{"_id":"642729c843f819599c01b3b4","slug":"prayed-for-peace-in-the-country-after-friday-prayers-shamli-news-c-26-1-smrt1046-1170-2023-04-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: जुमे की नमाज के बाद देश में अमन-चैन की दुआ मांगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: जुमे की नमाज के बाद देश में अमन-चैन की दुआ मांगी
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली/ कैराना/ कांधला/ ऊन/ झिंझाना/ जलालाबाद। जिलेभर में रमजान के दूसरे जुमे की नमाज के बाद देश में अमन-चैन की दुआ की गई। इस दौरान धार्मिक स्थलों के आसपास सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस फोर्स तैनात रही।
शहर में जामा मस्जिद, चांद मस्जिद, दिल्ली रोड मस्जिद समेत सभी मस्जिदों में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने जुमे की नमाज अता की। कैराना में नगर की प्राचीन जामा मस्जिद सहित नगर व ग्रामीण क्षेत्रों की प्रमुख मस्जिदों में पवित्र माह रमजान के दूसरे जुमे की नमाज अकीदत के साथ अता की गई। इससे पूर्व जामा मस्जिद में संबोधन के दौरान शाही इमाम मौलाना ताहिर ने कहा कि रमजान और रोजे हमें संयम और मदद करना भी सिखाते हैं। हमें अपने आसपास रहने वाले गरीब और असहाय लोगों की मदद करनी चाहिए। जिससे वह भी अपने परिवार का गुजर-बसर चला सके। ईद की खुशियों में भी उन्हें शामिल करें। नमाज के बाद अकीदतमंदों ने खुदा की बारगाह में हाथ उठाकर देशभर में अमन-चैन के लिए विशेष दुआ की। इस दौरान सुरक्षा के दृष्टिगत भारी पुलिस फोर्स तैनात रहा।
कांधला में जामा मस्जिद, दिल्ली बस स्टैंड पर स्थित मुसाफिर मस्जिद, मयूर तिराहे पर कुरैशियान मस्जिद, नई बस्ती में स्थित हमजा मस्जिद में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने नमाज अता की। गांव गढ़ी दौलत के मदरसा जामिया बदरूल उलूम में हजरत मौलाना आकिल ने जुमे की नमाज कराई। इस मौके पर उन्होंने कहा कि रोजे का मकसद गुनाहों से बचना है। रोजे की हालत में किसी भी प्रकार के झगड़े-फसाद और चुगली न करें। रमजान के अलावा आम दिनों में भी गलत कामों से बचना चाहिए। अल्लाह ताला तरावीह की नमाज में एक सजदे के बदले डेढ़ हजार नेकीयां देते हैं। गांव मलकपुर, गंगेरू, अंबेहटा, खेड़ा कुर्तान सहित प्रमुख मस्जिदों में रमजान के दूसरे जुमे पर रोजेदारों की भीड़ उमड़ी।
विज्ञापन
झिंझाना कस्बे व देहात की सभी जामा मस्जिदों में मुस्लिम धर्मावलंबियों ने दूसरे जुमे की नमाज अता की। नूरिया, नीला रोजा, खारे वाली, शाह मुबारिक, आयशा, नूर मोहम्मदिया, मनिहारों वाली, कुरेशियान, सालारा वाली, पीरखोन वाली आदि मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ रही। रहमत की बारिश लेकर आए रमजान के इस महीने में दूसरे जुमे को अकीदत और एहतराम के साथ नमाज के बाद मुल्क में अमन-चैन की दुआ मांगी गई। जामा मस्जिद नूरिया के इमाम मौलाना आजम ने रमजान की अहमियत और रोजा की फजीलत बयान करते हुए कहा कि रमजान माह में रोजेदारों को ज्यादा से ज्यादा नेकियों के काम करने चाहिए। रोजेदारों में नमाज अदा करने का विशेष उत्साह देखा गया। देहात क्षेत्र में भी जुमा की नमाज उत्साह के साथ अदा की गई। इसके अलावा जलालाबाद और ऊन में भी जुमे की नमाज में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने अता की।
