{"_id":"6705a40eacc457a7cf0f68e6","slug":"protest-continues-on-the-highway-farmers-raised-slogans-shamli-news-c-26-1-smrt1047-129684-2024-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: हाईवे पर धरना जारी, किसानों ने की नारेबाजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: हाईवे पर धरना जारी, किसानों ने की नारेबाजी
Wed, 09 Oct 2024 02:58 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Wed, 09 Oct 2024 02:58 AM IST
विज्ञापन
शामली कलक्ट्रेट के सामने चौराहे पर रात्री में जाम लगा कर खडे किसान । संवाद
शामली। अपर दोआब चीनी मिल पर 188.19 लाख रुपये बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर किसानों का बेमियादी धरना कलक्ट्रेट चौक के पानीपत-खटीमा हाईवे पर जारी रहा। इस दौरान लगे जाम से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। किसानों ने मांगें पूरी नहीं होने तक हाईवे पर धरना जारी रखने का एलान किया है।
बकाया भुगतान की मांग को लेकर शामली शुगर मिल पर 11 दिन से चल रहे धरने पर बैठे किसान सोमवार को ट्रैक्टर मार्च निकालते हुए कलक्ट्रेट में पहुंचे थे। कलक्ट्रेट में नहीं घुसने देने पर किसान वहीं हाईवे के चौराहे धरना देकर बैठ गए थे। मंगलवार को भी किसान हाईवे पर ही जमे रहे। किसानों ने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वह अनिश्चितकाल के लिए भी हाईवे को जाम करने को बाध्य होंगे।
इस दौरान संजीव शास्त्री, प्रभात मलिक, वीरेंद्र मलिक, सतबीर सिंह, मुकेश, सनी, विनोद मलिक, प्रमोद कुमार, राजेश, मनीष कुमार, रितिक आदि रहे। उधर, हाईवे जाम के कारण देहरादून, हरियाणा और अन्य स्थानों पर जाने वाले वाहन चालक जाम में फंसे रहे।
विज्ञापन
रागिनी का भी किसानों ने उठाया लुत्फ
शामली। धरनास्थल पर किसानों ने ट्रैक्टर आदि में रागिनी चलाई। साथ ही संबोधन के बीच में बारी- बारी से किसान रागिनी भी प्रस्तुत कर रहे थे।
धरनास्थल पर ही चढ़ा दी कढाई
शामली। पिछले 24 घंटे से अधिक समय से किसान हाईवे पर धरने पर डटे हैं। किसानों ने किसी को परेशानी नहीं हो, इसके लिए धरनास्थल पर ही कढ़ाई चढ़ा दी। किसानों ने आलू, पूड़ी का सेवन किया।
सड़क पर ही सोए किसान
धरने के दौरान रात के समय किसान सड़क पर ही सोए। किसान दरी बिछाड़कर सड़क पर लेट गए थे। खास बात यह रही कि किसानों ने एबुलेंस को खुद निकलने के लिए रास्ता बनवाया और मेरठ और शामली शहर के लिए उन्हें रवाना किया।
जाम के कारण हुई परेशानी
कांधला के रहने वाले सरोज ने बताया कि उसे कैमिकल लेकर देहरादून जाना था मगर दो दिन से जाम में फंसा है, जिसके कारण कैमिकल के खराब होने की भी संभावना बनी हुई है। बरेली के मुस्ताक का कहना है कि उसे देहरादून फल लेकर जाने थे। मगर जाम के कारण फलों के खराब होने की संभावना है। मगर किसान जाम खोलने के लिए कतई तैयार नहीं है।
किसान को आया था अटैक
धरने के दौरान सोमवार की रात किसान लोकिंद्र की हालत अचानक ही बिगड़ गई थी। जिसे उपचार के लिए शामली के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। किसान नेता संजीव शास्त्री ने बताया कि डाक्टरों ने बताया कि किसान को अचानक ही अटैक आ गया था। मगर अब उसकी हालत में सुधार है।
पूर्व में किसानों द्वारा बकाया भुगतान को लेकर किए गए आंदोलन
- वर्ष 2017 में बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर किसानों ने 17 दिन तक धरना दिया था।
-वर्ष 2018 में बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सवित मलिक के नेतृत्व में किसानों ने कलक्ट्रेट पर 19 दिन तक धरना दिया था। जिसके बाद किसानों को बकाया 120 करोड़ का भुगतान दिया गया था।
