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सुधर नहीं सकी सड़क और स्वास्थ्य विभाग की सेहत

Thu, 19 Mar 2020 12:09 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 19 Mar 2020 12:09 AM IST
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Road and Health Department's health could not improve
सुधर नहीं सकी सड़क और स्वास्थ्य विभाग की सेहत
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शामली। प्रदेश सरकार के तीन साल पूरे हो रहे हैं। इस अंतराल में सरकार ने जिले को बहुत कुछ दिया। कई राजकीय कालेज, पुलिस लाइन, 400 केवीए बिजलीघर को मंजूरी सहित कई कार्य हुए लेकिन स्वास्थ्य विभाग और सड़कों की सेहत नहीं सुधर पाई। शामली को जाम से मुक्ति नहीं मिली तो, बकाया गन्ना मूल्य भुगतान न होने पर किसानों की परेशानी जस की तस बनी है। लोगों की कई उम्मीदें अभी भी अधूरी हैं। पेश है रिपोर्ट -
सितंबर 2011 में जिला बनने के बाद से ही जिला सरकारी उपेक्षा का शिकार रहा था, लेकिन मार्च 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद सरकार में शामली को भी प्रतिनिधित्व मिला। थानाभवन विधायक सुरेश राणा गन्ना मंत्री बने। लिहाजा शासन में शामली का पक्ष सुना जाने लगा। नतीजा रहा कि तीन साल में शामली के चौसाना में खोड़समा में 738 करोड़ की लागत से 400 केवीए बिजलीघर मंजूर हुआ। गढ़ीपुख्ता, थानाभवन और चौसाना क्षेत्र में चार राजकीय कालेजों को मंजूरी मिली। 11 गांवों में ओवरहेड टैंकों से पाइप लाइन के जरिए पानी की आपूर्ति के प्रोजेक्ट मंजूर किए गए। गढीपुख्ता-थानाभवन मार्ग को मंजूरी मिली। पुलिस लाइन को मंजूरी और ऊन में सरकारी कर्मचारियों के लिए आवास समेत 289 करोड़ के प्रोजेक्ट का खुद मुख्यमंत्री इसी महीने शिलान्यास करके गए, लेकिन इन सबके बाद भी कई सरकारी परियोजनाएं अधर में लटकी हैं।
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- स्वास्थ्य विभाग की हालत सबसे खस्ता
शामली। जिला अस्पताल का निर्माण तीन साल से चल रहा है लेकिन पूरा नहीं हुआ। विशेषज्ञ चिकित्सकों की सुविधा भी नहीं है। ईएनटी, हाई स्पेशलिस्ट के अलावा महिला विशेषज्ञों का टोटा है। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड और ईसीजी की सुविधा नहीं है। एक्सरे मशीनें भी सालों पुरानी हैं। डेंटिस्ट तो हैं लेकिन जांच के पर्याप्त उपकरण नहीं है। चिकित्सक और स्टॉफ के आधे पद खाली हैं।
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गन्ना मूल्य भुगतान के लिए परेशान किसान
जिले की शुगर मिलों पर वर्तमान पेराई सत्र का करीब 590 करोड़ रुपये बकाया है। किसानों को ब्याज तो दूर मूलधन भी मिलना मुश्किल हो रहा है। प्रशासन शुगर मिलों पर दबाव बना रहा है लेकिन मिल प्रबंधन सुनने को तैयार नहीं। किसान जरूरी खर्च के लिए भी इधर उधर से रकम जुटाने को मजबूर हैं।
- सीएचसी शामली में चिकित्सकीय स्टाफ की स्थिति
स्टाफ ------ कुल पद - रिक्त
चिकित्सक --- 14 ---- 6
फार्मेसिस्ट ---- 5 ---- कोई नहीं
वार्ड ब्वाय ----6 ---- 2
स्टाफ नर्स --- 5 ---- 4
----- संविदा स्टाफ
चिकित्सक - 3
स्टाफ नर्स - 6
------- तीन साल में मिली यह सौगात
- 738 करोड़ से चौसाना में 400 केवीए बिजलीघर
- शामली में पुलिस लाइन को मंजूरी
- दो राजकीय डिग्री कालेज और चार इंटर कालेज।
- पुलिस लाइन निर्माण मंजूरी, ऊन तहसील में कर्मचारी आवास
- 11 गांवों में ओवरहैड टैंक निर्माण कर पाइप लाइन से पेयजल आपूर्ति
---- उम्मीद जो अभी अधूरी
- बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं, जिला अस्पताल अधूरा
- दिल्ली-सहारनपुर फोरलेन निर्माण अधूरा
- शामली बाईपास का निर्माण लटका
- शहर में जाम की समस्या का समाधान
- गन्ना मूल्य भुगतान न होने की समस्या
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