फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Police trust broken, girls delivered to college

पुलिस से भरोसा टूटा, बेटियों को पहुंचाया काॅलेज

Tue, 19 Dec 2017 12:16 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/शामली
ब्यूरो, अमर उजाला/शामली Updated Tue, 19 Dec 2017 12:16 AM IST
विज्ञापन
Police trust broken, girls delivered to college
soni muder case - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
कांधला। छात्रा सोनी की हत्या के बाद कई दिन से कॉलेज के आसपास पुलिस सुरक्षा की मांग की जा रही थी, मगर सोमवार को जब स्कूल खुला, तो पुलिस सुरक्षा नहीं थी। जिसके बाद अभिभावकों का पुलिस से भरोसा टूट गया और उन्होंने खुद ही बेटियों को कालेज पहुंचाया। इसके  अलावा जबकि कॉलेज प्रशासन ने भी मांग की थी कि स्कूल खुलने और छुट्टी के दौरान पुलिस सुरक्षा मिलनी चाहिए।
विज्ञापन


13 दिसंबर को गांव गढ़ी श्याम निवासी छात्रा सोनी जब गंगेरू स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल इंटर कॉलेज से घर लौट रही थी, तो गांव के पास ही अमरपाल ने बलकटी से प्रहार करके उसकी हत्या कर दी थी। वारदात के समय सोनी की सहपाठी कई छात्राएं भी साथ थीं। वहीं, अध्यापिका कोमल ने छात्रा को बचाने का प्रयास किया था, तो आरोपी ने उन्हें भी घायल कर दिया था। घटना के बाद से छात्राएं दहशत में आ गई थी। कई दिन तक स्कूल भी जाना बंद कर दिया था। अभिभावकों और कॉलेज प्रशासन ने मांग रखी थी कि छात्राओं को सुरक्षा प्रदान की जाए, ताकि बगैर किसी डर के वह स्कूल आ जा सकें। जिसके बाद वहां पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए थे।
विज्ञापन


सोमवार को जब कॉलेज खुला तो वहां पुलिस सुरक्षा नहीं दिखाई दी। लगातार सुरक्षा की मांग किए जाने पर भी पुलिस सुरक्षा न मिल पाने से लोगों में रोष व्याप्त है। इस कारण कॉलेज में गढ़ी श्याम की छात्राओं की संख्या सोमवार को भी कम रही। जिसके बाद अभिभावक अपनी सुरक्षा में ही छात्राओं को कॉलेज लेकर पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन


अभिभावक नरेश, देवी सिंह, बिजेंद्र, ईसम सिंह ने बताया कि वारदात होने के बाद भी पुलिस में चेतना नहीं आई है। कॉलेज प्रशासन से जयसिंह ने बताया कि कॉलेज में गांव गढ़ीश्याम से करीब 70 छात्राएं आती हैं, सोमवार को उनमें से कुछ छात्राएं अपने अभिभावकों के साथ कॉलेज पहुंचीं। पुलिस अधिकारियों से बातचीत कर फिर से सुरक्षा की मांग की जाएगी।

उधर, छात्रा के मकान पर भी दो दिन के लिए पुलिस सुरक्षा रही, लेकिन अब वह भी नहीं है। छात्रा के पिता बीरसैन का कहना है कि पुलिस सुरक्षा न होने की वजह से उसका परिवार चिंतित है।

बेटी की हत्या का गम और रोटी का संकट
कांधला/शामली। छात्रा सोनी की हत्या को लेकर शामली से लेकर दिल्ली तक हंगामा है। नेता बयानबाजी कर रहे हैं, इंसाफ दिलाने की बड़ी बड़ी बातें हो रही हैं, लेकिन पीड़ित परिवार की तंगहाली पर किसी का ध्यान नहीं है।
एकतरफ बेटी की हत्या के गम में परिवार डूबा हुआ है, तो परिवार के पास आजीविका का कोई साधन न होने की वजह से दो वक्त की             रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है। इसी कारण पीड़ित परिवार ने अपनी भैंस तक बेचने का निर्णय लेना पड़ गया।

गांव गढ़ी श्याम निवासी बीरसैन कश्यप मजदूरी करके परिवार को पालता है। परिवार को पास कृषि भूमि भी नहीं है। मजदूरी करके ही वह अपने बच्चों को पढ़ा भी रहा था, लेकिन 13 दिसंबर को जब उसकी बेटी सोनी की हत्या हुई, तो मजदूरी भी छूट गई। पांच दिन से बीरसैन मजदूरी पर नहीं जा पा रहा है।

इस दशा में परिवार के पास रोटी खाने का भी संकट हो गया है। वहीं, हत्याकांड को लेकर शामली जिले लेकर सहारनपुर और दिल्ली तक कश्यप समाज के लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। गांव गढ़ी श्याम में पहुंचे नेताओं ने जमकर बयानबाजी की। हर नेता यही दावा करता रहा कि हम पीड़ित परिवार के साथ हैं, लेकिन किसी ने भी यह नहीं पूछा कि पीड़ित परिवार रोटी खा पा रहा है या नहीं।

इसी के चलते सोमवार को बीरसैन कश्यप ने अपने घर के आंगन में बंधी दुधारू भैंस बेचने का निर्णय तक कर लिया। मजबूरीवश बीरसैन ने पशु व्यापारी को अपने घर बुलाया और 20 हजार रुपये लेकर भैंस का सौदा करना पड़ गया।

छात्रा के चाचा सेठपाल का कहना है कि जब जनप्रतिनिधि और सरकार ही पीड़ित की मदद नहीं कर रहे, तो ऐसी दशा में पशु तो बेचना ही पड़ेगा, नहीं तो परिवार को रोटी कहां से खिलाएंगे। क्योंकि बीरसैन के पास परिवार को पालने के लिए मजदूरी के अलावा कोई जरिया नहीं है और बेटी की हत्या के बाद बीरसैन मजदूरी पर भी नहीं जा           रहा है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed