{"_id":"5b697efb4f1c1b75568b5bcf","slug":"shrawan-kumar-of-kalyug-reached-shamli-with-his-parents-sitting-in-kawad","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"माता-पिता को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से शामली पहुंचा कलयुग का श्रवण कुमार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
माता-पिता को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से शामली पहुंचा कलयुग का श्रवण कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Updated Tue, 07 Aug 2018 04:46 PM IST
विज्ञापन
यात्रा पूरी कर शामली पहुंचे बब्बन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश में आज भी ऐसे लोगों की कमी नहीं है जो अपने माता-पिता और बुजुर्गों की सेवा के लिए अपना तन मन धन सब कुछ न्यौछावर करने को तैयार रहते हैं। फिर भले ही उन्हें अपने माता पिता को श्रवण की ही तरह पालकी में बैठाकर पैदल तीर्थ क्यों न कराना पड़े। पानीपत के रहने वाले बब्बन का भी सपना था कि वह अपने मां बाप को ऐसी ही धार्मिक यात्रा कराए। इस बार कांवड़ यात्रा में बब्बन ने अपना यह सपना पूरा किया-
विज्ञापन
पानीपत के बब्बन बने कलयुग के श्रवण कुमार
कांवड़ यात्रा 2018
- फोटो : अमर उजाला
पानीपत जिले के विद्या नगर कॉलोनी का रहने वाला बब्बन हरिद्वार से रावण में अपनी माता और पिता को बैठाकर पैदल ही लेकर आया है। बब्बन का कहना है कि माता-पिता की सेवा मेरा धर्म है, इसीलिए उनको कावड़ में बैठाकर लाया हूं। वहीं माता पिता ने भी बेटे के इस प्रण की खूब सराहना की और उसे भरपूर आशीष दिए।
शामली तक पहुंचने के दौरान बब्बन थका हुआ तो था लेकिन शिवालय तक पहुंचने के लिए उनमें भरपूर जोश दिखा। जोश भरपूर था। शामली में पहुंचने पर शिव भक्तों ने बोल बम का जयघोष करके कांवडिया का स्वागत किया। इस कावड़ को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बब्बन के साथ उसका भाई भी कावड़ लाने में सहयोगी रहा।
शामली तक पहुंचने के दौरान बब्बन थका हुआ तो था लेकिन शिवालय तक पहुंचने के लिए उनमें भरपूर जोश दिखा। जोश भरपूर था। शामली में पहुंचने पर शिव भक्तों ने बोल बम का जयघोष करके कांवडिया का स्वागत किया। इस कावड़ को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बब्बन के साथ उसका भाई भी कावड़ लाने में सहयोगी रहा।