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Shamli News: शासन की घोषणा के बाद भी मंडी में नहीं शुरू हुई आलू खरीद
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- केंद्र प्रभारी की हुई तैनाती, ऑनलाइन बैंक खाता खोलने की प्रक्रिया हुई पूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। शासन की घोषणा के बाद भी कृषि मंडी में सोमवार से आलू खरीद शुरू नहीं हो पाई। आलू खरीद के लिए मंडी प्रशासन की ओर से बैंक खाता खोलने की प्रक्रिया शुरू की गई है। बैंक खाता खुलने के बाद 15 लाख रुपये शासन से अवमुक्त होने पर मंडी में आलू खरीद चालू होगी।
उत्तर प्रदेश बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत आलू खरीद की केंद्र सरकार से सहमति मिली थी। शामली और सहारनपुर जिले की मंडी में सोमवार से खरीद केंद्र खोलने के निर्देश शासन ने दिए थे। इसके बावजूद भी सोमवार से शामली मंडी में आलू खरीद चालू नहीं हुई। शामली मंडी में आलू खरीद के लिए स्टेट बैंक में ऑनलाइन बैंक खाता खोलने के लिए आवेदन किया है। बैंक खाता खुलने पर आलू खरीद के लिए 15 लाख की धनराशि की मांग शासन से की जाएगी। केंद्र प्रभारी के खाते में धनराशि आने के बाद किसानों से आलू खरीद की जाएगी।
मंडी सचिव कुलदीप मलिक ने बताया कि जिला उद्यान अधिकारी सतेंद्र मान ने आलू खरीद केंद्र स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि मंडी निरीक्षक प्रवीण कुमार को केंद्र प्रभारी, मंडी सहायक राहत अनवर को तैनात किया गया है। शासन से आलू खरीद के लिए 15 लाख रुपये केंद्र प्रभारी के खाते में आने के बाद किसानों से आलू की खरीद शुरू की जाएगी। आरटीजीएस से भुगतान किया जाएगा।
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निशुल्क आलू भंडारण आदेश से बढ़ सकती है परेशानी
शासन का शीतगृह में सरकारी खरीद के आलू का निशुल्क भंडारण का आदेश अधिकारियों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। शीतगृह स्वामी आलू और गुड़ आदि के भंडारण का किराया वसूलते हैं। ज्यादातर शीतगृहों में आलू का भंडारण हो चुका है। मंडी सचिव कुलदीप मलिक ने बताया कि जिला उद्यान अधिकारी ने शीतगृहों में निशुल्क आलू भंडारण से हाथ खडे कर दिए हैं। दूसरी ओर, शीतगृहों के संचालक रमेशचंद मराठा, कंवरवीर कांबोज का कहना है कि शामली जिले के ज्यादातर शीतगृहों में आलू का भंडारण पूर्व में हो चुका है। शीतगृह में पांच-दस प्रतिशत ही जगह बची है। भंडारण में बिजली आदि का खर्चा आता है। भंडारण के किराए से शीतगृह का संचालन होता है। निशुल्क आलू भंडारण के चलते शीतगृह का संचालन मुश्किल हो जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। शासन की घोषणा के बाद भी कृषि मंडी में सोमवार से आलू खरीद शुरू नहीं हो पाई। आलू खरीद के लिए मंडी प्रशासन की ओर से बैंक खाता खोलने की प्रक्रिया शुरू की गई है। बैंक खाता खुलने के बाद 15 लाख रुपये शासन से अवमुक्त होने पर मंडी में आलू खरीद चालू होगी।
उत्तर प्रदेश बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत आलू खरीद की केंद्र सरकार से सहमति मिली थी। शामली और सहारनपुर जिले की मंडी में सोमवार से खरीद केंद्र खोलने के निर्देश शासन ने दिए थे। इसके बावजूद भी सोमवार से शामली मंडी में आलू खरीद चालू नहीं हुई। शामली मंडी में आलू खरीद के लिए स्टेट बैंक में ऑनलाइन बैंक खाता खोलने के लिए आवेदन किया है। बैंक खाता खुलने पर आलू खरीद के लिए 15 लाख की धनराशि की मांग शासन से की जाएगी। केंद्र प्रभारी के खाते में धनराशि आने के बाद किसानों से आलू खरीद की जाएगी।
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मंडी सचिव कुलदीप मलिक ने बताया कि जिला उद्यान अधिकारी सतेंद्र मान ने आलू खरीद केंद्र स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि मंडी निरीक्षक प्रवीण कुमार को केंद्र प्रभारी, मंडी सहायक राहत अनवर को तैनात किया गया है। शासन से आलू खरीद के लिए 15 लाख रुपये केंद्र प्रभारी के खाते में आने के बाद किसानों से आलू की खरीद शुरू की जाएगी। आरटीजीएस से भुगतान किया जाएगा।
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निशुल्क आलू भंडारण आदेश से बढ़ सकती है परेशानी
शासन का शीतगृह में सरकारी खरीद के आलू का निशुल्क भंडारण का आदेश अधिकारियों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। शीतगृह स्वामी आलू और गुड़ आदि के भंडारण का किराया वसूलते हैं। ज्यादातर शीतगृहों में आलू का भंडारण हो चुका है। मंडी सचिव कुलदीप मलिक ने बताया कि जिला उद्यान अधिकारी ने शीतगृहों में निशुल्क आलू भंडारण से हाथ खडे कर दिए हैं। दूसरी ओर, शीतगृहों के संचालक रमेशचंद मराठा, कंवरवीर कांबोज का कहना है कि शामली जिले के ज्यादातर शीतगृहों में आलू का भंडारण पूर्व में हो चुका है। शीतगृह में पांच-दस प्रतिशत ही जगह बची है। भंडारण में बिजली आदि का खर्चा आता है। भंडारण के किराए से शीतगृह का संचालन होता है। निशुल्क आलू भंडारण के चलते शीतगृह का संचालन मुश्किल हो जाएगा।