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कागजों में परियोजना पूरी, धरातल पर नहर पटरी अभी अधूरी

Sun, 29 May 2022 12:42 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 29 May 2022 12:42 AM IST
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Project completed on paper, canal track still incomplete on the ground
शामली में पूर्वी युमना नहर की कच्ची पटरी। - फोटो : SHAMLI
शामली। सात साल पहले स्वीकृत हुई 44 करोड़ रुपये की लागत से दस किमी लंबाई की पूर्वी यमुना नहर की पटरी के चौड़ीकरण और सुंदरीकरण की परियोजना आखिर 31 मार्च 2022 को पूरी हो गई, लेकिन मेरठ-करनाल और पानीपत-खटीमा हाईवे को जोड़ने वाली दो किमी लंबाई पटरी पर सड़क का निर्माण अधूरा रह गया।
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जिला बनने के बाद मुंडेट, बधेव, गोहरनी, भैंसवाल गांव के जंगल में जिला मुख्यालय के 265 एकड़ भूमि आरक्षित की गई थी। तत्कालीन डीएम के निर्देश पर करमूखेड़ी पुल से भैंसवाल गांव के पुल तक दस किमी पूर्वी यमुना नहर की दोनों पटरी का चौड़ीकरण व सुंदरीकरण, डीएम आवास से कलक्ट्रेट आने-जाने के लिए दो पुल, नहर की पटरी के दोनों ओर डोला निर्माण कराना था। बधेव-मुंडेट पुल से भैंसवाल नहर पुल तक नहर के दोनों ओर साइड में पत्थर टाइल लगाने का कार्य भी कराना था। 44 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृति के लिए शासन को भेजी गई थी। शासन ने वर्ष 2015-16 में यह परियोजना स्वीकृत करते पूर्वी यमुना नहर खंड को निर्माण एजेंसी घोषित करते हुए कार्य करने के निर्देश दिए थे।
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मुजफ्फरनगर की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी को निर्माण की जिम्मेदारी दी गई थी। सात साल में पूर्वी यमुना नहर पटरी पर मिट्टी कार्य, डोला, नवीन जिला मुख्यालय पर दो नहर के पुल, नहर के अंदर पत्थर टाइल लाइनिंग कार्य किया है। मेरठ-करनाल हाईवे के नहर पुल से करमूखेड़ी नहर पुल पर पानीपत खटीमा हाईवे तक दो किमी लंबाई का पटरी पर सड़क निर्माण कार्य अधूरा रह गया।
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विद्युत निगम को दिए 99 लाख फिर भी पूरे खंभे नहीं हटे
पटरी से खंभे हटाने के लिए विद्युत निगम को 99 लाख रुपये दिए गए थे, लेकिन मेरठ-करनाल हाईवे के पुल से करमूखेड़ी पुल की ओर खंभे नहीं हटाए गए और न ही सड़क का निर्माण कराया गया।
44 करोड़ रुपये में यह होना था काम
- करमूखेड़ी पुल से लेकर भैंसवाल पुल तक नहर पटरी पर मिट्टी कार्य व सड़क निर्माण।
- 10 किमी लंबाई पटरी की दोनों ओर डोला।
- नवीन मुख्यालय में कलक्ट्रेट व विकास भवन के बीच आवासीय भवनों में जाने के लिए दो नहर पुल।
- भैंसवाल पुल से लेकर मुंडेट-बधेव पुल तक नहर के अंदर पत्थरों की लाइनिंग कार्य।
कोट...
परियोजना के लिए 44 करोड़ में से 42 करोड़ रुपये ही शासन से प्राप्त हुए थे। सारी धनराशि खर्च हो चुकी है। परियोजना 31 मार्च 2022 को पूरी हो गई है। दो किमी लंबाई की पूर्वी यमुना नहर पटरी पर सड़क निर्माण कराने से पहले पूर्वी यमुना नहर खंड के आला अफसरों से निरीक्षण कराया जाएगा। उसके बाद एस्टीमेट बनाकर सिंचाई विभाग लखनऊ को भेजा जाएगा। शासन से परियोजना स्वीकृत होने पर धनराशि अवमुक्त होने पर कार्य शुरू होगा। - रविंद्र राणा, अधिशासी अभियंता, पूर्वी यमुना नहर खंड

जल्द समीक्षा की जाएगी
शामली। सीडीओ शंभूनाथ तिवारी का कहना है कि पूर्वी यमुना नहर खंड के चौड़ीकरण-सुंदरीकरण के 44 करोड़ रुपये के परियोजना की समीक्षा की जाएगी। सोमवार को विकास भवन में पूर्वाह्न 11:00 बजे पूर्वी यमुना खंड के अधिशासी अभियंता, विद्युत निगम के अफसरों को नोटिस भेजकर बुलाया जाएगा। अधूरे प्रोजेक्ट के संबंध में एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए जाएंगे।
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