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Shamli News: धीमी चाल से चल रही शामली मिल, किसानों से गन्ना न लाने की अपील
Mon, 05 Jan 2026 12:33 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Mon, 05 Jan 2026 12:33 AM IST
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शामली शुगर मिल के क्रेन यार्ड में पड़ा गन्ना । संवाद
शामली। अपर दोआब चीनी मिल शामली की ढाई मेगावाट की टरबाइन धमाके के साथ फटने के बाद जेनरेटर से कम क्षमता से गन्ना पेराई की जा रही है। मिल की तरफ से किसानों को संदेश भेजकर मिल में गन्ना न लाने की अपील की गई है। उधर, बेंगलुरु से मंगाई गई टरबाइन और अतिरिक्त जेनरेटर मिल में पहुंच गए हैं। टरबाइन लगने के बाद दो दिन में स्थिति सामान्य हो पाएगी।
शामली मिल में शुक्रवार की रात करीब दो बजे टरबाइन नंबर दो अचानक फट गई थी। उस समय टरबाइन के आसपास किसी कर्मचारी के न होने से हादसा होने से बच गया था। टरबाइन फटने के बाद मिल में आठ घंटे गन्ना पेराई का कार्य बंद रहा था। शनिवार सुबह दस बजे जेनरेटर से मिल में गन्ना पेराई आंशिक रूप से शुरू की गई। किसानों को मिल में खराबी आना बताकर गन्ना न लाने की अपील की गई थी। रविवार को भी किसानों को गन्ना लेकर न आने का अनुरोध किया गया है, ताकि शहर में जाम की स्थिति न बने और यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो सके।
शामली मिल के गन्ना महाप्रबंधक सतीश बालियान ने बताया कि बेंगलुरु से तीन मेगावाट और दो मेगावाट की दो टरबाइन और जेनरेटर शामली पहुंच गए है। फिलहाल जेनरेटर से लगभग 40-45 हजार क्विंटल क्षमता पर मिल को चलाया जा रहा है। टरबाइन को लगाने में दो दिन का समय लगेगा। इसके बाद मिल 60-65 हजार क्विंटल प्रतिदिन गन्ना पेराई क्षमता से चलेगी। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले किसानों को 60 हजार क्विंटल गन्ने का इंडेंट जारी किया था। इसी इंडेंट के गन्ने की दो दिन तक पेराई की जाएगी। गन्ने का नया इंडेंट अभी जारी नहीं किया गया है।
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शामली मिल में शुक्रवार की रात करीब दो बजे टरबाइन नंबर दो अचानक फट गई थी। उस समय टरबाइन के आसपास किसी कर्मचारी के न होने से हादसा होने से बच गया था। टरबाइन फटने के बाद मिल में आठ घंटे गन्ना पेराई का कार्य बंद रहा था। शनिवार सुबह दस बजे जेनरेटर से मिल में गन्ना पेराई आंशिक रूप से शुरू की गई। किसानों को मिल में खराबी आना बताकर गन्ना न लाने की अपील की गई थी। रविवार को भी किसानों को गन्ना लेकर न आने का अनुरोध किया गया है, ताकि शहर में जाम की स्थिति न बने और यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो सके।
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शामली मिल के गन्ना महाप्रबंधक सतीश बालियान ने बताया कि बेंगलुरु से तीन मेगावाट और दो मेगावाट की दो टरबाइन और जेनरेटर शामली पहुंच गए है। फिलहाल जेनरेटर से लगभग 40-45 हजार क्विंटल क्षमता पर मिल को चलाया जा रहा है। टरबाइन को लगाने में दो दिन का समय लगेगा। इसके बाद मिल 60-65 हजार क्विंटल प्रतिदिन गन्ना पेराई क्षमता से चलेगी। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले किसानों को 60 हजार क्विंटल गन्ने का इंडेंट जारी किया था। इसी इंडेंट के गन्ने की दो दिन तक पेराई की जाएगी। गन्ने का नया इंडेंट अभी जारी नहीं किया गया है।

शामली शुगर मिल के क्रेन यार्ड में पड़ा गन्ना । संवाद
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