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Shamli: आईएसआई एजेंट के फोन का डाटा रिकवर, पाकिस्तान भेजे थे सेना के फोटो और जानकारी, लाहौर में करता था बात
Fri, 04 Oct 2024 12:29 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
महबूब अली, शामली
महबूब अली, शामली
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Fri, 04 Oct 2024 12:29 AM IST
सार
शामली शहर के मोहल्ला नौकुआं रोड बर्फ वाली गली निवासी कलीम को 17 अगस्त 2023 को एसटीएफ ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का एजेंट होने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पुलिस और एसटीएफ ने 17 अगस्त 2023 को आईएसआई एजेंट कलीम को गिरफ्तार किया था। इस प्रकरण में लखनऊ की फोरेंसिक लैब ने उसके मोबाइल डाटा को रिकवर करते हुए रिपोर्ट अधिकारियों को उपलब्ध करा दी है। इसमें खुलासा हुआ है कि आईएसआई एजेंट पाकिस्तान के लाहौर के एजेंट हाफिज समेत छह एजेंटों के संपर्क में था। उसने एक दो नहीं, कई आपत्तिजनक और सेना के गोपनीय फोटो व्हाट्सएप के माध्यम से पाकिस्तान के एजेंटों को भेजे थे। पुलिस ने अभियोग में इलेक्ट्रानिक साक्ष्य शामिल करने के लिए अधिकारियों को फाइल भेजी है।
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आईएसआई एजेंट कलीम।
- फोटो : अमर उजाला
शामली शहर के मोहल्ला नौकुआं रोड बर्फ वाली गली निवासी कलीम को 17 अगस्त 2023 को एसटीएफ ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का एजेंट होने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस मामले में एसटीएफ के निरीक्षक प्रशांत कपिल की तरफ से शहर कोतवाली में कलीम, उसके भाई तहसीम उर्फ मोटा और सहारनपुर निवासी यूसुफ उर्फ समशी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। बाद में आईएसआई एजेंट तहसीम को भी गिरफ्तार कर लिया गया था। इस मामले में पुलिस को कलीम के पास से मोबाइल फोन बरामद हुआ था। जिसकी व्हाट्सएप चैट और अन्य मोबाइल डाटा को कलीम ने डिलीट कर दिया था।
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कलीम के मोबाइल फोन के डाटा को रिकवर कराने के लिए शामली पुलिस ने लखनऊ की फारेंसिक लैब को मोबाइल जांच के लिए भेजा था। सीओ अमरदीप मौर्य ने बताया कि फोरेंसिक लैब ने रिपोर्ट पुलिस को उपलब्ध करा दी है। जिसमें सामने आया है कि जुलाई, अगस्त माह में कलीम ने सबसे अधिक बातें व्हाट्सएप चैट के माध्यम से पाकिस्तान के आईएसआई हैंडलर दिलशाद मिर्जा, हमीदा, शाहिद और दो लाहौर के एसआईआई एजेंटों से बात की। वह छह लोगों के संपर्क में था। कलीम ने उन्हें मेरठ कैंट के अलावा अन्य भी कई आपत्तिजनक, गोपनीय फोटो व्हाट्सएप के माध्यम से भेजे थे।
खास बात यह है कि एजेंट सुबह 4 और शाम को 6 बजे के बाद अधिकतर पाकिस्तान के एजेंटों से बात करता था। आईएसआई एजेंट उसे जल्द अमीर बनाने का सपने दिखा रहे थे। सीओ ने बताया कि इस मामले में इलेक्ट्रानिक साक्ष्य को जांच में शामिल करने के लिए शासन को फाइल भेजी गई है। साथ ही 65 बी के तहत नोटिस दिया गया है।
पुलिस की पकड़ से बाहर है पाकिस्तान के आईएसआई हैंडलर और एजेंट
पाकिस्तान का आईएसआई एजेंट इकबाल काना, दिलशाद मिर्जा, हमीदा और शाहिद अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। इसके अलावा अब लाहौर के दो एजेंटों के नाम भी रिपोर्ट में सामने आए गए हैं।
पाकिस्तान का आईएसआई एजेंट इकबाल काना, दिलशाद मिर्जा, हमीदा और शाहिद अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। इसके अलावा अब लाहौर के दो एजेंटों के नाम भी रिपोर्ट में सामने आए गए हैं।
डेढ़ माह पूर्व दाखिल की जा चुकी दो आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट
आईएसआई एजेंट कलीम और उसके भाई तहसीम को आरोपी बनाते हुए पुलिस ने करीब डेढ़ माह पूर्व ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। जिसमें दोनों को आरोपी बनाया था। कहा गया था कि आईएसआई हैंडलर दोनों को आतंकवाद का पाठ पढ़ा रहे थे। व्हाट्सएप के माध्यम से ही एक दूसरे के संपर्क में रहते थे।
आईएसआई एजेंट कलीम और उसके भाई तहसीम को आरोपी बनाते हुए पुलिस ने करीब डेढ़ माह पूर्व ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। जिसमें दोनों को आरोपी बनाया था। कहा गया था कि आईएसआई हैंडलर दोनों को आतंकवाद का पाठ पढ़ा रहे थे। व्हाट्सएप के माध्यम से ही एक दूसरे के संपर्क में रहते थे।
अब सोशल मीडिया की भी की जा रही निगरानी
एसपी रामसेवक गौतम ने बताया कि लोग आईएसआई एजेंटों के संपर्क में नहीं आए, इसके लिए सोशल मीडिया की भी निगरानी कराई जा रही है। अलग से गठित टीम निगरानी कर रही है। यदि किसी भी व्यक्ति की गतिविधियां संदिग्ध मिलती है तो उसकी जांच कराई जाती है।
एसपी रामसेवक गौतम ने बताया कि लोग आईएसआई एजेंटों के संपर्क में नहीं आए, इसके लिए सोशल मीडिया की भी निगरानी कराई जा रही है। अलग से गठित टीम निगरानी कर रही है। यदि किसी भी व्यक्ति की गतिविधियां संदिग्ध मिलती है तो उसकी जांच कराई जाती है।