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अधिवक्ता पर जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज, साथियों में आक्रोश
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अधिवक्ता पर जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज
कैराना। गांव में बच्चों के विवाद में हुए झगड़े में पुलिस पर अधिवक्ता के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज होने पर अधिवक्ताओं में आक्रोश फैल गया। बार भवन में अधिवक्ताओं ने बैठक कर जिला जज व एसपी को मामले से अवगत कराया। साथ ही रिपोर्ट वापस लेने की मांग की गई।
गांव गोगवान निवासी अधिवक्ता मोहम्मद कुर्बान ने बताया कि शनिवार की शाम करीब चार बजे उसके घर के बाहर गांव के कुछ बच्चों को गिल्ली डंडा खेलने से मना किया। आरोप है कि एक बच्चे ने उनके साथ अभद्रता की। उसके परिजनों से शिकायत की तो आरोपियों ने बच्चे के परिजनों ने उनके घर में घुसकर लाठी-डंडों से मारपीट की। जिसमें उनका बेटा घायल हो गया। उन्होंने कैराना कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी थी। अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने दूसरे पक्ष की तहरीर लेकर उनके खिलाफ जानलेवा हमले की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली।
सोमवार को इस मामले में बार भवन में अधिवक्ताओं की बैठक हुई। जिसमें फर्जी रिपोर्ट दर्ज करने का आरोप लगाते हुए रोष जताया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामकुमार वशिष्ठ ने कहा कि बार एसोसिएशन जो निर्णय लेगी सभी को मानना होगा। जो अधिवक्ता निर्णय के खिलाफ जाएगा उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामकुमार वशिष्ठ व महासचिव जावेद अली तथा अन्य 11 वरिष्ठ अधिवक्ताओं की एक कमेटी गठित की गई। कमेटी ने मामले को जिला जज व एसपी सुकीर्ति माधव को मामले से अवगत कराया। अधिवक्ताओं ने उच्चाधिकारियों से फर्जी रिपोर्ट को खत्म करने और दूसरे पक्ष के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
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- थाने के दो मुंशियों पर तहरीर छिपाने का आरोप
अधिवक्ता कुर्बान ने बताया कि अगले दिन अन्य अधिवक्ताओं के साथ वह थाने में पहुंचे थे। मामले में कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन थाने के कार्यालय में बैठे दो मुंशियों ने उनकी तहरीर छिपा दी और कोई कार्रवाई नहीं की।
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कैराना। गांव में बच्चों के विवाद में हुए झगड़े में पुलिस पर अधिवक्ता के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज होने पर अधिवक्ताओं में आक्रोश फैल गया। बार भवन में अधिवक्ताओं ने बैठक कर जिला जज व एसपी को मामले से अवगत कराया। साथ ही रिपोर्ट वापस लेने की मांग की गई।
गांव गोगवान निवासी अधिवक्ता मोहम्मद कुर्बान ने बताया कि शनिवार की शाम करीब चार बजे उसके घर के बाहर गांव के कुछ बच्चों को गिल्ली डंडा खेलने से मना किया। आरोप है कि एक बच्चे ने उनके साथ अभद्रता की। उसके परिजनों से शिकायत की तो आरोपियों ने बच्चे के परिजनों ने उनके घर में घुसकर लाठी-डंडों से मारपीट की। जिसमें उनका बेटा घायल हो गया। उन्होंने कैराना कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी थी। अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने दूसरे पक्ष की तहरीर लेकर उनके खिलाफ जानलेवा हमले की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली।
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सोमवार को इस मामले में बार भवन में अधिवक्ताओं की बैठक हुई। जिसमें फर्जी रिपोर्ट दर्ज करने का आरोप लगाते हुए रोष जताया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामकुमार वशिष्ठ ने कहा कि बार एसोसिएशन जो निर्णय लेगी सभी को मानना होगा। जो अधिवक्ता निर्णय के खिलाफ जाएगा उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामकुमार वशिष्ठ व महासचिव जावेद अली तथा अन्य 11 वरिष्ठ अधिवक्ताओं की एक कमेटी गठित की गई। कमेटी ने मामले को जिला जज व एसपी सुकीर्ति माधव को मामले से अवगत कराया। अधिवक्ताओं ने उच्चाधिकारियों से फर्जी रिपोर्ट को खत्म करने और दूसरे पक्ष के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
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- थाने के दो मुंशियों पर तहरीर छिपाने का आरोप
अधिवक्ता कुर्बान ने बताया कि अगले दिन अन्य अधिवक्ताओं के साथ वह थाने में पहुंचे थे। मामले में कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन थाने के कार्यालय में बैठे दो मुंशियों ने उनकी तहरीर छिपा दी और कोई कार्रवाई नहीं की।