{"_id":"629e4f6d9c2a77455d644d35","slug":"silavar-s-splendor-selected-in-ranji-team-family-celebration-shamli-news-mrt5918297121","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिलावर के वैभव का रणजी टीम में चयन होने पर खुशी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिलावर के वैभव का रणजी टीम में चयन होने पर खुशी
विज्ञापन
वैभव
- फोटो : shamli
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शामली। क्षेत्र के गांव सिलावर निवासी 22 वर्षीय वैभव चौधरी का रणजी टीम में चयन हुआ है। उनके चयन होने पर परिवार में खुशी का माहौल है।
गांव सिलावर के मूल निवासी वैभव चौधरी वर्तमान में अपने परिवार के साथ गाजियाबाद में रहते हैं। उनके पिता राजीव सिंह दिल्ली में सीपीडब्ल्यूडी में असिस्टेंट डायरेक्टर है। वैभव के सपनों को पूरा करने के लिए उन्होंने बेटे को पूरा सहयोग दिया है। वैभव का चयन रणजी टीम में हुआ है। इसी महीने में कर्नाटक और यूपी का मैच होना प्रस्तावित है, जिसमें यूपी की तरफ से वैभव चौधरी रणजी ट्रॉफी के लिए खेलेंगे। परिजनों का कहना है कि वैभव का शुरू से ही खेल के प्रति लगाव रहा है और वह क्रिकेट खेलने में रुचि लेते थे।
वैभव के ताऊ संजीव का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि उनका भतीजा एक दिन देश के लिए जरूर खेलेगा। दादी केला देवी ने कहा कि वैभव ने अपने सपने को पूरा करने के लिए पहली सीढ़ी पर कदम रख दिया है। रणजी ट्रॉफी के लिए वैभव का चयन होना न केवल परिवार के लिए बल्कि गांव और जनपद के लिए खुशी की बात है। परिजन और ग्रामीणों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी मनाई और वैभव को बधाई दी।
विज्ञापन
गांव सिलावर के मूल निवासी वैभव चौधरी वर्तमान में अपने परिवार के साथ गाजियाबाद में रहते हैं। उनके पिता राजीव सिंह दिल्ली में सीपीडब्ल्यूडी में असिस्टेंट डायरेक्टर है। वैभव के सपनों को पूरा करने के लिए उन्होंने बेटे को पूरा सहयोग दिया है। वैभव का चयन रणजी टीम में हुआ है। इसी महीने में कर्नाटक और यूपी का मैच होना प्रस्तावित है, जिसमें यूपी की तरफ से वैभव चौधरी रणजी ट्रॉफी के लिए खेलेंगे। परिजनों का कहना है कि वैभव का शुरू से ही खेल के प्रति लगाव रहा है और वह क्रिकेट खेलने में रुचि लेते थे।
वैभव के ताऊ संजीव का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि उनका भतीजा एक दिन देश के लिए जरूर खेलेगा। दादी केला देवी ने कहा कि वैभव ने अपने सपने को पूरा करने के लिए पहली सीढ़ी पर कदम रख दिया है। रणजी ट्रॉफी के लिए वैभव का चयन होना न केवल परिवार के लिए बल्कि गांव और जनपद के लिए खुशी की बात है। परिजन और ग्रामीणों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी मनाई और वैभव को बधाई दी।
विज्ञापन