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Shamli News: मृतकों के खातों में भेज दी सम्मान निधि, जिंदा काट रहे चक्कर
Fri, 28 Jun 2024 03:40 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 28 Jun 2024 03:40 AM IST
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शामली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में गोलमाल सामने आया है। जिले के विभिन्न स्थानों के 656 मृतकों के खाते में उनके मरने के बाद भी 71 लाख 76 हजार की राशि भेज दी गई। इस तरह के 856 मामले कृषि विभाग की जांच में सामने आए हैं। जिनकी मौत के बाद भी उनके खातों में सम्मान निधि पहुंचती रही। अब सभी का रिकवरी नोटिस जारी किए गए हैं। उधर, कुछ लोग सम्मान निधि के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
जिले के 60 हजार 69 किसानों को पीएम सम्मान निधि की 16वीं किस्त भेजी गई थी। जबकि 17वीं किश्त एक लाख 3 हजार 352 को भेजी गई थी। अपात्रों की कृषि विभाग ने अधिकारियों के निर्देश पर जांच कराई और ई-केवाईसी शुरू कराई। जांच में सामने आया है कि जिले के ऐसे किसानों के खातों में भी धनराशि पहुंच गई, जिनकी मौत हो चुकी है और परिजनों ने पात्र के मरने की सूचना ही नहीं दी थी। अब सभी ऐसे 856 मृतकों के परिजनों को नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें से कई ने राशि जमा भी करा दी है।
- इस तरह के मामलों की बानगी
केस-1 : सल्फा गांव के रहने वाले उपेंद्र कुमार की कुछ समय पूर्व ही मौत हो गई थी। पीएम सम्मान निधि की राशि उपेंद्र के खाते में जाती रही। अब पता चलने पर विभाग ने नोटिस जारी किया और 6 हजार की रिकवरी कराई।
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केस-2 : सल्फा के रहने वाले राज की मौत हो चुकी है। मगर उनके खाते में पीएम सम्मान निधि की करीब 10 हजार की राशि भेज दी गई। अब पता चलने पर नोटिस जारी कराकर विभाग ने रिकवरी कराई।
केस-3 : खेड़ी खुशनाम के रहने वाले राजपाल की मौत हो चुकी है। परिजनों ने कृषि विभाग से संपर्क किया और उनके मरने के बाद खाते में भेजी गई 10 हजार की राशि जमा कराई।
......
- ये काट रहे पीएम सम्मान निधि के लिए अधिकारियों के चक्कर
केस-1 : लपराना के रहने वाले किसान धीरेंद्र कुमार ने बताया कि कुछ समय पहले तो उसके खाते में पीएम सम्मान निधि के रुपये आ रहे थे। मगर अचानक ही आने बंद हो गए। वह कृषि विभाग से लेकर अन्य अधिकारियों के चक्कर काट चुका है मगर कोई सुनवाई नहीं हुई।
केस-2 : बलवा गांव के रहने वाले महेंद्र ने बताया कि पीएम सम्मान निधि की रुपये उसे नहीं मिल पा रहे हैं। अब वह कृषि अधिकारियों से गुहार लगाने के लिए पहुंचा है। रुपये नहीं मिलने के कारण परेशानी हो रही है।
- पीएम सम्मान निधि के पात्रों की जांच की जा रही है। लखनऊ से ही किसानों के खातों में सीधे राशि भेजी जाती है। कई मृतकों के खातों में भी राशि भेजी गई है क्योंकि परिजनों ने पात्र के मरने की सूचना विभाग को नहीं दी। सभी से रिकवरी की जा रही है। कुछ लोग खुद भी रुपये जमा कराने के लिए पहुंच रहे हैं। लोगों से अपील है कि यदि कोई पात्र मृतक हो गया है तो उसकी सूचना विभाग को जरूर देंं, ताकि रिकवरी नोटिस की जरूरत ही नहीं पड़े। - प्रमोद कुमार, डिप्टी डायरेक्टर कृषि विभाग
- क्या है पीएम किसान सम्मान निधि योजना
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना छोटे और सीमांत किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। योजना के तहत पात्र किसानों को प्रति वर्ष 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता तीन किश्तों में 2,000 रुपये प्रत्येक के रूप में प्रदान की जाती है।
- राशि भेजने से पूर्व नहीं कराया सर्वे, कौन जिम्मेदार
