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Shamli News: तत्कालीन चेयरपर्सन, ईओ और 20 सभासदों से होगी वसूली
Sat, 04 Jan 2025 11:36 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sat, 04 Jan 2025 11:36 PM IST
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शामली। नगरपालिका में करीब पौने दो करोड़ रुपये के डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के घोटाले में अधिशासी अधिकारी ने तत्कालीन पालिका चेयरपर्सन, अधिशासी अधिकारी, कार्यवाहक लेखाकार और 20 सभासदों से समानुपातिक दर से राजस्व वसूली किए जाने संबंधी आख्या एडीएम को उपलब्ध कराई है। एडीएम ने शासन को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेज दी है।
नगरपालिका द्वारा ई-निविदा के माध्यम से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन किया जाना था। लेकिन चार सितंबर 2019 की बोर्ड की बैठक में कहा गया कि हाल ही में भवनकर, जलकर में वृद्धि की गई है इसलिए वर्तमान में डोर-टू डोर कूड़ा वाले भवनों से यूजर्स चार्ज लेना ठीक नहीं होगा, जिसके चलते वर्ष 2022 और 23 में निविदा के माध्यम से शहर में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के कार्य का भुगतान बोर्ड फंड से कर दिया गया।
इस प्रकरण में पूर्व सभासद राजीव मलिक ने डीएम से लेकर प्रदेश के प्रमुख सचिव नगर विकास को शिकायत की। एसडीएम सदर और वरिष्ठ कोषाधिकारी शामली की संयुक्त टीम से जांच कराई गई जिसमें बताया गया कि शासनादेश में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन कार्य के लिए नगरपालिका परिषद अपने निजी स्रोत से भुगतान नहीं कर सकती है। शिकायतकर्ता राजीव मलिक ने जांच समिति की आख्या से असहमति जताते हुए वित्तीय क्षतिपूर्ति के लिए समानुपातिक आंकलन की मांग की थी।
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नगरपालिका शामली के अधिशासी अधिकारी रामेंद्र यादव ने अपनी रिपोर्ट में कहा बोर्ड फंड से भुगतान की स्वीकृति नगरपालिका परिषद के निर्वाचित सदस्यों और अध्यक्ष द्वारा प्रदान की गई है, जिसमें पांच मनोनीत सदस्य भी शामिल हैं, जबकि मनोनीत सदस्यों को वित्तीय अधिकार प्राप्त नहीं हैं।
ऐसे में एक करोड़ 75 लाख रुपये की संपूर्ण वित्तीय क्षति में नगरपालिका की तत्कालीन चेयरपर्सन अंजना बंसल, अधिशासी अधिकारी सुरेन्द्र सिंह यादव, कार्यवाहक लेखाकार अमित कुमार 20 सभासद शामिल है। अधिशासी अधिकारी ने इन सभी 23 लोगों को भुगतान हेतु की गई कार्रवाई में संयुक्त रूप से जिम्मेदार है और सभी से 7,60,869.57 रुपये वसूली की जा सकती है।
एडीएम संतोष कुमार सिंह ने प्रदेश के विशेष सचिव नगर विकास विभाग को कार्रवाई के लिए अपनी आख्या भेजी है। पूर्व चेयरमैन अंजना बंसल ने बताया कि उन्हें इस प्रकारण की जानकारी नहीं है। पत्र आने पर जवाब देंगी।
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नगरपालिका द्वारा ई-निविदा के माध्यम से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन किया जाना था। लेकिन चार सितंबर 2019 की बोर्ड की बैठक में कहा गया कि हाल ही में भवनकर, जलकर में वृद्धि की गई है इसलिए वर्तमान में डोर-टू डोर कूड़ा वाले भवनों से यूजर्स चार्ज लेना ठीक नहीं होगा, जिसके चलते वर्ष 2022 और 23 में निविदा के माध्यम से शहर में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के कार्य का भुगतान बोर्ड फंड से कर दिया गया।
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इस प्रकरण में पूर्व सभासद राजीव मलिक ने डीएम से लेकर प्रदेश के प्रमुख सचिव नगर विकास को शिकायत की। एसडीएम सदर और वरिष्ठ कोषाधिकारी शामली की संयुक्त टीम से जांच कराई गई जिसमें बताया गया कि शासनादेश में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन कार्य के लिए नगरपालिका परिषद अपने निजी स्रोत से भुगतान नहीं कर सकती है। शिकायतकर्ता राजीव मलिक ने जांच समिति की आख्या से असहमति जताते हुए वित्तीय क्षतिपूर्ति के लिए समानुपातिक आंकलन की मांग की थी।
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नगरपालिका शामली के अधिशासी अधिकारी रामेंद्र यादव ने अपनी रिपोर्ट में कहा बोर्ड फंड से भुगतान की स्वीकृति नगरपालिका परिषद के निर्वाचित सदस्यों और अध्यक्ष द्वारा प्रदान की गई है, जिसमें पांच मनोनीत सदस्य भी शामिल हैं, जबकि मनोनीत सदस्यों को वित्तीय अधिकार प्राप्त नहीं हैं।
ऐसे में एक करोड़ 75 लाख रुपये की संपूर्ण वित्तीय क्षति में नगरपालिका की तत्कालीन चेयरपर्सन अंजना बंसल, अधिशासी अधिकारी सुरेन्द्र सिंह यादव, कार्यवाहक लेखाकार अमित कुमार 20 सभासद शामिल है। अधिशासी अधिकारी ने इन सभी 23 लोगों को भुगतान हेतु की गई कार्रवाई में संयुक्त रूप से जिम्मेदार है और सभी से 7,60,869.57 रुपये वसूली की जा सकती है।
एडीएम संतोष कुमार सिंह ने प्रदेश के विशेष सचिव नगर विकास विभाग को कार्रवाई के लिए अपनी आख्या भेजी है। पूर्व चेयरमैन अंजना बंसल ने बताया कि उन्हें इस प्रकारण की जानकारी नहीं है। पत्र आने पर जवाब देंगी।