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Shamli News: अलविदा जुमे पर रोजेदारों ने अदा की नमाज
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शामली कैराना रोड पर ईदगाह में नमाज पढते मुस्लिम समाज के लोग
- नमाज के बाद दुआ इस्तगफार कर अपने गुनाहों से माफी मांगी
- सुरक्षा की दृष्टि से मस्जिदों के आसपास पुलिस फोर्स तैनात रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली/ कैराना। पवित्र माहे रमजान के अलविदा जुमे पर जामा मस्जिद सहित सभी प्रमुख मस्जिदों में रोजेदारों ने नमाज अदा की। नमाज के बाद दुआ इस्तगफार कर गुनाहों से माफी मांगी। साथ ही देश में भाईचारे व खुशहाली की दुआएं भी मांगी गई। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से सभी मस्जिदों के आसपास पुलिस व पीएसी के जवान तैनात रहे।
शुक्रवार को अलविदा जुमे की नमाज को लेकर सुबह से ही मस्जिदों में तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। शामली के बड़ा बाजार स्थित जामा मस्जिद में मौलाना शौकीन ने अलविदा जुमा की नमाज अदा कराई। उन्होंने कहा कि इस्लाम धर्म ने भाईचारे और इंसानियत का पैगाम दिया है। इसके अलावा दिल्ली रोड तिमरशाह, पंसारियान, चांद वाली मस्जिद, कुरैशियान मस्जिद और मनिहारोवाली मस्जिद में भी अलविदा जुमे की नमाज अदा कर अमन चैन की दुआ मांगी गई। इस दौरान शामली कोतवाली पुलिस मस्जिदों के आसपास सुरक्षा के लिहाज से तैनात रही।
कैराना में अलविदा जुमे पर नगर की प्राचीन जामा मस्जिद, बिबो वाली मस्जिद, सराय वाली मस्जिद, खजूरो वाली मस्जिद, दरबार वाली मस्जिद, एमपी वाली मस्जिद सहित आदि मस्जिदों में अकीदतमंदो ने नमाज अदा की। नमाज से पहले जामा मस्जिद के शाही इमाम मौलाना ताहिर में बयान करते हुए कहा कि जिस तरह पवित्र रमजान के महीने में रोजेदारों ने रोजा रख नमाज पाबंदी से पढी। इसी तरह रमजान के बाद भी नमाज पढ़ने का सिलसिला जारी रखा जाएं। उन्होंने कहा कि सभी लोग जकात, फितरा व सदका जरूर दें। ताकि गरीब लोग भी ईद मना सकें। वहीं उन्होंने कहा कि गुनाहों से माफी मांगने का पवित्र महीना रमजान गुजर चुका हैं। ईद उल फितर पर सभी सच्ची तौबा कर अपने गुनाहों की माफी कराएं। इस दौरान सभी मस्जिदों के आसपास पुलिस व पीएसी के जवान तैनात रहे।
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इबादत में गुजरा दिन
झिंझाना। रमजान के मुबारक महीने की शुरुआत 24 मार्च को जुमे के दिन से हुई, और आखरी रोजा भी जुमे के दिन अलविदा जुमे का ही हुआ। यह महीना रोजदारों के लिए दोगुनी खुशियां लेकर आया था, जिसमें रोजदारों ने रोजा, नमाज, तरावीह, कुरान की तिलावत और तस्वीह आदि इबादत कर गुजारा।
कस्बा व देहात में अलविदा जुमे की नमाज को बड़ों के साथ बच्चों ने भी बड़े शौक से अदा की। मगफिरत और रहमत के पाक महीने के आखिरी जुमा यानी अलविदा जुमे की नमाज अदा करने के लिए नमाजियों की इतनी भीड़ उमड़ी की, कस्बे की शाही जामा मस्जिद सहित तमाम मस्जिदें छोटी पड़ गईं। रमजान की विदाई पर हर रोजेदारों की आंखें नम दिखीं। फिर भी सजदे में सिर और खुदा की इबादत के जज्बे से लबरेज मुल्क की तरक्की व खुशहाली की दुआएं की। मुस्लिम इलाकों में सुबह से अलविदा जुमे की तैयारी शुरू हो गई थी। नीला रोजा शाही जामा मस्जिद, मस्जिद मदरसा नूरिया, मस्जिद शहमुबारिक, खारे वाली मस्जिद, बिलाल मस्जिद, मस्जिद आयशा, मस्जिद हजरत इमाम साहब सहित कस्बे की अन्य मस्जिदों में जुमा की नमाज हुई।
पुलिस प्रशासन की रही पैनी नजर
शहर के मुस्लिम इलाकों में पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था बेहतर तरीके से रही, वहीं नगर पंचायत अधिशासी अधिकारी योगेंद्र ने कस्बे में सभी मस्जिदों के बाहर विशेष सफाई के इंतजाम कराए गए।
