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Shamli News: टॉप बोरर और पोक्का बोइंग की चपेट में गन्ने की फसल

Mon, 02 Sep 2024 02:21 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Mon, 02 Sep 2024 02:21 AM IST
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Sugarcane crop in the grip of top borer and pokka boring
शामली। जिले में गन्ने की प्रजाति को-238 में रोग व कीट लग गए हैं। जिसके कारण 20 प्रतिशत से अधिक फसल प्रभावित है। कृषि विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों द्वारा कराए गए सर्वे के बाद किसानों को बीमारियों से बचाव के टिप्स दिए जा रहे हैं।
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जिले की यदि बात की जाए तो 61 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे में गन्ने की फसल है, जिसमें को-0238 प्रजाति का लगभग 80% क्षेत्रफल है। कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डाॅ. संदीप चौधरी और पादक सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ. अजय कुमार ने बताया कि बीमारी को लेकर जिलेभर में सर्वे कराया गया। कैराना, कांधला, टिटौली, जलालपुर, कैडी, जसाला, एलम, लिलौन, थानाभवन आदि क्षेत्र में को-0238 फसल में सबसे अधिक टाॅप बोरर और पोक्का बोइंग का प्रकोप मिला। सर्वे में सामने आया है कि जिलेभर में 20 प्रतिशत से अधिक फसल बर्बादी के कगार पर पहुंच गई है। गन्ना विभाग ने भी इस प्रजाति को विस्थापित करने के लिए अभियान शुरू कर दिया है।
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किसान रमेश कुमार, सोहनवीर सिंह, बाबूराम का कहना है कि रोग व कीट के प्रकोप से लगातार फसलें नष्ट हो रही है। कीटनाशकों के छिड़काव का भी कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। पिछले सालों की तरह इस साल भी गन्ने का उत्पादन गिर सकता है।
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जानिए..पोक्का बोइंग रोग क्या है

डॉ. अजय कुमार के अनुसार, पोक्का बाेइंग गन्ने की फसल में होने वाला एक फफूंद जनित रोग है। जिसका प्रकोप सामान्य तौर पर बरसात के महीनों में देखा जा सकता है।

प्रबंधन को यह करें

: शुरुआत की अवस्था में कार्बोंन्डाजिम 12 प्रतिशत और मेन्कोजेब 63 प्रतिशत डब्ल्यू 2 ग्राम प्रति लीटर की दर से स्प्रे करें।

: प्रकोप अधिक होने पर कॉपर आक्सीक्लोराइड 50 डब्ल्यूपी एक किलोगाम प्रति एकड़ की दर से स्प्रे करें। इसके बाद 15 दिन बाद फिर से स्प्रें करें।

: कीटनाशक के साथ स्प्रे करने के लिए प्रोपीकोनॉजोल 25 ईसी 2 मिली लीटर 400 मिली का प्रयोग करें।

लक्षण
रोग के शुरुआती दौर में ऊपर की पत्तियां तने के जुड़ाव की ओर से पीली और सफेद होने लगती है।

सिकु़डन के साथ आपस में उलझ जाती है।
गन्ने की गोभ पूरी तरह से सड़ जाती है।
अंतिम चरण में गोभ में ऐसा लगता है उसे चाकू से काट दिया गया है।
टॉप बोरर/अगोला/चोटी भेदक
लक्षण
: गन्ने के ऊपरी हिस्से में सूंडी रहती है जो बढ़वार वाले बिंदु को खाते हुए आगे बढ़ती है।

: सूंडी सुरंग बनाकर प्रवेश करती है जिसमें लाल छिद्र समानांतर पंक्तियों में गन्ने के गोभ में दिखाई देते हैं।
गन्ने में नीचे की आंख फूटना (कनफरा) जैसे लक्षण दिखाई देते हैँ।
प्रबंधन
समानांतर पंक्ति विधि द्वारा गन्ने की बुवाई करें और पत्तियां बिछाकर हल्की मिट्टी चढ़ाए।
निगरानी और व्यस्क कीटों को पकड़ने के लिए प्रकाश पाश (एक प्रति एकड़) व फेरोमान ट्रैप (10 प्रति एकड़) लगाए।
क्लोरेंन्ट्रानिलिप्रोल 10 एससी और लेम्डा सायहैलोथ्रीन 5 एमसी 400 मिलीलीटर को 400 से 500 लीटर पानी में मिलाकर एक एकड़ में स्प्रे कर दें।
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