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रोडवेज बसों में सीट के लिए मची मारामारी
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शामली में बस में सवार के लिए यात्रियों में मची मारामारी।
- फोटो : SHAMLI
रोडवेज बसों में सीट के लिए मची मारामारी
शामली। परिवहन निगम के व्यवस्थाओं में सुधार के दावे के बावजूद यात्रियों को काफी असुविधाओं का सामना करना पड़ा। भैयादूज के दूसरे दिन भी बसों में खूब भीड़ उमड़ी। दिल्ली- मेरठ और पानीपत आदि शहरों की ज्यादा भीड़ होने के बावजूद रोडवेज की बसों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो पाई। बच्चों के माता-पिता कहीं खिड़की से बस में बैठाते दिखे, तो कहीं सीट के लिए मारामारी रही।
भैयादूज के दूूूसरे दिन मंगलवार को भी यूपी रोडवेज की बसों में सवारियों के बीच आपाधापी मची रही। दिल्ली रोड बस अड्डे पर सुबह से लेकर शाम तक दिल्ली-मेरठ, पानीपत जैसे शहरों की भीड़ निकली। सवारियों की भीड़ निकलने से शामली रोडवेज बस स्टैंड के अंदर और बाहर सड़क पर सवारियों की भीड़ इकट्ठा रही। हालात यह बने रहे कि सवारियों के आगे रोडवेज बसें कम पड़ गईं। प्राइवेट वाहनों में भी यात्रियों की भारी भीड़ रही।
हालात यह बन गए कि सवारियों की भीड़ के आगे यूपी रोडवेज की बसें कम पड़ गईं। सवारियों को दूूसरी बस का इंतजार करना पड़ा। हालांकि शामली से गुजरने के लिए रोडवेज की 150 बसें की व्यवस्था की गई। भैयादूज के पहले दिन और दूसरे दिन सबसे ज्यादा सवारियां दिल्ली- मेरठ- पानीपत की ओर से गई। उधर, शहर में जहां-तहां चौराहों पर खड़े यात्री बसों का इंतजार करते रहे। गुरुद्वारा तिराहे, विजय चौक, अजंता चौक पर यात्रियों की अच्छी-खासी भीड़ रही। इसके अलावा रोडवेज बस स्टैंड में बस के आते ही यात्री उसमें सवार होने के लिए दौड़ पड़ते। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को लेकर काफी दिक्कतें हुईं। बस में सीट पाने के लिए मारामारी मची रही।
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शहर में रहे जाम के हालात
भैयादूज के अगले दिन भी शहर में जाम के हालात रहे। मेरठ-करनाल हाईवे पर दिन भर रुक-रुककर जाम लगता रहा। इसमें यात्री वाहन भी फंसे रहे। इसके साथ ही धीमानपुरा फाटक पर गन्ने की बुग्गियों एवं वाहनों की अधिक संख्या होने के कारण जाम के हालात बने रहे।
बसों में कोरोना से बचाव के नहीं अपनाए गए तरीके
कांधला। कस्बे से चलने वाली बसों में कोविड-19 नियमवाली का उल्लंघन किया जा रहा है। बस संचालक कोरोना से बचाव के लिए जरूरी उपायों को नहीं अपना रहे। दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैया दूज के दौरान बसों में यात्रियों की भारी भीड़ रही, लेकिन कोरोना से बचाव के लिए लोगों ने मास्क तक नहीं लगाए।
दिवाली प्रोत्साहन योजना में शामली डिपो की आय
तिथि- आय लाख में
12 नवंबर- 3.14 लाख रुपये
13 नवंबर- 3.71 लाख रुपये
14 नवंबर- 3.23 लाख रुपये
15 नवंबर- 3.59 लाख रुपये
16 नवंबर 4.70 लाख रुपये
17 नवंबर 4.70 लाख रुपये
शामली रोडवेज बस अड्डे के केंद्र प्रभारी राजेंद्र चौहान का कहना है कि त्योहारी सीजन में रोडवेज की आय खूब बढ़ी है। गत वर्ष गोवर्धन पर 3.12 लाख, भैयादूज से अगले दिन 3.59 लाख रुपये की आय हुई थी। इस साल दिवाली से एक दिन पहले 3.71 लाख रुपये, गोवर्धन पर 3.59 लाख और भैयादूज पर चार लाख 70 हजार रुपये की आय हुई। भैयादूज के अगले दिन भी इतनी ही आय होने का अनुमान है।
