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नेताओं से राजनीति कर गए मिल अधिकारी
ब्यूरो/अमर उजाला, शामली।
Updated Sat, 28 May 2016 12:22 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। गन्ना मूल्य भुगतान करने में मिल अधिकारी कितनी मनमानी कर रहे हैं, उसका उदाहरण शामली शुगर मिल पर हुए रालोद के धरने के बाद फिर सामने आ गया। शुगर मिल गेट पर किसानों की भीड़ देखकर घबराए अधिकारियों ने गन्ना मूल्य भुगतान का जो वायदा किया, वह भी पूरा नहीं किया जा सका।
बृहस्पतिवार को रालोद ने शामली शुगर मिल गेट पर धरना प्रदर्शन किया था। धरने में किसानों की जबरदस्त भीड़ पहुंची थी, जिसके चलते गन्ना विभाग और मिल अधिकारियों पर गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर दबाव बना था। धरनास्थल पर पहुंचे मिल अधिकारियों तथा जिला गन्ना अधिकारी ने दावा किया कि जिले की तीनों चीनी मिल आज ही 21 करोड़ रुपये का भुगतान कर देंगी तथा बकाया गन्ना मूल्य 16-16 करोड़ रुपये की किश्त में बांटकर प्रति सप्ताह भुगतान किया जाएगा।
मालू्म चला है कि तय वायदे मुताबिक 21 करोड़ रुपये का भुगतान शुक्रवार को भी किसानों के खाते में नहीं पहुंच सका। विभागीय सूत्रों के मुताबिक शामली शुगर मिल ने तो गन्ना मूल्य भुगतान के लिए एडवाइजरी भी जारी नहीं की, जबकि एडवाईजरी के बाद कम से कम एक दिन तो भुगतान किसानों के खाते में पहुंचने में लग जाता है। वहीं, 16-16 करोड़ रुपये प्रति सप्ताह भुगतान में भी बड़ा खेल कर दिया गया। क्योंकि इस भुगतान को करने में कम से कम पांच महीने बीत जाने तय हैं।
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ऐसी स्थिति में साफ है कि मिल अधिकारियों ने गन्ना मूल्य भुगतान करने में मनमानी की पराकाष्ठा ही पार कर दी है। वहीं, माना जा रहा है कि मिल गेट पर धरना दे रहे किसान और नेताओं के गुस्से को शांत करने के लिए मिल अधिकारियों ने चालाकी दिखाते हुए भुगतान करने का वादा कर दिया।
वहीं, इस मामले के बारे में जिला गन्ना अधिकारी अनिल कुमार भारती का कहना है कि शामली शुगर मिल की ओर से निर्धारित समय 15 जनवरी तक का भुगतान संभवत: सोमवार तक कर दिया जाएगा।
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बृहस्पतिवार को रालोद ने शामली शुगर मिल गेट पर धरना प्रदर्शन किया था। धरने में किसानों की जबरदस्त भीड़ पहुंची थी, जिसके चलते गन्ना विभाग और मिल अधिकारियों पर गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर दबाव बना था। धरनास्थल पर पहुंचे मिल अधिकारियों तथा जिला गन्ना अधिकारी ने दावा किया कि जिले की तीनों चीनी मिल आज ही 21 करोड़ रुपये का भुगतान कर देंगी तथा बकाया गन्ना मूल्य 16-16 करोड़ रुपये की किश्त में बांटकर प्रति सप्ताह भुगतान किया जाएगा।
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मालू्म चला है कि तय वायदे मुताबिक 21 करोड़ रुपये का भुगतान शुक्रवार को भी किसानों के खाते में नहीं पहुंच सका। विभागीय सूत्रों के मुताबिक शामली शुगर मिल ने तो गन्ना मूल्य भुगतान के लिए एडवाइजरी भी जारी नहीं की, जबकि एडवाईजरी के बाद कम से कम एक दिन तो भुगतान किसानों के खाते में पहुंचने में लग जाता है। वहीं, 16-16 करोड़ रुपये प्रति सप्ताह भुगतान में भी बड़ा खेल कर दिया गया। क्योंकि इस भुगतान को करने में कम से कम पांच महीने बीत जाने तय हैं।
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ऐसी स्थिति में साफ है कि मिल अधिकारियों ने गन्ना मूल्य भुगतान करने में मनमानी की पराकाष्ठा ही पार कर दी है। वहीं, माना जा रहा है कि मिल गेट पर धरना दे रहे किसान और नेताओं के गुस्से को शांत करने के लिए मिल अधिकारियों ने चालाकी दिखाते हुए भुगतान करने का वादा कर दिया।
वहीं, इस मामले के बारे में जिला गन्ना अधिकारी अनिल कुमार भारती का कहना है कि शामली शुगर मिल की ओर से निर्धारित समय 15 जनवरी तक का भुगतान संभवत: सोमवार तक कर दिया जाएगा।