-वर्ष 2018 में ही बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर किसानों ने 12 दिन तक धरना दिया था।
2020 में 13 से 30 जनवरी तक किसानों ने बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर धरना दिया ।
: 2022 में तहसील में किसानों ने 6 दिन तक धरना दिया था।
: 2024 : में 2 सितंबर से 27 सितंबर तक शामली मिल परिसर में खाप चौधरी और किसानों ने धरना दिया
: 2024 अक्तूबर माह में शामली मिल परिसर में 11 दिन तक धरना चला जो अभी तक चल रहा।
विज्ञापन
बकाया भुगतान की मांग को लेकर शामली शुगर मिल पर 11 दिन से चल रहे धरने पर बैठे किसान सोमवार को ट्रैक्टर मार्च निकालते हुए कलक्ट्रेट में पहुंचे थे। कलक्ट्रेट में नहीं घुसने देने पर किसान वहीं हाईवे के चौराहे धरना देकर बैठ गए थे। मंगलवार को भी किसान हाईवे पर ही जमे रहे। किसानों ने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वह अनिश्चितकाल के लिए भी हाईवे को जाम करने को बाध्य होंगे।
विज्ञापन
इस दौरान संजीव शास्त्री, प्रभात मलिक, वीरेंद्र मलिक, सतबीर सिंह, मुकेश, सनी, विनोद मलिक, प्रमोद कुमार, राजेश, मनीष कुमार, रितिक आदि रहे। उधर, हाईवे जाम के कारण देहरादून, हरियाणा और अन्य स्थानों पर जाने वाले वाहन चालक जाम में फंसे रहे।
विज्ञापन
रागिनी का भी किसानों ने उठाया लुत्फ
शामली। धरनास्थल पर किसानों ने ट्रैक्टर आदि में रागिनी चलाई। साथ ही संबोधन के बीच में बारी- बारी से किसान रागिनी भी प्रस्तुत कर रहे थे।
धरनास्थल पर ही चढ़ा दी कढाई
शामली। पिछले 24 घंटे से अधिक समय से किसान हाईवे पर धरने पर डटे हैं। किसानों ने किसी को परेशानी नहीं हो, इसके लिए धरनास्थल पर ही कढ़ाई चढ़ा दी। किसानों ने आलू, पूड़ी का सेवन किया।
सड़क पर ही सोए किसान
धरने के दौरान रात के समय किसान सड़क पर ही सोए। किसान दरी बिछाड़कर सड़क पर लेट गए थे। खास बात यह रही कि किसानों ने एबुलेंस को खुद निकलने के लिए रास्ता बनवाया और मेरठ और शामली शहर के लिए उन्हें रवाना किया।
जाम के कारण हुई परेशानी
कांधला के रहने वाले सरोज ने बताया कि उसे कैमिकल लेकर देहरादून जाना था मगर दो दिन से जाम में फंसा है, जिसके कारण कैमिकल के खराब होने की भी संभावना बनी हुई है। बरेली के मुस्ताक का कहना है कि उसे देहरादून फल लेकर जाने थे। मगर जाम के कारण फलों के खराब होने की संभावना है। मगर किसान जाम खोलने के लिए कतई तैयार नहीं है।
किसान को आया था अटैक
धरने के दौरान सोमवार की रात किसान लोकिंद्र की हालत अचानक ही बिगड़ गई थी। जिसे उपचार के लिए शामली के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। किसान नेता संजीव शास्त्री ने बताया कि डाक्टरों ने बताया कि किसान को अचानक ही अटैक आ गया था। मगर अब उसकी हालत में सुधार है।
पूर्व में किसानों द्वारा बकाया भुगतान को लेकर किए गए आंदोलन
- वर्ष 2017 में बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर किसानों ने 17 दिन तक धरना दिया था।
-वर्ष 2018 में बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सवित मलिक के नेतृत्व में किसानों ने कलक्ट्रेट पर 19 दिन तक धरना दिया था। जिसके बाद किसानों को बकाया 120 करोड़ का भुगतान दिया गया था।
-वर्ष 2018 में ही बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर किसानों ने 12 दिन तक धरना दिया था।
2020 में 13 से 30 जनवरी तक किसानों ने बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर धरना दिया ।
: 2022 में तहसील में किसानों ने 6 दिन तक धरना दिया था।
: 2024 : में 2 सितंबर से 27 सितंबर तक शामली मिल परिसर में खाप चौधरी और किसानों ने धरना दिया
: 2024 अक्तूबर माह में शामली मिल परिसर में 11 दिन तक धरना चला जो अभी तक चल रहा।