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एसआईआर शिविर : अन्य राज्यों से मंगानी पड़ रही 2003 की वोटर लिस्ट
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शामली/कैराना/बाबरी/गढ़ीपुख्ता। रविवार को जिलेभर में विशेष मतदाता पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के तहत बूथों पर शिविर लगाए गए। इस दौरान बीएलओ और संबंधित कर्मचारियों ने मतदाताओं की समस्याएं सुनीं और नाम जोड़ने, संशोधन व अन्य त्रुटियों को दूर करने के लिए फॉर्म प्राप्त किए।
सिंभालका स्थित कंपोजिट विद्यालय नंबर एक में लगाए गए शिविर में मतदाताओं की संख्या अपेक्षाकृत कम रही। पूरे दिन में मात्र 14 फार्म नाम संशोधन व अन्य कार्यों के लिए जमा हुए।
सिंभालका निवासी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि मतदाता सूची में उनका नाम नहीं होने से उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं अनुज ने बताया कि पहले उसकी वोट बनी हुई थी, लेकिन अब नाम सूची में नहीं दिख रहा, जिस कारण नई वोट बनवाने में दिक्कत आ रही है।
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कैराना विधानसभा क्षेत्र में 372 बूथों पर कैंप लगाकर बीएलओ मतदाताओं से फॉर्म-6 (नया नाम जोड़ने) और त्रुटि सुधार के फार्म जमा कर रहे हैं। इस्लामिया इंटर कॉलेज के चार बूथों के बीएलओ लगभग एक किलोमीटर दूर पब्लिक इंटर कॉलेज में बैठकर फॉर्म ले रहे हैं, जिससे मतदाताओं को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
एसआईआर के तहत जारी नोटिसों के समाधान के लिए कई मामलों में अन्य प्रदेशों से वर्ष 2003 की वोटर लिस्ट मंगाई जा रही है। मोहल्ला आलकला निवासी शमशाद ने बताया कि उसकी शादी करीब छह वर्ष पूर्व छत्तीसगढ़ निवासी नूरजहां के साथ हुई थी। पत्नी को एसआईआर के तहत नोटिस मिला था। इसके समाधान के लिए ससुराल पक्ष से वर्ष 2003 की वोटर लिस्ट व्हाट्सएप के माध्यम से मंगाई गई, जिसका प्रिंट आउट निकालकर बीएलओ को सौंप दिया गया।
नई बस्ती निवासी ताहिर अपने बेटों नासिर और वासिल की नई वोट बनवाने पहुंचे। उन्होंने बताया कि पहले उनका बूथ इस्लामिया इंटर कॉलेज में था, लेकिन अब काफी दूरी तय कर पब्लिक इंटर कॉलेज आना पड़ा।
मोहल्ला कलालान निवासी शमसाद ने बताया कि उनके बेटे मुरस्लीन की शादी तीन माह पूर्व नाई नगला निवासी युवती से हुई है। बूथ परिवर्तन के कारण उन्हें भी दूर स्थित केंद्र पर आना पड़ा।
इनके अलावा कांधला, जलालाबाद, थानाभवन, गढ़ीपुख्ता, झिंझाना और बाबरी क्षेत्र में भी लगाए गए शिविरों में मतदाता पहुंचे और अपनी समस्याओं का समाधान कराया।
जिला निर्वाचन कार्यालय प्रभारी विनय भदौरिया का कहना है कि अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में जोड़ना और त्रुटियों को दूर करना है ताकि आगामी चुनावों में सभी मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
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सिंभालका स्थित कंपोजिट विद्यालय नंबर एक में लगाए गए शिविर में मतदाताओं की संख्या अपेक्षाकृत कम रही। पूरे दिन में मात्र 14 फार्म नाम संशोधन व अन्य कार्यों के लिए जमा हुए।
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सिंभालका निवासी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि मतदाता सूची में उनका नाम नहीं होने से उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं अनुज ने बताया कि पहले उसकी वोट बनी हुई थी, लेकिन अब नाम सूची में नहीं दिख रहा, जिस कारण नई वोट बनवाने में दिक्कत आ रही है।
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कैराना विधानसभा क्षेत्र में 372 बूथों पर कैंप लगाकर बीएलओ मतदाताओं से फॉर्म-6 (नया नाम जोड़ने) और त्रुटि सुधार के फार्म जमा कर रहे हैं। इस्लामिया इंटर कॉलेज के चार बूथों के बीएलओ लगभग एक किलोमीटर दूर पब्लिक इंटर कॉलेज में बैठकर फॉर्म ले रहे हैं, जिससे मतदाताओं को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
एसआईआर के तहत जारी नोटिसों के समाधान के लिए कई मामलों में अन्य प्रदेशों से वर्ष 2003 की वोटर लिस्ट मंगाई जा रही है। मोहल्ला आलकला निवासी शमशाद ने बताया कि उसकी शादी करीब छह वर्ष पूर्व छत्तीसगढ़ निवासी नूरजहां के साथ हुई थी। पत्नी को एसआईआर के तहत नोटिस मिला था। इसके समाधान के लिए ससुराल पक्ष से वर्ष 2003 की वोटर लिस्ट व्हाट्सएप के माध्यम से मंगाई गई, जिसका प्रिंट आउट निकालकर बीएलओ को सौंप दिया गया।
नई बस्ती निवासी ताहिर अपने बेटों नासिर और वासिल की नई वोट बनवाने पहुंचे। उन्होंने बताया कि पहले उनका बूथ इस्लामिया इंटर कॉलेज में था, लेकिन अब काफी दूरी तय कर पब्लिक इंटर कॉलेज आना पड़ा।
मोहल्ला कलालान निवासी शमसाद ने बताया कि उनके बेटे मुरस्लीन की शादी तीन माह पूर्व नाई नगला निवासी युवती से हुई है। बूथ परिवर्तन के कारण उन्हें भी दूर स्थित केंद्र पर आना पड़ा।
इनके अलावा कांधला, जलालाबाद, थानाभवन, गढ़ीपुख्ता, झिंझाना और बाबरी क्षेत्र में भी लगाए गए शिविरों में मतदाता पहुंचे और अपनी समस्याओं का समाधान कराया।
जिला निर्वाचन कार्यालय प्रभारी विनय भदौरिया का कहना है कि अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में जोड़ना और त्रुटियों को दूर करना है ताकि आगामी चुनावों में सभी मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।