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शामली। परिवहन निगम के व्यवस्थाओं में सुधार के दावे के बावजूद यात्रियों को काफी असुविधाओं का सामना करना पड़ा। भैयादूज के दूसरे दिन भी बसों में खूब भीड़ उमड़ी। दिल्ली- मेरठ और पानीपत आदि शहरों की ज्यादा भीड़ होने के बावजूद रोडवेज की बसों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो पाई। बच्चों के माता-पिता कहीं खिड़की से बस में बैठाते दिखे, तो कहीं सीट के लिए मारामारी रही।
भैयादूज के दूूूसरे दिन मंगलवार को भी यूपी रोडवेज की बसों में सवारियों के बीच आपाधापी मची रही। दिल्ली रोड बस अड्डे पर सुबह से लेकर शाम तक दिल्ली-मेरठ, पानीपत जैसे शहरों की भीड़ निकली। सवारियों की भीड़ निकलने से शामली रोडवेज बस स्टैंड के अंदर और बाहर सड़क पर सवारियों की भीड़ इकट्ठा रही। हालात यह बने रहे कि सवारियों के आगे रोडवेज बसें कम पड़ गईं। प्राइवेट वाहनों में भी यात्रियों की भारी भीड़ रही।
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हालात यह बन गए कि सवारियों की भीड़ के आगे यूपी रोडवेज की बसें कम पड़ गईं। सवारियों को दूूसरी बस का इंतजार करना पड़ा। हालांकि शामली से गुजरने के लिए रोडवेज की 150 बसें की व्यवस्था की गई। भैयादूज के पहले दिन और दूसरे दिन सबसे ज्यादा सवारियां दिल्ली- मेरठ- पानीपत की ओर से गई। उधर, शहर में जहां-तहां चौराहों पर खड़े यात्री बसों का इंतजार करते रहे। गुरुद्वारा तिराहे, विजय चौक, अजंता चौक पर यात्रियों की अच्छी-खासी भीड़ रही। इसके अलावा रोडवेज बस स्टैंड में बस के आते ही यात्री उसमें सवार होने के लिए दौड़ पड़ते। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को लेकर काफी दिक्कतें हुईं। बस में सीट पाने के लिए मारामारी मची रही।
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शहर में रहे जाम के हालात
भैयादूज के अगले दिन भी शहर में जाम के हालात रहे। मेरठ-करनाल हाईवे पर दिन भर रुक-रुककर जाम लगता रहा। इसमें यात्री वाहन भी फंसे रहे। इसके साथ ही धीमानपुरा फाटक पर गन्ने की बुग्गियों एवं वाहनों की अधिक संख्या होने के कारण जाम के हालात बने रहे।
बसों में कोरोना से बचाव के नहीं अपनाए गए तरीके
कांधला। कस्बे से चलने वाली बसों में कोविड-19 नियमवाली का उल्लंघन किया जा रहा है। बस संचालक कोरोना से बचाव के लिए जरूरी उपायों को नहीं अपना रहे। दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैया दूज के दौरान बसों में यात्रियों की भारी भीड़ रही, लेकिन कोरोना से बचाव के लिए लोगों ने मास्क तक नहीं लगाए।
दिवाली प्रोत्साहन योजना में शामली डिपो की आय
तिथि- आय लाख में
12 नवंबर- 3.14 लाख रुपये
13 नवंबर- 3.71 लाख रुपये
14 नवंबर- 3.23 लाख रुपये
15 नवंबर- 3.59 लाख रुपये
16 नवंबर 4.70 लाख रुपये
17 नवंबर 4.70 लाख रुपये
शामली रोडवेज बस अड्डे के केंद्र प्रभारी राजेंद्र चौहान का कहना है कि त्योहारी सीजन में रोडवेज की आय खूब बढ़ी है। गत वर्ष गोवर्धन पर 3.12 लाख, भैयादूज से अगले दिन 3.59 लाख रुपये की आय हुई थी। इस साल दिवाली से एक दिन पहले 3.71 लाख रुपये, गोवर्धन पर 3.59 लाख और भैयादूज पर चार लाख 70 हजार रुपये की आय हुई। भैयादूज के अगले दिन भी इतनी ही आय होने का अनुमान है।