856 मृतकों के खातों में पीएम सम्मान निधि भेजी गई है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर राशि भेजने से पूर्व विभागीय अधिकारियों ने कोई सर्वे क्यों नहीं कराया? क्यों यह जानकारी नहीं ली गई कि जिन्हें राशि भेजी जानी है वह जिंदा है भी या नहीं? विभागीय जांच के बाद ही इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
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जिले के 60 हजार 69 किसानों को पीएम सम्मान निधि की 16वीं किस्त भेजी गई थी। जबकि 17वीं किश्त एक लाख 3 हजार 352 को भेजी गई थी। अपात्रों की कृषि विभाग ने अधिकारियों के निर्देश पर जांच कराई और ई-केवाईसी शुरू कराई। जांच में सामने आया है कि जिले के ऐसे किसानों के खातों में भी धनराशि पहुंच गई, जिनकी मौत हो चुकी है और परिजनों ने पात्र के मरने की सूचना ही नहीं दी थी। अब सभी ऐसे 856 मृतकों के परिजनों को नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें से कई ने राशि जमा भी करा दी है।
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- इस तरह के मामलों की बानगी
केस-1 : सल्फा गांव के रहने वाले उपेंद्र कुमार की कुछ समय पूर्व ही मौत हो गई थी। पीएम सम्मान निधि की राशि उपेंद्र के खाते में जाती रही। अब पता चलने पर विभाग ने नोटिस जारी किया और 6 हजार की रिकवरी कराई।
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केस-2 : सल्फा के रहने वाले राज की मौत हो चुकी है। मगर उनके खाते में पीएम सम्मान निधि की करीब 10 हजार की राशि भेज दी गई। अब पता चलने पर नोटिस जारी कराकर विभाग ने रिकवरी कराई।
केस-3 : खेड़ी खुशनाम के रहने वाले राजपाल की मौत हो चुकी है। परिजनों ने कृषि विभाग से संपर्क किया और उनके मरने के बाद खाते में भेजी गई 10 हजार की राशि जमा कराई।
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- ये काट रहे पीएम सम्मान निधि के लिए अधिकारियों के चक्कर
केस-1 : लपराना के रहने वाले किसान धीरेंद्र कुमार ने बताया कि कुछ समय पहले तो उसके खाते में पीएम सम्मान निधि के रुपये आ रहे थे। मगर अचानक ही आने बंद हो गए। वह कृषि विभाग से लेकर अन्य अधिकारियों के चक्कर काट चुका है मगर कोई सुनवाई नहीं हुई।
केस-2 : बलवा गांव के रहने वाले महेंद्र ने बताया कि पीएम सम्मान निधि की रुपये उसे नहीं मिल पा रहे हैं। अब वह कृषि अधिकारियों से गुहार लगाने के लिए पहुंचा है। रुपये नहीं मिलने के कारण परेशानी हो रही है।
- पीएम सम्मान निधि के पात्रों की जांच की जा रही है। लखनऊ से ही किसानों के खातों में सीधे राशि भेजी जाती है। कई मृतकों के खातों में भी राशि भेजी गई है क्योंकि परिजनों ने पात्र के मरने की सूचना विभाग को नहीं दी। सभी से रिकवरी की जा रही है। कुछ लोग खुद भी रुपये जमा कराने के लिए पहुंच रहे हैं। लोगों से अपील है कि यदि कोई पात्र मृतक हो गया है तो उसकी सूचना विभाग को जरूर देंं, ताकि रिकवरी नोटिस की जरूरत ही नहीं पड़े। - प्रमोद कुमार, डिप्टी डायरेक्टर कृषि विभाग
- क्या है पीएम किसान सम्मान निधि योजना
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना छोटे और सीमांत किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। योजना के तहत पात्र किसानों को प्रति वर्ष 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता तीन किश्तों में 2,000 रुपये प्रत्येक के रूप में प्रदान की जाती है।
- राशि भेजने से पूर्व नहीं कराया सर्वे, कौन जिम्मेदार
856 मृतकों के खातों में पीएम सम्मान निधि भेजी गई है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर राशि भेजने से पूर्व विभागीय अधिकारियों ने कोई सर्वे क्यों नहीं कराया? क्यों यह जानकारी नहीं ली गई कि जिन्हें राशि भेजी जानी है वह जिंदा है भी या नहीं? विभागीय जांच के बाद ही इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।