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Shamli News: कलक्ट्रेट पर गरजे सेवानिवृत्त कर्मचारी
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कलक्ट्रेट में धरने के दौरान विचार व्यक्त करते सेवानिवृत्त कर्मचारी। संवाद
शामली। सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने पेंशनरी के नियमों में बदलाव के विरोध और अन्य मांगों को लेकर कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन जिलाधिकारी को देते हुए कर्मचारियों के हितों से जुड़ी विभिन्न मांगों को पूरा किए जाने की मांग की।
सेवानिवृत्त कर्मचारी पेंशनर्स एसोसिएशन एवं शिक्षक महासंघ के बैनर तले सेवानिवृत कर्मचारी कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने कहा कि फाइनेंशियल बिल 2025 में पेंशनरी नियमों में बदलाव व अन्य तरीकों से उनके हितों पर हो रहे आघात से सेवानिवृत्त कर्मचारियों में काफी आक्रोश है।
उन्होंने कहा कि साल की शुरूआत में आठवें वेतन आयोग की घोषणा से कुछ उम्मीद जगी थी लेकिन अभी तक आठवें वेतन की कार्यवाही नहीं की गई है। इसी मध्य फाइनेंशियल बिल 2025 एक कानून के रूप में सामने आया है जिसमें पूर्व पेंशनरी नियमों में बदलाव करके पेंशनरों के समूह में भेद पैदा करने का प्रयास किया गया। इसका सीधा सा मतलब यह है कि 31 दिसंबर 2025 तक सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन का पुनरीक्षण नहीं किया जायेगा। यह कर्मचारियों के हित में नहीं है। धरना देने वालों में अश्वनी तयागी, विनेश कुमार, चंद्रपाल सिंह, आदि सेवानिवृत कर्मचारी शामिल रहे।
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सेवानिवृत्त कर्मचारी पेंशनर्स एसोसिएशन एवं शिक्षक महासंघ के बैनर तले सेवानिवृत कर्मचारी कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने कहा कि फाइनेंशियल बिल 2025 में पेंशनरी नियमों में बदलाव व अन्य तरीकों से उनके हितों पर हो रहे आघात से सेवानिवृत्त कर्मचारियों में काफी आक्रोश है।
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उन्होंने कहा कि साल की शुरूआत में आठवें वेतन आयोग की घोषणा से कुछ उम्मीद जगी थी लेकिन अभी तक आठवें वेतन की कार्यवाही नहीं की गई है। इसी मध्य फाइनेंशियल बिल 2025 एक कानून के रूप में सामने आया है जिसमें पूर्व पेंशनरी नियमों में बदलाव करके पेंशनरों के समूह में भेद पैदा करने का प्रयास किया गया। इसका सीधा सा मतलब यह है कि 31 दिसंबर 2025 तक सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन का पुनरीक्षण नहीं किया जायेगा। यह कर्मचारियों के हित में नहीं है। धरना देने वालों में अश्वनी तयागी, विनेश कुमार, चंद्रपाल सिंह, आदि सेवानिवृत कर्मचारी शामिल रहे।

कलक्ट्रेट में धरने के दौरान विचार व्यक्त करते सेवानिवृत्त कर्मचारी। संवाद
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