Shamli News: युवाओं को रास नहीं आया पंचायत सहायक का पद, ज्वाइनिंग के दो से चार माह बाद ही छोड़ी नौकरी
शिक्षित युवक युवतियों को पंचायत सहायक की नौकरी रास नहीं आई। 18 पंचायत सहायकों ने नौकरी को छोड़कर अन्य स्थान पर ज्वॉइन कर लिया है। ज्वाइनिंग के दो से चार माह बाद ही नौकरी छोड़ दी, अब ये पद फिर से खाली हो गए हैं। खाली पदों पर भर्ती की तैयारी की जा रही है।
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शासन ने एक साल पहले ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायक की भर्ती निकाली थीं। पंचायतों में मिनी सचिवालय बनाकर वहां कंप्यूटर सिस्टम की स्थापना करके सभी कार्य किया जा सके। पंचायत सहायकों को ही गांव के कार्यों की ऑनलाइन फीडिंग करना, भुगतान करना, पेंशन के फार्म ऑनलाइन भेजना आदि कार्यों की जिम्मेदारी थी। पंचायतों में जिस जाति का प्रधान, महिला व पुरुष होगा तो उसी वर्ग युवाओं को मौका मिलना था।
पंचायत सहायकों की पंचायत में भर्ती कर दी गई थी, लेकिन दो चार माह बाद ही पंचायत सहायकों ने नौकरी से त्याग पत्र देने शुरू कर दिए। वह अन्य स्थानों पर नौकरी करने के लिए चले गए। कई ने तो दिल्ली की कंपनी में नौकरी ज्वाइन की तो कहीं देहरादून की कंपनी में नौकरी कर रहे हैं। जिसके बाद पंचायतें कई माह से खाली पड़ी हैं। अब फिर इनमें भर्ती करने की तैयारी है। जिससे वहां का कार्य बाधित न हो।
मानदेय भी था काफी कम
पंचायत सहायकों को मानदेय भी नौकरी से त्याग पत्र देना एक कारण था, क्योंकि पांच से छह हजार रुपये ही मानदेय के रूप में दिए जाते थे। सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक कार्यालय में रहना पड़ता था। इसलिए युवाओं ने मानदेय भी कम होने के कारण नौकरी से त्याग पत्र दिया।
ये पंचायतें हैं खाली
मंडावर, झारखेड़ी, गंगेरू, नाला, ताहिरपुर भभीसा, बुटराड़ी, झाल, ताजपुर सिंभालका, बाबरी, जानीपुर, मानकपुर, नौजल नोजली, थानाभवन देहात, आकापुर उर्फ फूसगढ़, ढिंढाली, दूल्लाखेड़ी, खेड़ाथान, पिंडौरा जहांगीरपुर पंचायत शामिल है।
पंचायत सहायकों के लिए मांगे गए आवेदन
जिला पंचायत राज अधिकारी नंदलाल ने बताया कि पंचायत सहायकों के खाली 18 पद पर भर्ती की तैयारी कर ली है। शासन ने इसके लिए आदेश जारी कर दिए हैं। 14 जनवरी से खाली पदों के लिए आवेदन मांगे गए हैं। पदों पर आवेदन आने के बाद भर्ती की जाएगी। 25 फरवरी को डीएम की अध्यक्षता में बैठक करने के बाद नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे।
स्थानीय युवाओं को नौकरी देने के लिए पंचायत सहायक की भर्ती निकाली गई थी, लेकिन युवाओं ने कुछ माह बाद ही त्यागपत्र दे दिया था। त्याग पत्र देने वालों में अधिकतर पोस्ट ग्रेजुएट थे और वह कंपनी में कार्य कर रहे हैं। - नंदलाल जिला पंचायत राज अधिकारी शामली