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अनधिकृत कब्जों पर कार्रवाई करने वाले लेखपाल हटाए
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अनधिकृत कब्जों पर कार्रवाई करने वाले लेखपाल हटाए
कांधला। नगर व क्षेत्र के विभिन्न तालाबों व शत्रु संपत्ति, सरकारी भूमि पर कब्जा करने वाले लोगों को नोटिस भेजकर कब्जे हटाने की चेतावनी देना तीन लेखपालों को महंगा पड़ गया। चर्चा है कि सत्ताधारी पार्टी के नेताओं के दबाव के चलते लेखपालों को हटाया है।
प्रदेश सरकार ने सरकारी जमीनों, तालाब, शत्रु संपत्ति से अवैध कब्जा हटवाने के निर्देश दिए थे। कांधला में भी बुलडोजर ने अवैध कब्जे पर कार्रवाई शुरू कर दी थी। कांधला दक्षिण के लेखपाल लवकेश, उत्तर के लेखपाल शमशेर, पूर्व के लेखपाल मिंटू चौहान ने नगर व क्षेत्र की भूमि पर अवैध कब्जा करने वाले 130 लोगों को चिह्नित कर नोटिस जारी किए थे। तालाब की भूमि पर कब्जा कर निर्माण करने वाले लोगों को चेतावनी दी थी। कुछ स्थानों पर बुलडोजर से कब्जा भी हटवाया गया। चर्चा है कि भूमि पर अवैध कब्जा करने वाले लोगों को सत्ताधारी पार्टी के तीन नेताओं का संरक्षण प्राप्त है। जिनकी पैरवी के बाद अवैध कब्जा हटाने के नोटिस जारी करने वाले तीनों लेखपालों का तबादला हो गया। जिसके चलते यह कार्रवाई भी अब थम गई। यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने भी किया प्रहार
इस मामले में रालोद के पउप्र अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष जावेद अख्तर ने कहा कि कस्बे के अधिकांश स्थानों पर भाजपा नेताओं के खास लोगों ने सरकारी भूमि व तालाबों पर अवैध कब्जा कर फर्जी ढंग से रजिस्ट्री कराकर बेच दिया है। कार्रवाई की बौखलाहट से भूमाफिया को संरक्षण देते हुए सत्ता का गलत प्रयोग कर तीनों लेखपालों का स्थानांतरण करा दिया है। इस संबंध में डीएम व शासन को पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करेंगे।
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एसडीएम कैराना संदीप कुमार ने बताया कि यह सामान्य ट्रांसफर प्रक्रिया है। तहसील क्षेत्र में 12 लेखपालों का स्थानांतरण किया गया है अन्य कोई वजह इनके स्थानांतरण की नहीं है।
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कांधला। नगर व क्षेत्र के विभिन्न तालाबों व शत्रु संपत्ति, सरकारी भूमि पर कब्जा करने वाले लोगों को नोटिस भेजकर कब्जे हटाने की चेतावनी देना तीन लेखपालों को महंगा पड़ गया। चर्चा है कि सत्ताधारी पार्टी के नेताओं के दबाव के चलते लेखपालों को हटाया है।
प्रदेश सरकार ने सरकारी जमीनों, तालाब, शत्रु संपत्ति से अवैध कब्जा हटवाने के निर्देश दिए थे। कांधला में भी बुलडोजर ने अवैध कब्जे पर कार्रवाई शुरू कर दी थी। कांधला दक्षिण के लेखपाल लवकेश, उत्तर के लेखपाल शमशेर, पूर्व के लेखपाल मिंटू चौहान ने नगर व क्षेत्र की भूमि पर अवैध कब्जा करने वाले 130 लोगों को चिह्नित कर नोटिस जारी किए थे। तालाब की भूमि पर कब्जा कर निर्माण करने वाले लोगों को चेतावनी दी थी। कुछ स्थानों पर बुलडोजर से कब्जा भी हटवाया गया। चर्चा है कि भूमि पर अवैध कब्जा करने वाले लोगों को सत्ताधारी पार्टी के तीन नेताओं का संरक्षण प्राप्त है। जिनकी पैरवी के बाद अवैध कब्जा हटाने के नोटिस जारी करने वाले तीनों लेखपालों का तबादला हो गया। जिसके चलते यह कार्रवाई भी अब थम गई। यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने भी किया प्रहार
इस मामले में रालोद के पउप्र अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष जावेद अख्तर ने कहा कि कस्बे के अधिकांश स्थानों पर भाजपा नेताओं के खास लोगों ने सरकारी भूमि व तालाबों पर अवैध कब्जा कर फर्जी ढंग से रजिस्ट्री कराकर बेच दिया है। कार्रवाई की बौखलाहट से भूमाफिया को संरक्षण देते हुए सत्ता का गलत प्रयोग कर तीनों लेखपालों का स्थानांतरण करा दिया है। इस संबंध में डीएम व शासन को पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करेंगे।
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एसडीएम कैराना संदीप कुमार ने बताया कि यह सामान्य ट्रांसफर प्रक्रिया है। तहसील क्षेत्र में 12 लेखपालों का स्थानांतरण किया गया है अन्य कोई वजह इनके स्थानांतरण की नहीं है।