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जिले के निजी अस्पताल बूस्टर डोज लगाने को तैयार नहीं

Tue, 21 Jun 2022 12:09 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jun 2022 12:09 AM IST
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Private hospitals of the district are not ready to apply booster dose
कोरोना का खतरा : जिले में 90 फीसदी लोग बूस्टर डोज से वंचित
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जिले में 1 लाख 31 हजार 409 लोगों का लक्ष्य, मात्र 14 हजार 306 को लगी बूस्टर डोज
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। प्रदेश में कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं। इसके चलते कोरोना संक्रमण का खतरा फिर से मंडरा रहा है। जिले में करीब 90 फीसदी लोग सतर्कता (बूस्टर) डोज से वंचित हैं। जिले में 1 लाख 31 हजार 409 लोगों को सतर्कता डोज लगाई जानी है। जिनमें से सिर्फ 14 हजार 309 लोगों को ही सतर्कता डोज लग पाई है। उधर, जिले में अभी तक कोई भी निजी अस्पताल सतर्कता डोज लगाने को तैयार नहीं है।
जिले में जून माह में अब तक कोरोना के सात केस मिल चुके हैं। जिनमें छह स्वस्थ हो चुके हैं जबकि एक मरीज अभी सक्रिय है। देश व प्रदेश में भी कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं। जिससे कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा फिर से मंडरा रहा है। इससे बचाव के लिए वैक्सीन की डोज का टीका सुरक्षित उपाय है। सरकार ने 60 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों को सरकारी अस्पताल में निशुल्क सतर्कता डोज लगाने की सुविधा दी है जबकि 18 से 60 साल तक के लोगों को निजी अस्पतालों में शुल्क देकर सतर्कता डोज लगवाने के लिए कहा गया है। जिले की स्थिति देखे तो स्वास्थ्य विभाग के प्रयास के बाद भी कोई भी निजी अस्पताल सतर्कता डोज लगाने को तैयार नहीं हुआ है। इस स्थिति में बुजुर्गों को छोड़कर किसी को सतकर्तता डोज नहीं लग पा रही है। जिले में इस समय 1 लाख 31 हजार 409 लोगों को सतर्कता डोज लगाने का लक्ष्य है। जिनमें से मात्र 14 हजार 309 लोगों को ही डोज लग पाई है। यह लक्ष्य का महज 10.9 प्रतिशत है। इस तरह से देखा जाए तो जिले में करीब 90 प्रतिशत लोग अभी सतर्कता डोज से वंचित हैं।
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सतर्कता डोज लगवाने के आ रहे मेसेज
कोरोनारोधी वैक्सीन की दो डोज लगवा चुके लोगों के पास मोबाइल पर लगातार सतर्कता डोज लगवाने के मेसेज आ रहे हैं। मेसेज आने के बाद वे अस्पताल में जाते हैं तो वहां से उन्हें निजी अस्पताल में लगवाने के लिए भेज दिया जाता है। शिवजी मूर्ति निवासी अनिल कुमार ने बताया कि मोबाइल पर मेसेज आने के बाद वह सरकारी अस्पताल में सतर्कता डोज लगवाने गया था, लेकिन उन्हें निजी अस्पताल में लगवाने की बात कही गई है।
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निजी अस्पताल को कंपनी से सीधेे खरीदनी होगी 500 डोज
निजी अस्पतालों को कम से कम 500 डोज सीधे कंपनी से लेनी होगी। इसके लिए कंपनी को अग्रिम भुगतान जमा करना होगा। एक डोज की कीमत लगभग 386 रुपये है। जिसमें एक डोज लगाने पर निजी अस्पताल को 150 रुपये मिलेंगे। वैक्सीन यदि ज्यादा समय तक खुली रहती है तो वह खराब हो जाएगी। वह कंपनी को वापस नहीं होगी।

कोट
18 से 60 साल के लोगों को शुल्क देकर सतर्कता डोज निजी अस्पतालों में लगाई जाएगी। अभी कोई निजी अस्पताल सतर्कता डोज लगाने को तैयार नहीं है। निजी अस्पताल संचालकों से लगातर वार्ता चल रही है। उम्मीद है कि सतर्कता डोज लगाने की व्यवस्था बन जाएगी।-डॉ. संजय अग्रवाल, सीएमओ
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