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Shamli News: किसान की हत्या में भतीजे सहित दो दोषियों को आजीवन कारावास
Fri, 09 Jan 2026 01:04 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 09 Jan 2026 01:04 AM IST
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कैराना। गांव लांक में साढ़े पांच साल पहले जमीन हड़पने के लिए किसान वेदपाल की गोली मारकर हत्या की गई थी। इस मामले में एडीजे एससी/एसटी कोर्ट ने दोष सिद्ध पाए जाने पर मृतक के भतीजे मोनू और उसके साथी सागर को आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
जिला शासकीय अधिवक्ता संजय चौहान और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार पुंडीर ने बताया कि शामली कोतवाली पर गांव लांक निवासी विनोद ने मुकदमा दर्ज कराया था कि वह चार भाई थे, जिनमें वेदपाल व अजीत अविवाहित थे और वे दोनों एक साथ रहकर खेती करते थे। उसके बड़े भाई किरणपाल के लड़के मोनू की नीयत वेदपाल व अजीत की जमीन हड़पने के लिए थी। 20 मई 2020 की रात करीब साढ़े नौ बजे वेदपाल के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई।
पुलिस ने हत्याकांड में मोनू व सागर निवासी गांव लांक को आरोपी बनाया था। पुलिस ने विवेचना पूर्ण कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया था। अभियोजन पक्ष की ओर से कोर्ट में दस गवाह पेश किए गए।
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बृहस्पतिवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एससी/एसटी कोर्ट) सुरेंद्र कुमार राय ने दोनों पक्षों की दलील सुनने एवं पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद दोनों मुजरिमों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
अर्थदंड अदा नहीं करने पर तीन-तीन माह के अतिरिक्त कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है। न्यायाधीश ने कहा कि हत्या जघन्य अपराध है। इसलिए मुजरिमों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जाती है।
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जिला शासकीय अधिवक्ता संजय चौहान और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार पुंडीर ने बताया कि शामली कोतवाली पर गांव लांक निवासी विनोद ने मुकदमा दर्ज कराया था कि वह चार भाई थे, जिनमें वेदपाल व अजीत अविवाहित थे और वे दोनों एक साथ रहकर खेती करते थे। उसके बड़े भाई किरणपाल के लड़के मोनू की नीयत वेदपाल व अजीत की जमीन हड़पने के लिए थी। 20 मई 2020 की रात करीब साढ़े नौ बजे वेदपाल के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई।
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पुलिस ने हत्याकांड में मोनू व सागर निवासी गांव लांक को आरोपी बनाया था। पुलिस ने विवेचना पूर्ण कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया था। अभियोजन पक्ष की ओर से कोर्ट में दस गवाह पेश किए गए।
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बृहस्पतिवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एससी/एसटी कोर्ट) सुरेंद्र कुमार राय ने दोनों पक्षों की दलील सुनने एवं पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद दोनों मुजरिमों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
अर्थदंड अदा नहीं करने पर तीन-तीन माह के अतिरिक्त कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है। न्यायाधीश ने कहा कि हत्या जघन्य अपराध है। इसलिए मुजरिमों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जाती है।