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स्कूल बंद फिर भी गुरुजी ले रहे वेतन
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Mon, 22 Aug 2016 11:55 PM IST
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शामली में भैंसवाल मार्ग पर बंद पड़ा प्राथमिक विद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
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शामली शहर के भैंसवाल रोड स्थित प्राथमिक स्कूूूल दो साल से बंद पड़ा है। जिसके बाद भी वहां पर तैनात किया गया अध्यापक बगैर पढ़ाए ही दो साल से हर महीने वेतन ले रहा है। इसके बावजूद भी अध्यापक को दूसरी जगह भी अटैच नहीं किया गया है।
भैंसवाल रोड स्थित प्राथमिक विद्यालय का 2011 में निर्माण कराया गया था। विद्यालय में 30 बच्चे पंजीकृत थे। विद्यालय में थानाभवन निवासी अध्यापक की तैनाती की गई थी। कॉलोनी के लोग बताते हैं कि अध्यापक ब्लैक बोर्ड पर वर्णमाला लिखकर विद्यालय के सामने परचून की दुकान पर आकर बैठ जाता या फिर किसी काम से बाजार में निकल जाता। दो साल ऐसे ही चलने के बाद कॉलोनी के लोगों ने अपनेे बच्चों को विद्यालय से हटा लिया। इसके बाद से विद्यालय में कोई बच्चा नहीं है।
वहीं अध्यापक फर्जी तरीके से उपस्थिति भर कर दो साल से वेतन ले रहा है। कई बार शिकायत करने के बाद भी अध्यापक को दूसरी जगह अटैच नहीं किया गया। अध्यापक बच्चों को बिना पढ़ाए ही हर महीने वेतन पा रहा है।
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बीच में एक दो बार अध्यापक का वेतन रोका भी गया, उसने बीएसए कार्यालय में अपना मेडिकल बनवाकर दे दिया और फिर से उसका वेतन शुरू हो गया।
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भैंसवाल रोड स्थित प्राथमिक विद्यालय का 2011 में निर्माण कराया गया था। विद्यालय में 30 बच्चे पंजीकृत थे। विद्यालय में थानाभवन निवासी अध्यापक की तैनाती की गई थी। कॉलोनी के लोग बताते हैं कि अध्यापक ब्लैक बोर्ड पर वर्णमाला लिखकर विद्यालय के सामने परचून की दुकान पर आकर बैठ जाता या फिर किसी काम से बाजार में निकल जाता। दो साल ऐसे ही चलने के बाद कॉलोनी के लोगों ने अपनेे बच्चों को विद्यालय से हटा लिया। इसके बाद से विद्यालय में कोई बच्चा नहीं है।
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वहीं अध्यापक फर्जी तरीके से उपस्थिति भर कर दो साल से वेतन ले रहा है। कई बार शिकायत करने के बाद भी अध्यापक को दूसरी जगह अटैच नहीं किया गया। अध्यापक बच्चों को बिना पढ़ाए ही हर महीने वेतन पा रहा है।
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बीच में एक दो बार अध्यापक का वेतन रोका भी गया, उसने बीएसए कार्यालय में अपना मेडिकल बनवाकर दे दिया और फिर से उसका वेतन शुरू हो गया।