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मकर संक्रांति पर मनाया सामाजिक समरसता दिवस
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शामली सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में मकर संक्रांति के अवसर पर कार्यक्रम बोलते शिक्षक।
- फोटो : SHAMLI
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मकर संक्रांति पर मनाया सामाजिक समरसता दिवस
शामली। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज शामली में मकर संक्रांति का पर्व सामाजिक समरसता दिवस के रूप में मनाया गया। शुक्रवार को विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना और उनके चित्र के सम्मुख पुष्पार्चन से हुआ।
मोहित कुमार ने मकर संक्रांति पर्व का मोहक गीत ‘उगे हम धरा पर नई रोशनी ले, अंधेरी निशा को मिटाने चले हम’ प्रस्तुत किया। प्रधानाचार्य रविंद्र कुमार ने कहा कि भारत त्योहारों का देश है। यहां समय-समय पर अनेकानेक त्योहार मनाए जाते हैं, जिनका अपना वैज्ञानिक, सांस्कृतिक, भौगोलिक, पौराणिक महत्व है। मकर संक्रांति का पर्व भारत ही नहीं अपितु नेपाल में भी समाज में व्याप्त भेदभाव को समाप्त करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। मकर संक्रांति के अवसर पर गंगा स्नान एवं गंगा तट पर दान को अत्यंत शुभ माना गया है। इस दिन सूर्य उत्तरायण में प्रवेश करता है, जिससे नए प्रकाश और नई आशाओं का संचार होता है।
इस अवसर पर सामूहिक रूप से सभी को खिचड़ी, मूंगफली व रेवड़ी का प्रसाद वितरित किया गया। उपप्रधानाचार्य मलूक चंद ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में आचार्य मोहर सिंह, प्रीतम सिंह, अरविंद कुमार, नीटू कश्यप, पवन कुमार, विजय कुमार, सीताराम, अशोक कुमार, विकास शर्मा, कुलदीप कुमार, अंकित भार्गव, पुष्पेंद्र शर्मा, महेंद्र कुमार, मुदित गर्ग, रजत गोयल आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष विनोद गोयल और संचालन आचार्य सोमदत्त आर्य ने किया।
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शामली। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज शामली में मकर संक्रांति का पर्व सामाजिक समरसता दिवस के रूप में मनाया गया। शुक्रवार को विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना और उनके चित्र के सम्मुख पुष्पार्चन से हुआ।
मोहित कुमार ने मकर संक्रांति पर्व का मोहक गीत ‘उगे हम धरा पर नई रोशनी ले, अंधेरी निशा को मिटाने चले हम’ प्रस्तुत किया। प्रधानाचार्य रविंद्र कुमार ने कहा कि भारत त्योहारों का देश है। यहां समय-समय पर अनेकानेक त्योहार मनाए जाते हैं, जिनका अपना वैज्ञानिक, सांस्कृतिक, भौगोलिक, पौराणिक महत्व है। मकर संक्रांति का पर्व भारत ही नहीं अपितु नेपाल में भी समाज में व्याप्त भेदभाव को समाप्त करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। मकर संक्रांति के अवसर पर गंगा स्नान एवं गंगा तट पर दान को अत्यंत शुभ माना गया है। इस दिन सूर्य उत्तरायण में प्रवेश करता है, जिससे नए प्रकाश और नई आशाओं का संचार होता है।
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इस अवसर पर सामूहिक रूप से सभी को खिचड़ी, मूंगफली व रेवड़ी का प्रसाद वितरित किया गया। उपप्रधानाचार्य मलूक चंद ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में आचार्य मोहर सिंह, प्रीतम सिंह, अरविंद कुमार, नीटू कश्यप, पवन कुमार, विजय कुमार, सीताराम, अशोक कुमार, विकास शर्मा, कुलदीप कुमार, अंकित भार्गव, पुष्पेंद्र शर्मा, महेंद्र कुमार, मुदित गर्ग, रजत गोयल आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष विनोद गोयल और संचालन आचार्य सोमदत्त आर्य ने किया।
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