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Shamli News: जिला अस्पताल में भर्ती से किया इन्कार, खुले में हुआ प्रसव
Fri, 10 Apr 2026 12:40 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 10 Apr 2026 12:40 AM IST
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जिला अस्पताल गेट के बाहर डिलीवरी के बाद अस्पताल के स्टाफ से उलझते परिजन। वीडियोग्रैब
शामली। जिला अस्पताल में लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है, जहां भर्ती से इन्कार करने पर एक गर्भवती महिला की अस्पताल गेट के बाहर ही डिलीवरी हो गई। महिलाओं ने मौके पर चादर डालकर खुले में प्रसव कराया। घटना के बाद परिजनों ने हंगामा करते हुए कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, बागपत जिले के गांव असारा निवासी उस्मान ने बताया कि बृहस्पतिवार देर शाम उसकी पत्नी कौशर को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। पहले वह उसे कांधला सीएचसी लेकर गया, जहां हालत गंभीर बताते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। आरोप है कि रात करीब 9 बजे जिला अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने महिला की स्थिति गंभीर बताते हुए भर्ती करने से इनकार कर दिया और मेरठ ले जाने की सलाह दी।
परिजनों का कहना है कि जैसे ही वे अस्पताल गेट से बाहर निकले, महिला की प्रसव पीड़ा तेज हो गई और तत्काल डिलीवरी की स्थिति बन गई। इस पर मौके पर मौजूद महिलाओं ने चादर डालकर अस्पताल गेट के बाहर ही प्रसव कराया, जिसमें महिला ने बेटे को जन्म दिया।
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घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सुर्खियों में आ गया। हंगामे और लोगों के आक्रोश के बीच अस्पताल के चिकित्सक व स्टाफ मौके पर पहुंचे और गर्भवती को बाद में अस्पताल में भर्ती कराया।
इस दौरान परिजनों ने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल की एक महिला कर्मचारी ने भर्ती करने के बदले एक हजार रुपये की मांग की। इसको लेकर परिजनों और अस्पताल कर्मचारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
भाकियू नेता असजद चौधरी ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषी चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और मामले की शिकायत जिलाधिकारी से करने की बात कही है।
उठ रहे सवाल
जिला अस्पताल में हाल ही में गर्भवती महिलाओं के ऑपरेशन की सुविधा शुरू की गई है। इसके बावजूद सवाल उठ रहा है कि जब सुविधा उपलब्ध थी तो महिला को भर्ती क्यों नहीं किया गया और हायर सेंटर ले जाने की बात क्यों कही गई। वहीं, अगर महिला की हालत गंभीर थी तो वह अस्पताल गेट से महज कुछ मीटर दूरी पर ही सुरक्षित प्रसव कैसे कर पाई।
सीएमएस का पक्ष
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. किशोर कुमार आहूजा ने बताया कि मामला गंभीर है। जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर महिला को अस्पताल में भर्ती क्यों नहीं किया गया। पूरे मामले की रिपोर्ट लखनऊ भेज दी गई है। जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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जानकारी के अनुसार, बागपत जिले के गांव असारा निवासी उस्मान ने बताया कि बृहस्पतिवार देर शाम उसकी पत्नी कौशर को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। पहले वह उसे कांधला सीएचसी लेकर गया, जहां हालत गंभीर बताते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। आरोप है कि रात करीब 9 बजे जिला अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने महिला की स्थिति गंभीर बताते हुए भर्ती करने से इनकार कर दिया और मेरठ ले जाने की सलाह दी।
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परिजनों का कहना है कि जैसे ही वे अस्पताल गेट से बाहर निकले, महिला की प्रसव पीड़ा तेज हो गई और तत्काल डिलीवरी की स्थिति बन गई। इस पर मौके पर मौजूद महिलाओं ने चादर डालकर अस्पताल गेट के बाहर ही प्रसव कराया, जिसमें महिला ने बेटे को जन्म दिया।
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घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सुर्खियों में आ गया। हंगामे और लोगों के आक्रोश के बीच अस्पताल के चिकित्सक व स्टाफ मौके पर पहुंचे और गर्भवती को बाद में अस्पताल में भर्ती कराया।
इस दौरान परिजनों ने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल की एक महिला कर्मचारी ने भर्ती करने के बदले एक हजार रुपये की मांग की। इसको लेकर परिजनों और अस्पताल कर्मचारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
भाकियू नेता असजद चौधरी ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषी चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और मामले की शिकायत जिलाधिकारी से करने की बात कही है।
उठ रहे सवाल
जिला अस्पताल में हाल ही में गर्भवती महिलाओं के ऑपरेशन की सुविधा शुरू की गई है। इसके बावजूद सवाल उठ रहा है कि जब सुविधा उपलब्ध थी तो महिला को भर्ती क्यों नहीं किया गया और हायर सेंटर ले जाने की बात क्यों कही गई। वहीं, अगर महिला की हालत गंभीर थी तो वह अस्पताल गेट से महज कुछ मीटर दूरी पर ही सुरक्षित प्रसव कैसे कर पाई।
सीएमएस का पक्ष
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. किशोर कुमार आहूजा ने बताया कि मामला गंभीर है। जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर महिला को अस्पताल में भर्ती क्यों नहीं किया गया। पूरे मामले की रिपोर्ट लखनऊ भेज दी गई है। जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।