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समीउल्लाह बने कैराना तहसील अध्यक्ष
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समीउल्लाह बने कैराना तहसील अध्यक्ष
कांधला। कस्बे के मोहल्ला खैल स्थित मदरसा कासिम-उल-उलूम में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ कारी सूफियान की तिलावत और मुफ्ती अकरम फैयाजी की नात-ए-नबी से हुआ।
मदरसा कासिम उल उलूम मैं कैराना तहसील की इंतिखाबी प्रक्रिया शुरू हुई। जमीयत-उलमा-हिंद के तमाम पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की सर्वसम्मति से मास्टर समीउल्लाह को कैराना तहसील का अध्यक्ष और मौलाना मजहरूल हुदा कासमी को महासचिव चुन लिया गया। कारी सूफियान को कोषाध्यक्ष चुना गया है। तहसील ऊन के अध्यक्ष कारी अरशद कासमी ने कहा कि जमीयत उलमा-ए हिंद ने देश और मुसलमानों की समस्याओं के समाधान और उनके अधिकारों की रक्षा की है।
मुफ्ती इसरार हकीमी ने कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिंद ने जाति धर्म से ऊपर उठकर लोगों की मदद की है। इस संगठन की भूमिका हमेशा प्रशंसनीय रही है। कारी अब्दुल वाजिद ने कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिंद के बलिदानों को भुलाया नहीं जा सकता। अध्यक्षता कर रहे मौलाना सैयद बदरूल हुदा कासमी ने कहा कि जमीयत का उद्देश्य ही बिना किसी भेदभाव के लोगों की सेवा करना है। इस मौके पर कारी मेहताब, हाफिज क़मरूज जमां ,कारी माआज , मोहम्मद साद, मोहम्मद उमर, हाफिज आकील, मोहम्मद अरशद, मेहरदीन , अब्बास कुरैशी, मोहम्मद तौहीद, कारी इदरीस, हाफिज हाशिम, मास्टर रिजवान, अब्दुल वहाब , कारी ओबैदुल्लाह आदि मौजूद रहे।
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कांधला। कस्बे के मोहल्ला खैल स्थित मदरसा कासिम-उल-उलूम में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ कारी सूफियान की तिलावत और मुफ्ती अकरम फैयाजी की नात-ए-नबी से हुआ।
मदरसा कासिम उल उलूम मैं कैराना तहसील की इंतिखाबी प्रक्रिया शुरू हुई। जमीयत-उलमा-हिंद के तमाम पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की सर्वसम्मति से मास्टर समीउल्लाह को कैराना तहसील का अध्यक्ष और मौलाना मजहरूल हुदा कासमी को महासचिव चुन लिया गया। कारी सूफियान को कोषाध्यक्ष चुना गया है। तहसील ऊन के अध्यक्ष कारी अरशद कासमी ने कहा कि जमीयत उलमा-ए हिंद ने देश और मुसलमानों की समस्याओं के समाधान और उनके अधिकारों की रक्षा की है।
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मुफ्ती इसरार हकीमी ने कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिंद ने जाति धर्म से ऊपर उठकर लोगों की मदद की है। इस संगठन की भूमिका हमेशा प्रशंसनीय रही है। कारी अब्दुल वाजिद ने कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिंद के बलिदानों को भुलाया नहीं जा सकता। अध्यक्षता कर रहे मौलाना सैयद बदरूल हुदा कासमी ने कहा कि जमीयत का उद्देश्य ही बिना किसी भेदभाव के लोगों की सेवा करना है। इस मौके पर कारी मेहताब, हाफिज क़मरूज जमां ,कारी माआज , मोहम्मद साद, मोहम्मद उमर, हाफिज आकील, मोहम्मद अरशद, मेहरदीन , अब्बास कुरैशी, मोहम्मद तौहीद, कारी इदरीस, हाफिज हाशिम, मास्टर रिजवान, अब्दुल वहाब , कारी ओबैदुल्लाह आदि मौजूद रहे।
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