की पत्नी सुषमा चौहान पर बंदरों ने हमला कर दिया था। जिससे उनकी मौत हो गई थी। इस दर्दनाक हादसे के बाद नगर पालिका ने सैकड़ों बंदरों को पकड़वा कर जंगलों में छुड़वा दिया था। लेकिन बंदर फिर से वापस आ गए।
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- प्राचीन देवी मंदिर के पुजारी अशोक कुमार शास्त्री ने बताया कि बंदर श्रद्धालुओं पर झपट्टा मारते है। जिस कारण पहले के मुकाबले अब आधे श्रद्धालु मंदिर में आ रहे हैं।
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- मोहल्ला आलकलां निवासाी सागर चौहान ने बताया कि अब सुबह के समय मंदिर जाते समय बंदरों का डर रहता है। बंदर कब उनके ऊपर हमला कर दें पता नहीं।
- जोड़ियां कुआं निवासी अंकुर वर्मा ने बताया कि मंदिर के चारों और बंदर ही बंदर दिखाई देते है। नगर पालिका को तुरंत बंदरों को पकड़वाना चाहिए।
- टीचर कॉलोनी निवासी कमल विश्वकर्मा ने बताया कि पहले हर रोज सुबह व शाम के समय मंदिर में पूजा के लिए जाते थे, लेकिन अब बंदरों के कारण मंदिर जाने से डर लगता है।
- मोहल्ला शंकर सौदियान निवासी वैभव कंसल ने बताया कि प्राचीन देवी मंदिर तालाब पर हर समय बंदरों का जमावड़ा रहता है। कई बार बंदरों के डर के कारण बच्चे गिर कर चोटिल हो गए।
- इन्होंने कहा-
पिछले साल भी मथुरा से बंदर पकड़ने की टीम को बुलाया गया था। सैकड़ों बंदरों को पकड़ कर जंगलों में भेज दिया गया था। अब दोबारा टीम को बुलाया जाएगा।
- हाजी अनवर हसन, नगर पालिका चेयरमैन