{"_id":"6735e6ee650fae2d920cf264","slug":"shamli-accountant-stole-rs-18-lakh-from-owner-after-losing-online-game-said-it-was-stolen-2024-11-14","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Shamli: ऑनलाइन गेम हारने पर अकाउंटेंट ने उड़ा दिए मालिक के 18 लाख, बोला- चोरी हो गई, ऐसे खुली पोल...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli: ऑनलाइन गेम हारने पर अकाउंटेंट ने उड़ा दिए मालिक के 18 लाख, बोला- चोरी हो गई, ऐसे खुली पोल...
Thu, 14 Nov 2024 05:44 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, शामली
अमर उजाला नेटवर्क, शामली
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Thu, 14 Nov 2024 05:44 PM IST
सार
बिल्डर अरुण कुमार ने एक नवंबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी और 60 लाख रुपये चोरी होने की जानकारी मौखिक रूप से दी थी। वहीं आरोपी अकाउंटेंट सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर अपने साथ ले गया था।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव लिलौन में बिल्डर के कार्यालय में एक नवंबर की रात चोरी की घटना नहीं हुई थी। पुलिस ने इसका खुलासा करते हुए बताया अकाउंटेंट ने ऑनलाइन गेम में हारने के बाद लगभग 18 लाख रुपये अपने बैंक खाते में जमा कर लिए थे। इस रकम को हड़पने के लिए उसने चोरी की झूठी सूचना प्रॉपर्टी बिल्डर को दी थी। पुलिस का कहना है कि अकाउंटेंट के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
जिला मेरठ के थाना परतापुर क्षेत्र के डूगरावली निवासी बिल्डर अरुण कुमार ने एक नवंबर को शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि गांव लिलौन में वह कालोनी काटने का काम कर रहा है। तीसरी मंजिल पर पैसे के लेनदेन के लिए कमरा बना रखा है। उसकी देखरेख गौरव तोमर निवासी गांव हिलवाड़ी जिला बागपत करता है। अरुण ने कार्यालय में रखी अलमारी का ताला तोड़कर कैश, सीसीटीवी कैमरा और डीवीआर चोरी होना बताया था। दर्ज कराई रिपोर्ट में कितनी रकम गई, यह बाद में बताने को कहा गया था, हालांकि पुलिस को मौखिक तौर पर 60 लाख रुपये चोरी होने की सूचना दी गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को पुलिस ने इस घटना का खुलासा करते हुए बताया कि गौरव तोमर बतौर अकाउंटेंट 30 हजार रुपये प्रति महीना पर प्रॉपर्टी डीलर के यहां करीब तीन साल से नौकरी करता है। गौरव तोमर से पूछताछ की तो उसने बताया कि कार्यालय में चोरी की घटना नहीं हुई थी। वह ऑनलाइन गेम खेलता था, जिसमें वह काफी मोटी रकम हार गया था, जिसे लेकर वह परेशान चल रहा था। हारी गई रकम की पूर्ति करने के लिए उसने करीब 18 लाख रुपये अपने अलग-अलग अकाउंट में जमा कराए थे।
इसकी जानकारी किसी को न हो सके, इससे बचने के लिए उसने चोरी की घटना दिखाने की योजना बनाई। गौरव ने पुलिस को बताया कि वह 30 अक्तूबर को दिवाली की छुट्टी पर घर गया था। इसके बाद अगले दिन 31 अक्तूबर की रात को वह कार्यालय पर पहुंचा और उसके मुख्य दरवाजे का ताला खोला और फिर अंदर अलमारी का ताला तोड़कर चला गया। वह सीसीटीवी कैमरा व डीवीआर भी अपने साथ ले गया था। पुलिस का कहना है कि इस मामले में अकाउंटेंट गौरव तोमर पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शक के दायरे में था गौरव
पुलिस के शक के दायरे में गौरव तोमर पहले ही दिन से आ गया था। उसने ही 60 लाख रुपये चोरी होने की जानकारी पुलिस को दी थी। जब पुलिस ने उससे इतनी बड़ी धनराशि के बारे में पूछताछ की तो वह स्पष्ट जवाब नहीं दे पाया। इसके बाद पुलिस ने गौरव के बैंक खाते की डिटेल, लोकेशन समेत कई बिंदुओं पर गहनता से जांच की तो सच्चाई सामने आ गई।
पुलिस के शक के दायरे में गौरव तोमर पहले ही दिन से आ गया था। उसने ही 60 लाख रुपये चोरी होने की जानकारी पुलिस को दी थी। जब पुलिस ने उससे इतनी बड़ी धनराशि के बारे में पूछताछ की तो वह स्पष्ट जवाब नहीं दे पाया। इसके बाद पुलिस ने गौरव के बैंक खाते की डिटेल, लोकेशन समेत कई बिंदुओं पर गहनता से जांच की तो सच्चाई सामने आ गई।