विज्ञापन
शामली/ कैराना/ कांधला/ ऊन/ झिंझाना/ जलालाबाद। जिलेभर में रमजान के दूसरे जुमे की नमाज के बाद देश में अमन-चैन की दुआ की गई। इस दौरान धार्मिक स्थलों के आसपास सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस फोर्स तैनात रही।
शहर में जामा मस्जिद, चांद मस्जिद, दिल्ली रोड मस्जिद समेत सभी मस्जिदों में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने जुमे की नमाज अता की। कैराना में नगर की प्राचीन जामा मस्जिद सहित नगर व ग्रामीण क्षेत्रों की प्रमुख मस्जिदों में पवित्र माह रमजान के दूसरे जुमे की नमाज अकीदत के साथ अता की गई। इससे पूर्व जामा मस्जिद में संबोधन के दौरान शाही इमाम मौलाना ताहिर ने कहा कि रमजान और रोजे हमें संयम और मदद करना भी सिखाते हैं। हमें अपने आसपास रहने वाले गरीब और असहाय लोगों की मदद करनी चाहिए। जिससे वह भी अपने परिवार का गुजर-बसर चला सके। ईद की खुशियों में भी उन्हें शामिल करें। नमाज के बाद अकीदतमंदों ने खुदा की बारगाह में हाथ उठाकर देशभर में अमन-चैन के लिए विशेष दुआ की। इस दौरान सुरक्षा के दृष्टिगत भारी पुलिस फोर्स तैनात रहा।
विज्ञापन
कांधला में जामा मस्जिद, दिल्ली बस स्टैंड पर स्थित मुसाफिर मस्जिद, मयूर तिराहे पर कुरैशियान मस्जिद, नई बस्ती में स्थित हमजा मस्जिद में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने नमाज अता की। गांव गढ़ी दौलत के मदरसा जामिया बदरूल उलूम में हजरत मौलाना आकिल ने जुमे की नमाज कराई। इस मौके पर उन्होंने कहा कि रोजे का मकसद गुनाहों से बचना है। रोजे की हालत में किसी भी प्रकार के झगड़े-फसाद और चुगली न करें। रमजान के अलावा आम दिनों में भी गलत कामों से बचना चाहिए। अल्लाह ताला तरावीह की नमाज में एक सजदे के बदले डेढ़ हजार नेकीयां देते हैं। गांव मलकपुर, गंगेरू, अंबेहटा, खेड़ा कुर्तान सहित प्रमुख मस्जिदों में रमजान के दूसरे जुमे पर रोजेदारों की भीड़ उमड़ी।
विज्ञापन
झिंझाना कस्बे व देहात की सभी जामा मस्जिदों में मुस्लिम धर्मावलंबियों ने दूसरे जुमे की नमाज अता की। नूरिया, नीला रोजा, खारे वाली, शाह मुबारिक, आयशा, नूर मोहम्मदिया, मनिहारों वाली, कुरेशियान, सालारा वाली, पीरखोन वाली आदि मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ रही। रहमत की बारिश लेकर आए रमजान के इस महीने में दूसरे जुमे को अकीदत और एहतराम के साथ नमाज के बाद मुल्क में अमन-चैन की दुआ मांगी गई। जामा मस्जिद नूरिया के इमाम मौलाना आजम ने रमजान की अहमियत और रोजा की फजीलत बयान करते हुए कहा कि रमजान माह में रोजेदारों को ज्यादा से ज्यादा नेकियों के काम करने चाहिए। रोजेदारों में नमाज अदा करने का विशेष उत्साह देखा गया। देहात क्षेत्र में भी जुमा की नमाज उत्साह के साथ अदा की गई। इसके अलावा जलालाबाद और ऊन में भी जुमे की नमाज में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने अता की।