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शामली: अमीर आलम और नवाजिश ने समर्थकों समेत थामा कांग्रेस का हाथ, इमरान मसूद ने यही ये बात
Wed, 23 Sep 2026 11:17 PM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, शामली
अमर उजाला नेटवर्क, शामली
Published by: Mohd Mustakim
Updated Wed, 23 Sep 2026 11:17 PM IST
सार
अमीर आलम और नवाजिश ने कुछ दिन पहले ही चंद्रशेखर की पार्टी आसपा का दाम छोड़ दिया था। दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कांग्रेस के बड़े नेताओं के सामने उन्होंने सदस्यता ग्रहण की।
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दिल्ली में कांग्रेस ज्वाइन करते अमीर आलम और नवाजिश आलम।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पूर्व सांसद अमीर आलम खां और उनके बेटे पूर्व विधायक नवाजिश आलम ने बुधवार को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में सैकड़ों समर्थकों के साथ कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। अमीर आलम और नवाजिश आलम ने हाल ही में आजाद समाज पार्टी से इस्तीफा दिया था।
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कांग्रेस नेताओं ने अमीर आलम और नवाजिश आलम का स्वागत किया। इस दौरान राजेंद्र पाल गौतम ने सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दे उठाए। अजय राय ने कहा कि पार्टी अमीर आलम और उनके बेटे के साथ परिवार की तरह खड़ी रहेगी। इमरान मसूद ने कहा कि दोनों के कांग्रेस में शामिल होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी को मजबूती मिलेगी।
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इस दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, सहारनपुर सांसद इमरान मसूद, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अखलाक प्रधान और जिला कोऑर्डिनेटर ज्ञानेंद्र सिंह राघव समेत अन्य नेता मौजूद रहे।
थानाभवन सीट पर नवाजिश के नाम की चर्चा
अमीर आलम खां के परिवार का थानाभवन से पुराना राजनीतिक संबंध रहा है। अमीर आलम वर्ष 1985 में पहली बार थानाभवन से विधायक चुने गए थे और बाद में भी इस सीट का प्रतिनिधित्व किया। उनके बेटे नवाजिश आलम वर्ष 2012 में बुढ़ाना से सपा के टिकट पर विधायक चुने गए थे। कांग्रेस में शामिल होने के बाद 2027 के विधानसभा चुनाव में नवाजिश आलम के थानाभवन से चुनाव लड़ने को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा शुरू हुई है। हालांकि, उनकी उम्मीदवारी या टिकट को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। नवाजिश ने कहा कि पार्टी हाईकमान का जैसा आदेश होगा, वह मानने को तैयार है।
अमीर आलम खां के परिवार का थानाभवन से पुराना राजनीतिक संबंध रहा है। अमीर आलम वर्ष 1985 में पहली बार थानाभवन से विधायक चुने गए थे और बाद में भी इस सीट का प्रतिनिधित्व किया। उनके बेटे नवाजिश आलम वर्ष 2012 में बुढ़ाना से सपा के टिकट पर विधायक चुने गए थे। कांग्रेस में शामिल होने के बाद 2027 के विधानसभा चुनाव में नवाजिश आलम के थानाभवन से चुनाव लड़ने को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा शुरू हुई है। हालांकि, उनकी उम्मीदवारी या टिकट को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। नवाजिश ने कहा कि पार्टी हाईकमान का जैसा आदेश होगा, वह मानने को तैयार है।
41 साल से सक्रिय है आलम परिवार
गढ़ीपुख्ता निवासी अमीर आलम खां का राजनीतिक सफर वर्ष 1985 में थानाभवन से शुरू हुआ। इसके बाद वह मोरना और फिर थानाभवन से विधायक रहे। वह उत्तर प्रदेश सरकार में परिवहन मंत्री भी रहे। वर्ष 1999 में वह कैराना लोकसभा सीट से सांसद चुने गए और बाद में सपा से राज्यसभा सदस्य रहे। नवाजिश आलम वर्ष 2012 से 2017 तक बुढ़ाना विधानसभा सीट से विधायक रहे। अमीर आलम और नवाजिश आलम करीब डेढ़ साल पहले रालोद छोड़कर आजाद समाज पार्टी में शामिल हुए थे और अब कांग्रेस में आए हैं।
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गढ़ीपुख्ता निवासी अमीर आलम खां का राजनीतिक सफर वर्ष 1985 में थानाभवन से शुरू हुआ। इसके बाद वह मोरना और फिर थानाभवन से विधायक रहे। वह उत्तर प्रदेश सरकार में परिवहन मंत्री भी रहे। वर्ष 1999 में वह कैराना लोकसभा सीट से सांसद चुने गए और बाद में सपा से राज्यसभा सदस्य रहे। नवाजिश आलम वर्ष 2012 से 2017 तक बुढ़ाना विधानसभा सीट से विधायक रहे। अमीर आलम और नवाजिश आलम करीब डेढ़ साल पहले रालोद छोड़कर आजाद समाज पार्टी में शामिल हुए थे और अब कांग्रेस में आए हैं।
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