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Shamli News: मृतकों के नाम दुकानें, 19 साल से कट रहीं लापरवाही की रसीदें

Wed, 11 Jun 2025 12:57 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 11 Jun 2025 12:57 AM IST
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Shops in the name of the dead, receipts being issued for negligence for 19 years
स्योहारा में स्टेशन रोड पर नगरपालिका की दुकानें। संवाद
स्योहारा। नगर पालिका में जिम्मेदारों ने खुद ही पालिका की बुनियाद खोखली कर दी। पालिका की दुकानें मृतक व्यक्तियों के नाम चलती रहीं और आंख मूंदकर 19 साल से किराए की रसीदें भी कटती रहीं। मामला खुलने पर अब अफसर कार्रवाई का राग अलाप रहे हैं।
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स्टेशन रोड स्थित नगर पालिका की 114 दुकानें लंबे समय से किराए पर चल रहीं हैं। अनुबंध खत्म होने के बाद भी बीते 19 सालों से इन दुकानों के किराए की रसीदें काटी जातीं रहीं। ताज्जुब यह कि लापरवाह अफसर मृत लोगों के नाम से ही रसीदें काटते रहे। बताया जा रहा है कि इनमें दो दर्जन से अधिक किराएदारों का निधन हो चुका है। 30 से ज्यादा ने फर्जी तरीके से पालिका की दुकानों को बेच दिया।
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अब नींद से जागे पालिका अफसरों ने हरकत में आते हुए ऐसे करीब 114 लोगों को नोटिस तामील कराते हुए 15 दिन के भीतर जवाब तलब किया है। वर्ष 2006 में सभी दुकानों का एग्रीमेंट खत्म होने के बाद से किसी भी दुकान का नवीनीकरण नहीं हुआ। पूर्व के सभी पालिकाध्यक्ष व ईओ ने आंखें मूंद पालिका की दुकानों को की तरफ देखना भी गवारा नहीं किया। कई दशक से मात्र 50 रुपये महीना किराया पालिका लेती रही। ईओ बिजेंद्र सिंह पाल ने स्टेशन रोड स्थित इन दुकानों के मामले का संज्ञान लेते हुए सर्वे कराया तो पूरी सच्चाई खुल कर सामने आ गई।
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- अब किराया तीन सौ रुपये, 25 हजार नवीनीकरण शुल्क

स्योहारा। बीते दिनों पालिकाध्यक्ष फैसल वारसी की अध्यक्षता और ईओ बिजेंद्र सिंह पाल के संचालन में बोर्ड की बैठक हुई। बैठक में दुकानों का नवीनीकरण शुल्क 25 हजार रुपये रखा गया। साथ ही अब 50 रुपये प्रतिमाह के स्थान पर 300 रुपये किराया तय किया गया है। अब दुकानों का एग्रीमेंट पांच साल के लिए होगा।


- नगर पालिका द्वारा कराए सर्वे में पाया गया कि अधिकांश दुकानों पर अवैध रूप से कब्जा है। कुछ लोगों के निधन को कई साल हो गए लेकिन उनके नाम की रसीद काटी गईं हैं, जबकि दुकान पर कोई और ही कब्जा किए है। कई दुकानें फर्जी तरीके से दूसरे को बेची गईं हैं। ऐसे सभी दुकानदारों को नोटिस देकर दस्तावेज दिखाने को कहा गया है। - बिजेंद्र सिंह पाल, ईओ, नगर पालिका परिषद स्योहारा
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