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- सुरक्षा की दृष्टि से मस्जिदों के आसपास पुलिस फोर्स तैनात रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली/ कैराना। पवित्र माहे रमजान के अलविदा जुमे पर जामा मस्जिद सहित सभी प्रमुख मस्जिदों में रोजेदारों ने नमाज अदा की। नमाज के बाद दुआ इस्तगफार कर गुनाहों से माफी मांगी। साथ ही देश में भाईचारे व खुशहाली की दुआएं भी मांगी गई। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से सभी मस्जिदों के आसपास पुलिस व पीएसी के जवान तैनात रहे।
शुक्रवार को अलविदा जुमे की नमाज को लेकर सुबह से ही मस्जिदों में तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। शामली के बड़ा बाजार स्थित जामा मस्जिद में मौलाना शौकीन ने अलविदा जुमा की नमाज अदा कराई। उन्होंने कहा कि इस्लाम धर्म ने भाईचारे और इंसानियत का पैगाम दिया है। इसके अलावा दिल्ली रोड तिमरशाह, पंसारियान, चांद वाली मस्जिद, कुरैशियान मस्जिद और मनिहारोवाली मस्जिद में भी अलविदा जुमे की नमाज अदा कर अमन चैन की दुआ मांगी गई। इस दौरान शामली कोतवाली पुलिस मस्जिदों के आसपास सुरक्षा के लिहाज से तैनात रही।
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कैराना में अलविदा जुमे पर नगर की प्राचीन जामा मस्जिद, बिबो वाली मस्जिद, सराय वाली मस्जिद, खजूरो वाली मस्जिद, दरबार वाली मस्जिद, एमपी वाली मस्जिद सहित आदि मस्जिदों में अकीदतमंदो ने नमाज अदा की। नमाज से पहले जामा मस्जिद के शाही इमाम मौलाना ताहिर में बयान करते हुए कहा कि जिस तरह पवित्र रमजान के महीने में रोजेदारों ने रोजा रख नमाज पाबंदी से पढी। इसी तरह रमजान के बाद भी नमाज पढ़ने का सिलसिला जारी रखा जाएं। उन्होंने कहा कि सभी लोग जकात, फितरा व सदका जरूर दें। ताकि गरीब लोग भी ईद मना सकें। वहीं उन्होंने कहा कि गुनाहों से माफी मांगने का पवित्र महीना रमजान गुजर चुका हैं। ईद उल फितर पर सभी सच्ची तौबा कर अपने गुनाहों की माफी कराएं। इस दौरान सभी मस्जिदों के आसपास पुलिस व पीएसी के जवान तैनात रहे।
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इबादत में गुजरा दिन
झिंझाना। रमजान के मुबारक महीने की शुरुआत 24 मार्च को जुमे के दिन से हुई, और आखरी रोजा भी जुमे के दिन अलविदा जुमे का ही हुआ। यह महीना रोजदारों के लिए दोगुनी खुशियां लेकर आया था, जिसमें रोजदारों ने रोजा, नमाज, तरावीह, कुरान की तिलावत और तस्वीह आदि इबादत कर गुजारा।
कस्बा व देहात में अलविदा जुमे की नमाज को बड़ों के साथ बच्चों ने भी बड़े शौक से अदा की। मगफिरत और रहमत के पाक महीने के आखिरी जुमा यानी अलविदा जुमे की नमाज अदा करने के लिए नमाजियों की इतनी भीड़ उमड़ी की, कस्बे की शाही जामा मस्जिद सहित तमाम मस्जिदें छोटी पड़ गईं। रमजान की विदाई पर हर रोजेदारों की आंखें नम दिखीं। फिर भी सजदे में सिर और खुदा की इबादत के जज्बे से लबरेज मुल्क की तरक्की व खुशहाली की दुआएं की। मुस्लिम इलाकों में सुबह से अलविदा जुमे की तैयारी शुरू हो गई थी। नीला रोजा शाही जामा मस्जिद, मस्जिद मदरसा नूरिया, मस्जिद शहमुबारिक, खारे वाली मस्जिद, बिलाल मस्जिद, मस्जिद आयशा, मस्जिद हजरत इमाम साहब सहित कस्बे की अन्य मस्जिदों में जुमा की नमाज हुई।
पुलिस प्रशासन की रही पैनी नजर
शहर के मुस्लिम इलाकों में पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था बेहतर तरीके से रही, वहीं नगर पंचायत अधिशासी अधिकारी योगेंद्र ने कस्बे में सभी मस्जिदों के बाहर विशेष सफाई के इंतजाम कराए गए।