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किसानों ने मंदी में सब्जी के खेत उजाड़े, गन्ना बोया

Sat, 25 Jul 2020 12:08 PM IST
मेरठ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, शामली
अमर उजाला नेटवर्क, शामली Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Sat, 25 Jul 2020 12:08 PM IST
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Sugarcane sown in sacking, vegetable fields destroyed
खेती

कोरोना लॉकडाउन में सब्जियों की मंदी की मार से किसानों गन्ने की ओर रुझान बढ़ा है। सब्जी उत्पादकों ने लागत न निकलने से सब्जियां उजाड़कर गन्ने की बुआई की है। दूसरे प्रांतों में लॉकडाउन के दौरान मंडियां बंद होने से सब्जियां सस्ती हो गईं और उन्हें नुकसान उठाना पड़ा।

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जिले के कैराना-ऊन और थानाभवन ब्लाक में पत्ता गोभी, फूल गोभी, लहसुन आदि सब्जियों की 3300 हेक्टेयर में पैदावार होती है। थानाभवन और कैैराना ब्लाक की ज्यादातर पत्तागोभी कलकत्ता समेत हरियाणा, पंजाब, दिल्ली की मंडियों में भेजी जा रही थी। वहां होटल- रेस्टोरेंट, रेहडी, ठेलों, शादी- विवाह, पारिवारिक पार्टियों में फास्ट फूड में प्रयोग होती रही है।
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जिले के सब्जी उत्पादक किसानों को अच्छे खासे दाम मिल जाते थे। इस बार 22 मार्च को प्रधानमंत्री जनता कर्फ्यू, 24 मार्च से दो माह का कोरोना लॉकडाउन लागू होने से दिल्ली आजादपुुर समेत दूसरी सब्जी मंडिया बंद होने परिवहन की समस्या पैदा होने से दूसरे प्रदेशों में पत्तागोभी नहीं जा सकी। औने-पौने दामों में सब्जियों को बेचने को मजबूर होना पड़ा।
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सब्जी उत्पादक किसानों का गन्ने की खेती की ओर रुझान बढ़ा है। इसलिए गन्ने का रकबा बढ़ गया है। जिला उद्यान निरीक्षक नरेश चंद और मंडल के उपनिदेशक उद्यान जयकरण सिंह का कहना है कि कैराना, ऊन, थानाभवन ब्लाक में पत्तागोभी, फूलगोभी समेत पानी की सब्जियों की अच्छी खासी पैदावार होती है। थानाभवन ब्लाक के किसानों की पत्ता गोभी कलकत्ता, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान व दिल्ली राज्यों में मंडियों के माध्यम से जाती हैं। फास्ट फूड में प्रयोग होती रही है। दो माह के लॉकडाउन में दिल्ली की आजादपुर समेत कई मंडिया बंद रही। किसानों के परिवहन के पास के बाद भी सब्जियां आपूर्ति होने के बाद मांग नहीं रही, जिससे सब्जी उत्पादकों को घाटा हुआ है।

कम रेट मिलने पर सब्जी के खेत उजाड़ दिए
जलालाबाद निवासी सब्जी उत्पादक राजकुमार का कहना है कि 25 बीघा जमीन में फूलगोभी, पत्ता गोभी, टमाटर आदि सब्जियों की पैदावार करते हैं। 25-30 बीघा भूमि सब्जियों की पैदावार करने में दो तीन लाख रुपये की लागत आती है। लॉकडाउन में बाहर की मंडियों में सब्जियों के न जाने से उन्हें उजाड़ना पड़ा। सब्जियां उजाड़ने के बाद लुहारी रोड स्थित खेत में गन्ने की बुआई की है।


लागत भी नहीं निकली
जलालाबाद निवासी सब्जी उत्पादक मांगेेराम का कहना है कि पत्ता गोभी, फूल गोभी आदि सब्जी लॉकडाउन में लागत के सापेक्ष 50- 60 रुपये में गोभी से भरा कट्टा बिक्री होती था। सब्जियों को उजाड़ने के बाद 12 बीघा गन्ने की बुआई की है।
जिले में सब्जियों का आंकड़ा हेक्टेयर में
सब्जियां भूमि हेक्टेयर में--
आलू- 450 -
प्याज- 45-
टमाटर- 15-
फूल गोभी- 275-
बंद गोभी- 500-
करेला- कद्दू, लौकी 2000-
लहसुन- 50 -
भिंडी, तोरई 100-

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