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शहीद अमित कोरी की प्रतिमा को बहन ने बांधी राखी
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। पुलवामा के आतंकी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवान अमित कोरी की बहन मीनाक्षी ने रक्षा बंधन पर सहारनपुर से आकर भाई की प्रतिमा को राखी बांधी। साथ ही प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस दौरान मीनाक्षी समेत अन्य परिजनों की आंखें छलक उठी।
शहर के मोहल्ला रेलपार निवासी सीआरपीएफ जवान अमित कोरी 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में आतंकियों के हमले में शहीद हो गए थे। अमित कोरी के साथ उस हमले में कुल 40 जवान शहीद हुए थे। सीआरपीएफ के इन शहीद जवानों में जिले के भी दो लाल थे। उन्हीं में एक शहीद अमित कोरी थे। रक्षाबंधन के त्योहार पर शहीद अमित कोरी की बहन सहारनपुर से शामली आई और अपने भाई की प्रतिमा को राखी बांधने पहुंची। मीनाक्षी ने थाली सजाकर अमित कोरी की प्रतिमा पर जाकर चरण स्पर्श किए। फिर माथे पर तिलक लगाया और कलाई पर राखी बांधी। इस दौरान अमित कोरी की बहन की आंखों से आंसू बह रहे थे। इसके बाद उन्होंने तिरंगा लहराकर भाई को याद किया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन पर उसे अपने छोटे भाई की बहुत याद आती है। लेकिन उनकी शहादत पर उसे गर्व भी है।
भाई को खोने का गम, लेकिन गर्व भी
शहीद अमित की बहन मीनाक्षी ने कहा, भाई को खोने का गम तो है लेकिन उसके शौर्य पर गर्व भी है कि उसने देश की रक्षा में प्राणों की आहुति दी। चूंकि, रक्षाबंधन का त्यौहार भाई-बहनों का बड़ा पर्व है और उनका भाई अमित अब उनसे बहुत दूर जा चुका है, तो इस पर्व पर मैं उनकी प्रतिमा की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें याद करती हूं।
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शामली। पुलवामा के आतंकी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवान अमित कोरी की बहन मीनाक्षी ने रक्षा बंधन पर सहारनपुर से आकर भाई की प्रतिमा को राखी बांधी। साथ ही प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस दौरान मीनाक्षी समेत अन्य परिजनों की आंखें छलक उठी।
शहर के मोहल्ला रेलपार निवासी सीआरपीएफ जवान अमित कोरी 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में आतंकियों के हमले में शहीद हो गए थे। अमित कोरी के साथ उस हमले में कुल 40 जवान शहीद हुए थे। सीआरपीएफ के इन शहीद जवानों में जिले के भी दो लाल थे। उन्हीं में एक शहीद अमित कोरी थे। रक्षाबंधन के त्योहार पर शहीद अमित कोरी की बहन सहारनपुर से शामली आई और अपने भाई की प्रतिमा को राखी बांधने पहुंची। मीनाक्षी ने थाली सजाकर अमित कोरी की प्रतिमा पर जाकर चरण स्पर्श किए। फिर माथे पर तिलक लगाया और कलाई पर राखी बांधी। इस दौरान अमित कोरी की बहन की आंखों से आंसू बह रहे थे। इसके बाद उन्होंने तिरंगा लहराकर भाई को याद किया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन पर उसे अपने छोटे भाई की बहुत याद आती है। लेकिन उनकी शहादत पर उसे गर्व भी है।
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भाई को खोने का गम, लेकिन गर्व भी
शहीद अमित की बहन मीनाक्षी ने कहा, भाई को खोने का गम तो है लेकिन उसके शौर्य पर गर्व भी है कि उसने देश की रक्षा में प्राणों की आहुति दी। चूंकि, रक्षाबंधन का त्यौहार भाई-बहनों का बड़ा पर्व है और उनका भाई अमित अब उनसे बहुत दूर जा चुका है, तो इस पर्व पर मैं उनकी प्रतिमा की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें याद करती हूं।
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