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-ई-आरपी सिस्टम से घटतौली रोकेगा गन्ना विभाग-
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शामली। ई-आरपी सिस्टम से गन्ना खरीद केंद्रों पर गन्ना विभाग घटतौली रोकेगा। डीसीओ के बटन दबाने से तौल लिपिकों के तबादले होंगे। एक तौल केंद्र पर तौल लिपिक दोबारा तैनात नहीं हो पाएंगे। खरीद केंद्र पर किसान का गन्ना तुलते ही उसकी सूचना ई-आरपी के माध्यम से किसान जाएगी।
पिछले दो दशकों से वेस्ट यूपी समेत कई जिलों में चीनी मिलों व गन्ना विभाग मैनुअल गन्ने की पर्ची किसान को गन्ना समिति जारी की जाती थी। गन्ना समिति के कर्मचारी को मैनुअल पर्ची किसानों को बांटते थे। इसी प्रकार गन्ना खरीद केंद्रों पर चीनी मिलें चलने से दो दिन पूर्व तौल लिपिकों के तबादले होते थे। इसी प्रकार तौल कांटे भी मैनुअल होते थे। पिछले दो सालों में पारदर्शी कार्यप्रणाली तथा गन्ना समितियों द्वारा पर्ची निर्गमन की व्यवस्था के बेहतर करने के लिए प्रदेश के आयुक्त, गन्ना एवं चीनी संजय आर. भूसरेड्डी ने ई-आरपी सिस्टम लागू किया है।
शामली चीनी मिल के अतिरिक्त गन्ना महाप्रबंधक दीपक राणा ने बताया कि ईआरपी सिस्टम लागू होने से पहले मैनुअल तौल कांटे हुआ करते थे। चीनी मिल द्वारा 15- 15 दिन बाद तौल लिपिकों की तौल केंद्रों पर तैनाती करते थे। ईआरपी सिस्टम लागू होने के बाद तौल लिपिक कंप्यूटराइज्ड कर दिया गया है। मिलों के तौल लिपिकों की ऑनलाइन तैनाती की जाएगी। डीसीओ कंप्यूटर का बटन दबाकर तौल लिपिकों के तबादले कर सकेंगे। इसी प्रकार खरीद केंद्र पर किसान का गन्ना तुलाई होने के बाद मोबाइल पर मैसेज जाएगा। उधर, डीसीओ विजय बहादुर सिंह ने बताया कि 25 अक्तूूबर के बाद नए पेराई शुरू होने की तस्वीर साफ होगी।
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घटतौली पर होगा एक लाख जुर्माना
गन्ना घटतौली पर लगने वाले जुर्माने की राशि को बढ़ाकर एक लाख रुपये करने का प्रावधान किया है। इससे घटतौली पर अंकुश लगने की संभावना है। मिल गेट और गन्ना क्रय केंद्रों पर किसानों के लिए पानी, प्रकाश, अधिकारियों के मोबाइल नंबर वाला बोर्ड, कांटे की क्षमता के अनुसार 10 प्रतिशत वजन वाले मानक बाट रखने का प्रावधान है।
पांच वर्ष के लिए निलंबित होता है लाइसेंस
घटतौली पर अंकुश लगाने के लिए जुर्माने साथ ही संबंधित तौल क्लर्क का लाइसेंस पांच वर्ष के लिए निलंबित किया जाता है। साथ ही सीजेएम के यहां वाद भी दायर किया जाता है। घटतौली करने वालों को जिलाधिकारी स्तर से नोटिस जारी होता है। इसके बाद लाइसेंस निलंबित करने के साथ ही घटतौली करने वाले के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में वाद भी दायर किए जाएंगे
- डीसीओ विजय बहादुर सिंह
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पिछले दो दशकों से वेस्ट यूपी समेत कई जिलों में चीनी मिलों व गन्ना विभाग मैनुअल गन्ने की पर्ची किसान को गन्ना समिति जारी की जाती थी। गन्ना समिति के कर्मचारी को मैनुअल पर्ची किसानों को बांटते थे। इसी प्रकार गन्ना खरीद केंद्रों पर चीनी मिलें चलने से दो दिन पूर्व तौल लिपिकों के तबादले होते थे। इसी प्रकार तौल कांटे भी मैनुअल होते थे। पिछले दो सालों में पारदर्शी कार्यप्रणाली तथा गन्ना समितियों द्वारा पर्ची निर्गमन की व्यवस्था के बेहतर करने के लिए प्रदेश के आयुक्त, गन्ना एवं चीनी संजय आर. भूसरेड्डी ने ई-आरपी सिस्टम लागू किया है।
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शामली चीनी मिल के अतिरिक्त गन्ना महाप्रबंधक दीपक राणा ने बताया कि ईआरपी सिस्टम लागू होने से पहले मैनुअल तौल कांटे हुआ करते थे। चीनी मिल द्वारा 15- 15 दिन बाद तौल लिपिकों की तौल केंद्रों पर तैनाती करते थे। ईआरपी सिस्टम लागू होने के बाद तौल लिपिक कंप्यूटराइज्ड कर दिया गया है। मिलों के तौल लिपिकों की ऑनलाइन तैनाती की जाएगी। डीसीओ कंप्यूटर का बटन दबाकर तौल लिपिकों के तबादले कर सकेंगे। इसी प्रकार खरीद केंद्र पर किसान का गन्ना तुलाई होने के बाद मोबाइल पर मैसेज जाएगा। उधर, डीसीओ विजय बहादुर सिंह ने बताया कि 25 अक्तूूबर के बाद नए पेराई शुरू होने की तस्वीर साफ होगी।
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घटतौली पर होगा एक लाख जुर्माना
गन्ना घटतौली पर लगने वाले जुर्माने की राशि को बढ़ाकर एक लाख रुपये करने का प्रावधान किया है। इससे घटतौली पर अंकुश लगने की संभावना है। मिल गेट और गन्ना क्रय केंद्रों पर किसानों के लिए पानी, प्रकाश, अधिकारियों के मोबाइल नंबर वाला बोर्ड, कांटे की क्षमता के अनुसार 10 प्रतिशत वजन वाले मानक बाट रखने का प्रावधान है।
पांच वर्ष के लिए निलंबित होता है लाइसेंस
घटतौली पर अंकुश लगाने के लिए जुर्माने साथ ही संबंधित तौल क्लर्क का लाइसेंस पांच वर्ष के लिए निलंबित किया जाता है। साथ ही सीजेएम के यहां वाद भी दायर किया जाता है। घटतौली करने वालों को जिलाधिकारी स्तर से नोटिस जारी होता है। इसके बाद लाइसेंस निलंबित करने के साथ ही घटतौली करने वाले के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में वाद भी दायर किए जाएंगे
- डीसीओ विजय बहादुर सिंह