{"_id":"6a09978462028b6bd9006adb","slug":"shamli-two-friends-of-bantikheda-died-due-to-collision-with-a-speeding-car-2026-05-17","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Shamli: तेज रफ्तार कार की टक्कर से बनतीखेड़ा के दो दोस्तों की मौत, बिहार के ठाकुरगंज में हुआ दर्दनाक हादसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli: तेज रफ्तार कार की टक्कर से बनतीखेड़ा के दो दोस्तों की मौत, बिहार के ठाकुरगंज में हुआ दर्दनाक हादसा
Sun, 17 May 2026 03:55 PM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, शामली
अमर उजाला नेटवर्क, शामली
Published by: Mohd Mustakim
Updated Sun, 17 May 2026 03:55 PM IST
सार
शामली के गांव बनतीखेड़ा निवासी ट्रक चालक सादिक और क्लीनर सुहेल दोनों गहरे दोस्त थे। दोनों सीतापुर से ट्रक में लोहे का सामान भरकर गुवाहाटी के लिए रवाना हुए थे। बिहार के ठाकुरगंज क्षेत्र में बंगाल बॉर्डर के पास हादसा हो गया।
विज्ञापन
सुहेल और सादिक।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार के ठाकुरगंज क्षेत्र में बंगाल बॉर्डर के पास गांव बनतीखेड़ा के दो दोस्तों सादिक और सुहेल की तेज रफ्तार कार की टक्कर से मौत हो गई। बचपन से साथ रहने वाले दोनों दोस्तों की एक साथ मौत से गांव में मातम पसर गया। शनिवार दे रात दोनों के शव गांव पहुंचे और उन्हें सुपुर्दे खाक कर दिया गया।
विज्ञापन
Trending Videos
गांव बनतीखेड़ा निवासी सादिक (23) ट्रक चालक व सुहेल (22) ट्रक क्लीनर था। शुक्रवार को दोनों सीतापुर से ट्रक में लोहे का सामान भरकर गुवाहाटी, असम के लिए रवाना हुए थे। इनके मालिक की दूसरी गाड़ी भी सामान लेकर उनके साथ चल रही थी। शुक्रवार तड़के करीब दो बजे बिहार के ठाकुरगंज क्षेत्र में बंगाल बॉर्डर के पास आगे चल रही दूसरी गाड़ी का टायर पंक्चर हो गया। चालक ने सड़क किनारे ट्रक खड़ाकर टायर बदलना शुरू कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस दौरान पीछे से आ रहे सादिक व सुहेल ने भी अपना ट्रक वहीं रोक लिया। दोनों ट्रक से उतरकर साथी चालक का हालचाल जानने के लिए उसकी ओर बढ़े ही थे कि पीछे से आई तेज रफ्तार कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। जिससे दोनों की मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार सादिक व सुहेल दोस्त थे। दोनों अक्सर साथ काम करते और अधिकतर समय एक-दूसरे के साथ ही बिताते थे।
परिवार की जिम्मेदारी थी कंधों पर
परिजनों के अनुसार सादिक तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा था और परिवार की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी। उसके पिता मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। वहीं सुहेल छह भाई-बहनों में सबसे छोटा था। करीब चार वर्ष पूर्व पिता की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी काफी हद तक उसी के कंधों पर आ गई थी। दो मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मोहल्ले के लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने में लगे हुए थे। सादिक एवं सुहेल के शव शनिवार रात गांव पहुंचे। परिजनों और ग्रामीणों ने गमगीन माहौल में दोनों शवों को सुपुर्दे खाक कर दिया।
परिजनों के अनुसार सादिक तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा था और परिवार की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी। उसके पिता मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। वहीं सुहेल छह भाई-बहनों में सबसे छोटा था। करीब चार वर्ष पूर्व पिता की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी काफी हद तक उसी के कंधों पर आ गई थी। दो मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मोहल्ले के लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने में लगे हुए थे। सादिक एवं सुहेल के शव शनिवार रात गांव पहुंचे। परिजनों और ग्रामीणों ने गमगीन माहौल में दोनों शवों को सुपुर्दे खाक कर दिया।