{"_id":"5798fd774f1c1b1a4f21e099","slug":"released-1-54-lakh-cusecs-of-water-into-yamuna","type":"story","status":"publish","title_hn":"यमुना में छोड़ा 1.54 लाख क्यूसेक पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यमुना में छोड़ा 1.54 लाख क्यूसेक पानी
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Wed, 27 Jul 2016 11:59 PM IST
विज्ञापन
rain
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शामली। पहाड़ों पर बारिश के बाद जुलाई माह में तीसरी बार यमुना उफान पर आ गई है। हथनी कुंड ताजेवाला बैराज से यमुना में 1.54 लाख क्यूसेक पानी छोड़ दिए जाने से बाढ़ का खतरा मंडरा गया है। सिंचाई विभाग के अफसरों ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, शामली, बागपत, गाजियाबाद आदि जिलों सहित राजधानी दिल्ली को भी अलर्ट कर दिया है।
इस साल 2 जुलाई को 34 हजार क्यूसेक और 14 जुलाई को 1.6 लाख क्यूसेक पानी छूटने से उफान पर आई यमुना सामान्य नहीं हो पाई थी। पहाड़ों पर बारिश होने के बाद बुधवार को यमुना एक बार फिर उफान पर आ गई है। बुुधवार दोपहर दो बजे यमुना में हथनी कुंड ताजेवाला बैराज से एक लाख 54 हजार 96 क्यूसेक पानी छोड़ दिए जाने से सिंचाई विभाग के अफसरों में खलबली मच गई है।
सिंचाई विभाग के आला अफसरों ने सहारनपुर, शामली, बागपत, गाजियाबाद जिले समेत राजधानी दिल्ली को अलर्ट कर दिया गया है। ताजे वाला हथनी कुंड बैराज से यमुना नदी में छोड़े गए पानी का लेबल कैराना यमुना पुल पर शाम को 228.8 मीटर रिकॉर्ड किया गया है।
विज्ञापन
केंद्रीय जल आयोग के पर्यवेक्षकों का कहना है कि अगले 24 घंटों में यमुना में छोड़े गए पानी का असर दिखाई देगा। हथनी कुंड बैराज पर तैनात ड्रेनेज खंड के अधिशासी अभियंता शिवराज सिंह ने बताया कि दो बजे के बाद यमुना के जल स्तर में कमी आई है।
फिर भी यमुना प्रभावित जिलों को अलर्ट कर दिया गया है। डीएम सुजीत कुमार ने बताया कि यमुना में छोडे़ गए पानी की जानकारी मिली है। यमुना किनारे के सभी ग्राम प्रधानों, बाढ़ चौकियों, क्षेत्रीय लेखपालों को एसडीएम कैराना और ऊन के माध्यम से अवगत करा दिया गया है। यमुना में छोड़े गए पानी का असर शामली जिले में बृहस्पतिवार सुबह दस बजे से लेकर बारह बजे तक दिखाई देगा। ग्रामीणों को चेतावनी दी है कि वह यमुना नदी के किनारे न जाएं। उन्होंने बताया कि बाढ़ से निपटने के लिए पूरी व्यवस्था कर ली गई है।
कांवड़ियों की वजह से कैराना-बिड़ौली यमुना पुल पर रहेगी खास नजर
शामली। डीएम सुजीत कुमार ने बताया कि कैराना-बिड़ौली यमुना पुल पर सुरक्षा की दृष्टि से गहरे पानी में कावड़ियों को स्नान करने पर रोक लगा दी गई है। उन्होंने बताया कि कावड़ियों को यमुना में स्नान करने के लिए बाल्टी का सहारा लेना पडे़गा। सभी एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देश दिए हैं कि वह यमुना पुलों पर नजर रखें। हादसा रोकने के लिए कावड़ियों को भी सतर्क कर दिया जाए, घाट पर पुलिस तैनात रहेगी।
विज्ञापन
इस साल 2 जुलाई को 34 हजार क्यूसेक और 14 जुलाई को 1.6 लाख क्यूसेक पानी छूटने से उफान पर आई यमुना सामान्य नहीं हो पाई थी। पहाड़ों पर बारिश होने के बाद बुधवार को यमुना एक बार फिर उफान पर आ गई है। बुुधवार दोपहर दो बजे यमुना में हथनी कुंड ताजेवाला बैराज से एक लाख 54 हजार 96 क्यूसेक पानी छोड़ दिए जाने से सिंचाई विभाग के अफसरों में खलबली मच गई है।
विज्ञापन
सिंचाई विभाग के आला अफसरों ने सहारनपुर, शामली, बागपत, गाजियाबाद जिले समेत राजधानी दिल्ली को अलर्ट कर दिया गया है। ताजे वाला हथनी कुंड बैराज से यमुना नदी में छोड़े गए पानी का लेबल कैराना यमुना पुल पर शाम को 228.8 मीटर रिकॉर्ड किया गया है।
विज्ञापन
केंद्रीय जल आयोग के पर्यवेक्षकों का कहना है कि अगले 24 घंटों में यमुना में छोड़े गए पानी का असर दिखाई देगा। हथनी कुंड बैराज पर तैनात ड्रेनेज खंड के अधिशासी अभियंता शिवराज सिंह ने बताया कि दो बजे के बाद यमुना के जल स्तर में कमी आई है।
फिर भी यमुना प्रभावित जिलों को अलर्ट कर दिया गया है। डीएम सुजीत कुमार ने बताया कि यमुना में छोडे़ गए पानी की जानकारी मिली है। यमुना किनारे के सभी ग्राम प्रधानों, बाढ़ चौकियों, क्षेत्रीय लेखपालों को एसडीएम कैराना और ऊन के माध्यम से अवगत करा दिया गया है। यमुना में छोड़े गए पानी का असर शामली जिले में बृहस्पतिवार सुबह दस बजे से लेकर बारह बजे तक दिखाई देगा। ग्रामीणों को चेतावनी दी है कि वह यमुना नदी के किनारे न जाएं। उन्होंने बताया कि बाढ़ से निपटने के लिए पूरी व्यवस्था कर ली गई है।
कांवड़ियों की वजह से कैराना-बिड़ौली यमुना पुल पर रहेगी खास नजर
शामली। डीएम सुजीत कुमार ने बताया कि कैराना-बिड़ौली यमुना पुल पर सुरक्षा की दृष्टि से गहरे पानी में कावड़ियों को स्नान करने पर रोक लगा दी गई है। उन्होंने बताया कि कावड़ियों को यमुना में स्नान करने के लिए बाल्टी का सहारा लेना पडे़गा। सभी एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देश दिए हैं कि वह यमुना पुलों पर नजर रखें। हादसा रोकने के लिए कावड़ियों को भी सतर्क कर दिया जाए, घाट पर पुलिस तैनात रहेगी।