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शुगर मिल को गन्ना देने पर राजनीति
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शुगर मिल को गन्ना देने पर राजनीति
शामली, जलालाबाद। गन्ना भुगतान में देरी को लेकर हसनपुर लुहारी गांव में विरोध का शिकार हो रहे थानाभवन शुगर मिल प्रकरण में अब राजनीति शुरू हो गई है। एक तरफ जहां गांव के किसान थानाभवन के बजाय तितावी शुगर मिल को गन्ना देने की मांग पर अड़े हैं। वहीं दूसरी तरफ शुगर मिल ने कुछ किसानों के अपने पक्ष में हस्ताक्षर कराने शुरू कर दिए हैं। जबकि पिछले दिनों हुए विरोध प्रदर्शन से पता चलता है कि अधिकांश किसान थानाभवन शुगर मिल के खिलाफ हैं।
हसनपुर लुहारी गांव के किसान पिछले कुछ समय से थानाभवन शुगर मिल को गन्ना देने से इंकार कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि थानाभवन मिल का भुगतान अब तक नहीं हुआ। जबकि तितावी मिल तीन महीने पहले सारा भुगतान कर चुका है। किसानों का कहना है कि उनके गांव में तितावी मिल का केंद्र लगाया जाए। किसानों की इस मांग से बजाज शुगर मिल के होश उड़े हुए हैं। मिल के पास पहले से ही गन्ने का रकबा कम है। मिल अधिकारियों को आशंका है कि एक गांव के किसान दूसरे मिल के पास चले गए तो अन्य गांव के किसान भी दूसरे मिल को गन्ना देने की मांग शुरू कर देंगे। शुगर मिल के अधिकारी दिन-रात हसनपुर लुहारी गांव के किसानों से संपर्क कर उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं।
अब शुगर मिल ने अपने पक्ष के कुछ किसानों के बीच एक हस्ताक्षर अभियान शुरू कराया है। जिसमें वह किसानों से थानाभवन शुगर मिल को गन्ना देने पर सहमति जताकर हस्ताक्षर करा रहे हैं। जबकि गांव में बड़ी संख्या में किसान थानाभवन शुगर मिल की लापरवाही से खफा हैं और वे चाहते हैं कि उनका गन्ना अब तितावी शुगर मिल को जाए। किसान आर्यंश सैनी, रामपाल, अतर सिंह ने बताया कि थानाभवन शुगर मिल किसानों का उत्पीड़न कर रहा है। पिछले साल का गन्ना भुगतान अब तक नहीं किया गया है। जबकि अन्य मिल इससे पहले भुगतान कर चुके हैं। जब किसानों को समय से पैसा नहीं मिलेगा तो फिर वह क्यों ऐसे मिल को गन्ना देगा।
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शामली, जलालाबाद। गन्ना भुगतान में देरी को लेकर हसनपुर लुहारी गांव में विरोध का शिकार हो रहे थानाभवन शुगर मिल प्रकरण में अब राजनीति शुरू हो गई है। एक तरफ जहां गांव के किसान थानाभवन के बजाय तितावी शुगर मिल को गन्ना देने की मांग पर अड़े हैं। वहीं दूसरी तरफ शुगर मिल ने कुछ किसानों के अपने पक्ष में हस्ताक्षर कराने शुरू कर दिए हैं। जबकि पिछले दिनों हुए विरोध प्रदर्शन से पता चलता है कि अधिकांश किसान थानाभवन शुगर मिल के खिलाफ हैं।
हसनपुर लुहारी गांव के किसान पिछले कुछ समय से थानाभवन शुगर मिल को गन्ना देने से इंकार कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि थानाभवन मिल का भुगतान अब तक नहीं हुआ। जबकि तितावी मिल तीन महीने पहले सारा भुगतान कर चुका है। किसानों का कहना है कि उनके गांव में तितावी मिल का केंद्र लगाया जाए। किसानों की इस मांग से बजाज शुगर मिल के होश उड़े हुए हैं। मिल के पास पहले से ही गन्ने का रकबा कम है। मिल अधिकारियों को आशंका है कि एक गांव के किसान दूसरे मिल के पास चले गए तो अन्य गांव के किसान भी दूसरे मिल को गन्ना देने की मांग शुरू कर देंगे। शुगर मिल के अधिकारी दिन-रात हसनपुर लुहारी गांव के किसानों से संपर्क कर उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं।
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अब शुगर मिल ने अपने पक्ष के कुछ किसानों के बीच एक हस्ताक्षर अभियान शुरू कराया है। जिसमें वह किसानों से थानाभवन शुगर मिल को गन्ना देने पर सहमति जताकर हस्ताक्षर करा रहे हैं। जबकि गांव में बड़ी संख्या में किसान थानाभवन शुगर मिल की लापरवाही से खफा हैं और वे चाहते हैं कि उनका गन्ना अब तितावी शुगर मिल को जाए। किसान आर्यंश सैनी, रामपाल, अतर सिंह ने बताया कि थानाभवन शुगर मिल किसानों का उत्पीड़न कर रहा है। पिछले साल का गन्ना भुगतान अब तक नहीं किया गया है। जबकि अन्य मिल इससे पहले भुगतान कर चुके हैं। जब किसानों को समय से पैसा नहीं मिलेगा तो फिर वह क्यों ऐसे मिल को गन्ना देगा।
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