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पेराई सत्र की तैयारी, किसानों तक पहुंचने लगे कच्चे कैलेंडर

Sat, 19 Sep 2020 12:18 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 19 Sep 2020 12:18 AM IST
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Preparation of crushing session, raw calendar started reaching farmers
एक्सक्लूसिव : पेराई सत्र की तैयारी, किसानों तक पहुंचने लगे कच्चे कैलेंडर
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शामली। जिले में गन्ना पेराई सत्र की तैयारियां शुरू हो गईं हैं। गन्ना विभाग ने कच्चे कैलेंडर तैयार कर लिए हैं। जिले के 72 हजार किसानों को प्री-कैलेंडर का वितरण किया जा रहा है। किसान इसमें अपना गन्ना रकबा, पर्चियों की संख्या तथा अन्य जरूरी जानकारी देख सकते हैं। यदि इनमें कोई त्रुटि है तो उसमें संशोधन करा जा सकता है। अधिकारियों के मुताबिक अक्तूबर माह के प्रथम सप्ताह में पक्का कैलेंडर वितरण कर दिया जाएगा।
पिछले साल शुगर मिलों का गन्ना पेराई सत्र एक नवंबर से शुरू हुआ था। इस बार जिले का गन्ना विभाग अक्तूूबर के आखिरी सप्ताह में पेराई सत्र चालू करने की तैयारी में जुटा है। नए पेराई सत्र की तैयारी के मद्देनजर शामली गन्ना सहकारी समिति की ओर से 72 हजार प्री-कैलेंडरों का प्रकाशन कराया गया है, जिसमें शामली मिल क्षेत्र के 29 हजार, खतौली मिल तीन हजार, थानाभवन मिल क्षेत्र के लिए 12927, तितावी मिल क्षेत्र के 12816, ऊन मिल क्षेत्र के लिए 6079 कच्चे कैलेंडर शामिल हैं।
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शामली सहकारी गन्ना समिति कार्यालय से मिले आंकड़ों के मुताबिक ऊन चीनी मिल में शत प्रतिशत, खतौली मिल क्षेत्र के 90 प्रतिशत, शामली 55 प्रतिशत, थानाभवन में 60 प्रतिशत, भैसाना मिल क्षेत्र में 10 प्रतिशत प्री कैलेंडरों का वितरण गन्ना उत्पादकों को किया है। भैसाना मिल क्षेत्र के किसानों को 10 प्रतिशत और तितावी मिल क्षेत्र के किसानों को अभी तक कैलेंडर का वितरण नहीं हुआ है। शामली गन्ना सहकारी समिति के विशेष सचिव मुकेश राठी ने बताया कि कच्चे कैलेंडर का वितरण होने के बाद किसान उसमें आई गलती पर आपत्ति करते हुए संशोधन करा सकते हैं।
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क्या है कच्चा कैलेंडर
कच्चे कैलेंडर में किसानों की भूमि, भूमि में गन्ना क्षेत्रफल 2020-21, पांच साल की गन्ना आपूर्ति, पेड़ी- पौधा का रकबा, किसान का बेसिक कोटा, गन्ना ढुलाई वाहन का प्रकार, किसान का नाम, पता, कोड व बैंक खाता संख्या, गन्ने की प्रजाति आदि का ब्योरा होता है। इसी से पता लगता है कि किसान के पास गन्ने का कितना रकबा है और कितनी पर्चियां उसे गन्ना आपूर्ति के लिए मिलेंगी।
गन्ना सुरक्षण बैठक और समितियों के मेलों पर असमंजस
शामली। इस बार कोरोना काल को देखते हुए जिले की गन्ना समितियां किसान मेले को लेकर पशोपेश में हैं। इस बार सहकारी गन्ना समितियों पर मेला आयोजित किया जाएगा अथवा स्थगित रहेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।

हर साल समिति स्तर पर लगने वाले मेलों में किसान कच्चे कैलेंडर में दर्ज त्रुटियों को सही करा लेते थे, लेकिन इस बार अभी मेलों के आयोजन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह का कहना है कि 20 सितंबर के बाद 30 सितंबर तक प्रत्येक समिति स्तर पर किसान मेले आयोजित होते थे। शासन स्तर पर लखनऊ में मंडलवार होने वाली गन्ना विभाग के अफसरों, किसानों की गन्ना सुरक्षण बैठक हर साल 10 सितंबर से शुरू होकर 20 सितंबर तक होती थी। इस बार गन्ना सुरक्षण बैठक की तिथियां घोषित नहीं हुईं हैं। कोरोना काल के चलते शासन से अभी तक किसान मेले की गाइडलाइन नहीं आई है।
जिले का गन्ने का आंकड़ा
-2019-20 में गन्ने का रकबा : 69876 हेक्टेयर
- 2020-21 में गन्ने का रकबा : 80201 हेक्टेयर
- रकबे की बढ़ोतरी : 20325 हेक्टेयर
- पेराई सत्र 2019-20 में गन्ने का उत्पादन : 378.12 लाख क्विंटल
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